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यूअाईटी ने व्यय काे रखे 34 बिंदु, 9 एेसे जिनमें 10 कराेड़ से अधिक खर्च करना था, 3 साल में हुअा 1 रुपया भी नहीं

2 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर

नगर परिषद की भांति ही यूअाईटी भी हर साल कराेड़ाें रुपए विकास कार्य के नाम पर खर्च किए जाने का सपना दिखाती है। लेकिन धरातल से इसका काेई लेना देना नहीं रहता। न्यास द्वारा हर साल डिवाडर बनाए जाने, नई काॅलाेनियां विकसित करने, अल्प संख्यक बस्तियाें का विकास करवाए जाने, सहभागिता याेजनाअाे में खर्च करने, नए पार्क, चाैक अादि बनाए जाने की बात कही जाती है।

इसके बाद अागामी बजट बैठक तक सिर्फ कागजाें में ही विकास कार्य चलते रहते हैं। राेचक यह कि बीते 3 साल से लगातार न्यास द्वारा बजट बैठक में व्यय के नाम पर 34 िबंदु रखे जाते रहे हैं। इनमें से 9 एेसे हैं जिन पर करीब साढ़े 10 कराेड़ रुपए खर्च किए जाने की बात कही गई थी लेकिन अाज तक इन मदाें में एक भी रुपया खर्च नहीं हुअा है। वर्ष 2018-19 में प्राप्तियां 122.48 कराेड़ रुपए के सामने 122.40 कराेड़ रुपए व्यय करने का बजट स्वीकृत किया गया। लेकिन इस वर्ष 17.67 कराेड़ रुपए ही प्राप्तियां हाे सकीं। इस पर 24.18 कराेड़ रुए ही व्यय हाे सके हैं।

कागजों में ही बनता बिगड़ता है बजट-अाप भी जानिए कैसे हर साल बजट घटा-बढ़ा अाैर खर्च भी नहीं किया जा सका

1.केवल विकास करवाने के लिए बजट रखा, खर्चा एक भी रुपया नहीं : यूअाईटी द्वारा भूमि अवाप्ति/हस्तानांतरण मद में वित्तीय वर्ष 2017-18 व 18-19 में क्रमश: 10 व 20 कराेड़ बजट रखा, लेकिन खर्च एक भी रुपया नहीं हुअा। इस बजट में भी इस मद में 18 कराेड़ रुपए फिर रखे गए हैं। इसी तरह ऋण व ब्याज का भुगतान के लिए तीन साल से 3 कराेड़ रुपए रखे जा रहे हैं, व्यय एक भी रुपया नहीं हुअा है। सहभागी याेजना में 5 लाख, सामाजिक संस्थाअाें के विकास पर 2017-18 में 10 लाख व 2018-19 में 30 लाख रुपए रखे, खर्चे कुछ भी नहीं। नगर परिषद काे भी 15 प्रतिशत देय भुगतान के लिए वर्ष 2017-18 में 2 कराेड़, 2018-19 में 3 कराेड़ रुपए रखे, लेकिन दिया एक भी रुपया नहीं। अल्प संख्यक बस्तियाें के विकास, फायर सेस, ब्याज भुगतान, अापतकालीन/ अाकस्मिक व्यय अादि की भी यही स्थिति है।

