बुजुर्ग मां का दर्द...आठ बेटियां, एक बेटा, बीमारी ने घेरा तो अस्पताल में लावारिस छोड़ गए, यहां गैर कर रहे सेवा

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 10:31 AM IST
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रामकाैर बीमारी की वजह से काफी कमजाेर हाे चुकी हैं। उनकाे पाेलियाे की शिकायत है, वह खड़ी नहीं हाे सकतीं। तीन दिन से घर से निकली हुई हैं। उनका पति, 8 बेटियां व एक बेटा है। लेकिन किसी ने भी यह तक जानने की काेशिश नहीं कि घर की बुजुर्ग सदस्य कहां अाैर किस हाल में हैं। यहां अस्पताल में भी बुजुर्ग रामकौर रह-रहकर अपने बच्चों को ही याद करती रहती हैं।

मां बोली- पूरे जीवन में 48 हजार कमाए, वो भी बेटे ने हड़पे

जिला अस्पताल प्रशासन के मुताबिक रामकाैर काे गुरुवार भर्ती किया गया था, लेकिन कुछ समय बाद ही वह कहीं चली गई। पुन: फीमेल वार्ड में पहुंची ही नहीं अाैर फिर अस्पताल परिसर में ही भटकने लगी। शुक्रवार दाेपहर बाद करीब 3:30 बजे जिला अस्पताल से ही किसी ने तपाेवन प्रन्यास काे असहाय बुजुर्ग महिला की जानकारी दी। इस पर तपाेवन ब्लड बैंक के अध्यक्ष उदयपाल झाझड़िया माैके पहुंचे। उन्हाेंने तुरंत अपने स्टाफ काे बुलाया तथा वृद्धा काे सर्राफ काॅटेज वार्ड में ले गए। जहां पहले वृद्धा काे ज्यूस पिलाया गया, नाश्ता दिया गया। फिर चेयर पर बैठाया गया तथा उनके परिवार के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। झाझड़िया ने बताया कि प्रन्यास द्वारा बुजुर्ग रामकाैर काे वार्ड में रखने, तथा खाने व दवा अादि की व्यवस्था प्रन्यास द्वारा निशुल्क की जाएगी।

सर्राफ काॅटेज की केयर टेकर मूर्ती देवी काे राम काैर के सार संभाल की जिम्मेदारी दी गई है। मूर्ती देवी ने ही वृद्धा काे नहलाया अाैर कपड़े पहनाए। इसके बाद उनका इलाज शुरू कर दिया गया। काॅटेज स्टाफ द्वारा बुजुर्ग के ड्रिप चढ़ाकर डाॅक्टर काे दिखाया गया। झाझड़िया का कहना है कि यदि अब भी बुजुर्ग के परिजन नहीं अाए ताे सूरतगढ़ से पता किया जाएगा। वृद्धा के पास से एक अाधार कार्ड व दाे बैंकाें की पासबुक मिली है। इसमें लिखे पते के अनुसार उसके घर तक जानकारी भेजेंगे। फिलहाल उसकी बेटी व पति से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।

रामकाैर ने बताया कि उनके पति लाल सिंह काफी बुजुर्ग हैं। कुल्फी बेचकर परिवार चला रहे हैं। एक बेटी कुंवारी है, वह साथ रहती है। कई वर्षाें की मेहनत-मजदूरी व पेंशन से करीब 48 हजार रुपए की पूंजी जमा हुई थी। कुछ महीने पहले बेटा अाया, एक कागज पर अंगूठा लगाकर ले गया। बाद में पता चला कि बैंक में जमा 48 हजार रुपए उसने निकाल लिए। अनेक बार उससे रुपए मांगे, लेकिन नहीं लाैटाए। अब हमारा क्या हाेगा, कैसे गुजारा चलेगा, कुछ समझ ही नहीं अा रहा।

अपील: बच्चों को ऐसे संस्कार दीजिए कि वो आपको छोड़ें नहीं

बुजुर्ग मां ने भास्कर को बेटियों व बेटों के नाम भी बताए, लेकिन भास्कर उन्हें अपमानित करने के बिल्कुल पक्ष में नहीं है। लेकिन हम उनसे अपील करते हैं कि वे अपनी बुजुर्ग मां की देखरेख करें और उनका इलाज करवाएं। भास्कर सभी माता-पिता से भी आग्रह करता है कि अपने बच्चों को ऐसे संस्कार दें कि वे किन्हीं भी परिस्थितियों में उन्हें छोड़कर नहीं जाएं। हमेशा उनके साथ रहें। डा.दर्शन आहूजा बताते हैं, हर माता-पिता रात का खाना अपने बच्चों के साथ खाएं तो इससे समस्या का हल हो सकता है। वे उनकी हर गतिविधियों पर नजर रखें।

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