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मेडिकल व डेंटल कॉलेजों के एमबीबीएस और बीडीएस में प्रवेश पाने के लिए नीट 5 मई को

Shriganganagar News - भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर देश के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के एमबीबीएस और बीडीएस कोर्सेस में प्रवेश के लिए...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 05:10 AM IST
Sriganganagar News - to get admission in mbbs and bdss of medical and dental colleges on 5th may
भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर

देश के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के एमबीबीएस और बीडीएस कोर्सेस में प्रवेश के लिए होने वाला नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) इस बार 5 मई को होगा। अब सिर्फ 4 महीने का समय ही परीक्षा की तैयारी के लिए बचा है। हमने एक्सपर्ट से जाना कि विद्यार्थी अभी से कैसी स्ट्रेटेजी और प्लानिंग फॉलो करें, जिससे उनका स्कोर बेहतर हो और उन्हें नेशनल रैंकिंग का अच्छा कॉलेज मिले। एक्सपर्ट का कहना है कि यदि विद्यार्थी 720 में से 550+ मार्क्स टारगेट करें तो गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों को दाखिला मिल सकता है।

फिजिक्स आैर केमिस्ट्री के न्यूमेरिकल के सवालों की करें प्रैक्टिस

2011 के बाद नीट में क्वेश्चन पेपर का लेवल थोड़ा मुश्किल हुआ है, उससे पहले काफी आसान पेपर आया करता था। 2011 से लेकर अभी तक के सारे प्रीवियस ईयर के पेपर्स सॉल्व करें। अभी दो महीने ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी फिजिक्स आैर केमिस्ट्री के न्यूमेरिकल सवालों की प्रैक्टिस कर अपने आप को और बेहतर बनाने की ओर से काम कर सकते हैं। एनसीईआरटी बुक्स की कम से कम 10 रीडिंग्स जरूर लगाएं। अभी से फुल लेंथ नीट का टेस्ट देने की प्रैक्टिस करें। माॅक टेस्ट में अगर 300 अंक आ रहे हैं, तो घबराएं नहीं। इंप्रूव होते-होते आप फाइनल परीक्षा में अच्छा परफॉर्म कर लेंगे। अपने मॉक टेस्ट का परीक्षण करें। यहां ध्यान रखें कि पेपर सॉल्व करने में आप बार-बार किसी कॉन्सेप्ट को गलत अप्लाई कर रहे हैं, तो उसे फिर से समझें और गलती को सुधारें।

एनसीईआरटी से आते हैं सबसे ज्यादा सवाल

विद्यार्थी अगर अभी प्रिपरेशन शुरू कर रहे हैं, तो बेहतर है कि वे एनसीईआरटी के सिलेबस पर ही फोकस करें। नीट के अधिकतर सवाल 11वीं और 12वीं के एनसीईआरटी सिलेबस से ही आते हैं। ऐसे में ये एनसीईआरटी पर तैयारी के लिए बेहतर हैं।

सीबीएसई टॉपर विद्यार्थियों को मिलेगा ए-वन ग्रेड, अब कुल 8 कैटेगरी में दी जाएगी ग्रेडिंग

भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) से मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए नए बदलाव किए गए हैं। इस बार छात्र-छात्राओं को कंटीन्युअस एंड कॉम्प्रिहेंसिव इवेल्यूएशन (सीसीई) की बजाय छात्रों को ग्रेड दिए जाएंगे। इसके हिसाब से उनके पास और फेल होने का आधार तय किया जाएगा। इस बार ग्रेड को 8 कैटेगरी में बांटा गया है। इसके आधार पर पता लगाया जा सकता है कि छात्र ने परीक्षा में कितना बेहतर स्कोर किया है। सीबीएसई, बोर्ड एग्जाम की डेटशीट जनवरी के पहले हफ्ते में जारी कर सकता है। पिछले साल भी दिसंबर निकलने के बाद जनवरी में ही डेटशीट जारी की गई थी और इस बार भी यही संभावना जताई जा रही है कि परीक्षा का शेड्यूल जनवरी के पहले हफ्ते में ही जारी होगा। बता दें कि वोकेशनल सब्जेक्ट के लिए डेटशीट पहले ही जारी कर दी गई है। वोकेशनल सब्जेक्ट की परीक्षाएं फरवरी से शुरू होकर मार्च तक चलेंगी। इस बीच प्रैक्टिकल परीक्षाएं भी कराई जाएंगी।