...अाैर हकीकत यह- काम नहीं हुए तब भी न्यास काे घटाना पड़ रहा अपना बजट

न्यास द्वारा वर्ष 2017-18 में नगर विकास क्षेत्र में नगर साैंदर्यीकरण, डिवाइडर, राेड, विद्युतीकरण, शाॅपिंग काम्पलेक्स, अावास निर्माण, सीवरेज अंशदान के लिए 16.98 कराेड़ बजट रखा, लेकिन खर्च केवल 2.04 कराेड़ ही हाे सके। 2018-19 में इसी मद में बजट में अाैर बढ़ाेतरी करते हुए 42.30 कराेड़ लक्ष्य रखा गया, लेकिन इस बार भी 3.24 कराेड़ ही खर्च हाे सके। इसलिए वर्ष 2019-20 के लिए इस मद में खर्चा घटाते हुए 37.52 कराेड़ रुपया रखा गया है। गैर न्यास क्षेत्र में वर्ष 2017-18 में 70 लाख रुपए खर्च किए जाने का बजट रखा गया, खर्च हुअा 30.48 लाख रुपए। वर्ष 2018-19 में इस मद काे बढ़ाकर 2 कराेड़ किया गया, तब खर्च 1.05 कराेड़ हाे सका। इस पर इस बार घटाकर 1.10 कराेड़ रखा गया है।

2. कुछ मद एेसे रखे जिनमें खर्च के लिए काेई राशि नहीं रखी, लेकिन व्यय लाखाें में हाे गया : यूअाईटी ने लेबर सैस,भवन मानचित्र अनुमाेदन के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 में बजट सुन्य रखा, लेकिन इस मद में वास्तविक खर्चा 24.35 लाख हाे गया। इस पर वर्ष 2018-19 में 50 लाख रुपए बजट रखा गया, इस पर 18.63 लाख रुपए खर्च हुए हैं। इस बार इस मद के लिए 65 लाख रुपए खर्च किए जाने का अनुमानित बजट रखा गया है। इसी तरह अनाधिकृत कब्जे हटाने पर व्यय एवं न्यास संपत्तियाें की सुरक्षा के लिए फैंसिंग कार्य के लिए वर्ष 2017-18 में 15 लाख रुपए रखे गए, लेकिन खर्च 17.52 लाख रुपए हाे गए। इस पर इसे 2018-19 में 50 लाख कर दिया गया, लेकिन इस बार मात्र 9 हजार ही खर्च हुए। अब इस मद के लिए केवल 2 लाख रुपए ही रखे गए हंै।

ऐसे कैसे तैयार होता है बजट-अाय के नाम पर 23 मद रखे गए हैं, इनमें से अधिकतर एेसे जिनसे अाय हाेती ही नहीं है

यूअाईटी द्वारा अावासीय भूखंडाें/निर्मित व्यवसायिक दुकानाें के विक्रय, संस्थाअाें एवं उपक्रमाें, भूमि एवं संपत्ति बिक्री से राजस्व प्राप्ति के लिए वर्ष 2018-19 में 30 कराेड़ रुपए अनुमानित अाय रखी, लेकिन मिला 2.34 कराेड़ ही। वर्ष 2019-20 में इस मद से 9 कराेड़ अाय का अनुमान लगाया गया है। इसी तरह नवीन याेजनाअाें में भूखंडाें के विक्रय से अाय के लिए वर्ष 2018-19 में 10 कराेड़ रुपए अाय का लक्ष्य रखा, लेकिन अाय एक रुपए की ही नहीं हुई। इस वित्तीय वर्ष में इसी मद काे बढ़ाते हुए 27 कराेड़ किया गया है। शुगर मिल की भूमि के अावासीय व व्यवसायिक भूखंडाें के विक्रय पर संभावित यूअाईटी का 10 प्रतिशत एजेंसी चार्जेज के ताैर पर वर्ष 2018-19 में 7.11 कराेड़ अाय का अनुमान था, अाय एक रुपए भी नहीं हुई। अब 50 लाख अाय हाेने का अनुमान लगाया गया है। बैंक, हुडकाे, अारयूडीएफ वित्तीय संस्थान से सीवरेज/ड्रेनेज/अफाेर्डेबल/अारअाेबी/ईडब्ल्यूएस/एलअाईजी के लिए भवन निर्माण/ भूमि अावप्ति के लिए ऋण के ताैर पर गत वर्ष 35 कराेड़ रुपए अाय का अनुमान था, इस मद से भी काेई रुपया प्राप्त नहीं हुअा है।

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