विद्यार्थियों को ऐसे मिलेगी ग्रेडिंग: जानकारी के अनुसार छात्रों को रैंकिंग ऑर्डर के मुताबिक ग्रेड्स दिए जाएंगे। ग्रेड्स इंटरनल और प्रैक्टिकल दोनों के लिए मिलेंगे। इसमें कुल पास छात्रों को 8 समूहों में बांटा जाएगा। सबसे ज्यादा अंक पाने वाले छात्रों को ए-वन ग्रेड और फेल होने वाले छात्रों को ई-ग्रेड दिया जाएगा। इसके अलावा छात्रों को ए-टू, बी-वन, बी-टू, सी-वन, सी-टू, डी-वन, डी-टू आदि ग्रेड दी जाएगी।

विशेष विषय पास करने पर दिया जाएगा मेरिट सर्टिफिकेट

परीक्षा पास करने वाले श्रेष्ठ विद्यार्थियों को विशेष विषय पास करने पर मेरिट सर्टिफिकेट दिया जाएगा। यह सर्टिफिकेट उन्हें तभी मिलेगा, जब वह बोर्ड द्वारा निर्धारित क्राइटेरिया के आधार पर यह परीक्षा पास करते हैं। छात्रों के अंकों का राउंड ऑफ जिनके अंक 1000 के सबसे करीब बनेंगे, उन्हें सर्टिफिकेट मिलेंगे। अगर यह आंकड़ा 500 से कम होता है, तो उन्हें कोई सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा।

भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) से मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए नए बदलाव किए गए हैं। इस बार छात्र-छात्राओं को कंटीन्युअस एंड कॉम्प्रिहेंसिव इवेल्यूएशन (सीसीई) की बजाय छात्रों को ग्रेड दिए जाएंगे। इसके हिसाब से उनके पास और फेल होने का आधार तय किया जाएगा। इस बार ग्रेड को 8 कैटेगरी में बांटा गया है। इसके आधार पर पता लगाया जा सकता है कि छात्र ने परीक्षा में कितना बेहतर स्कोर किया है। सीबीएसई, बोर्ड एग्जाम की डेटशीट जनवरी के पहले हफ्ते में जारी कर सकता है। पिछले साल भी दिसंबर निकलने के बाद जनवरी में ही डेटशीट जारी की गई थी और इस बार भी यही संभावना जताई जा रही है कि परीक्षा का शेड्यूल जनवरी के पहले हफ्ते में ही जारी होगा। बता दें कि वोकेशनल सब्जेक्ट के लिए डेटशीट पहले ही जारी कर दी गई है। वोकेशनल सब्जेक्ट की परीक्षाएं फरवरी से शुरू होकर मार्च तक चलेंगी। इस बीच प्रैक्टिकल परीक्षाएं भी कराई जाएंगी।

विद्यार्थियों को ऐसे मिलेगी ग्रेडिंग: जानकारी के अनुसार छात्रों को रैंकिंग ऑर्डर के मुताबिक ग्रेड्स दिए जाएंगे। ग्रेड्स इंटरनल और प्रैक्टिकल दोनों के लिए मिलेंगे। इसमें कुल पास छात्रों को 8 समूहों में बांटा जाएगा। सबसे ज्यादा अंक पाने वाले छात्रों को ए-वन ग्रेड और फेल होने वाले छात्रों को ई-ग्रेड दिया जाएगा। इसके अलावा छात्रों को ए-टू, बी-वन, बी-टू, सी-वन, सी-टू, डी-वन, डी-टू आदि ग्रेड दी जाएगी।

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