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बचत तथा निवेश में क्या अंतर है और इनमें से कौन अधिक महत्वपूर्ण?

3 वर्ष पहले
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अजय केडिया, एमडी, केडिया एडवाइजरी, मुंबई

हम समझते हैं कि बचत और निवेश एक ही बात है। जरूरी नहीं कि हकीकत में एेसा हो।। दोनों तरीके आपके वित्तीय लक्ष्य हासिल करने में निर्णायक हैं। दोनों में आपको अपना पैसा अलग निकालकर रखना होता है पर उद्‌देश्य भिन्न होते हैं। बचत उसे कहते हैं जिसमें आप थोड़ा-थोड़ा पैसा जोड़कर बड़ा फंड बनाते हैं ताकि अल्पकालिक जरूरतें पूरी की जा सकें। जैसे हम बचपन में कॉमिक बुक खरीदने के लिए पिगी बैंक में पैसा रखते थे। यह एकदम सही उदाहरण है। यदि आपके ध्यान में आया हो तो हमने कभी उस पर कमाई जाने वाली ब्याज दर अथवा उस पैसे पर मिलने वाले रिटर्न पर गौर नहीं किया। इसमें एक ही उद्‌देश्य यही होता है कि जब पैसे की जरूरत पड़े तो वह आसानी से उपलब्ध रहे। कैश, सेविंग उकाउंट अथवा करंट अकाउंट में रखा पैसा बचत कहलाता है। दूसरी तरफ निवेश में किसी वित्तीय फायदे अथवा किसी निश्चित अवधि में पैसा बढ़ने की उम्मीद से किसी निवेश माध्यम में पैसा लगाने की वचनबद्धता होती है। इसमें एक निश्चित अवधि में तय राशि जमा करनी होती है। इस तरह म्युचुअल फंड, शेयर और सोने में पैसा लगाना, जहां रिटर्न निश्चित नहीं होता, निवेश कहलाता है। रिटर्न कंपनी के प्रदर्शन, मार्केट की स्थिति और आम आर्थिक मनोभाव पर निर्भर होता है। हम यदि निवेश करते हैं तो इन सारी बातों पर विचार करते हैं और इसके साथ अपने लक्ष्य को भी ध्यान में रखते हैं कि हमें वांछित राशि कितनी अवधि में प्राप्त हो जाएगी।

इस तरह आपके ध्यान में यह बात आई होगी कि बचत वर्तमान और निवेश भविष्य के लिए होता है। एेसे में पहली बात तो अपने उद्‌देश्य की पहचान है। आप अपने पैसे का निवेश या उसकी बचत क्यों करना चाहते हैं? गौर करें कि आपके लक्ष्य कैसे हैं- अल्पकालिक, मध्यम या दीर्घावधि हैं? अल्पावधि लक्ष्यों, आपातकालीन परिस्थतियों और अचानक आने वाले खर्च के लिए बचत करना बुद्धिमानी है, क्योंकि तब यह पैसा तत्काल उपलब्ध रहता है। इससे छोटे लक्ष्य प्राप्त करना आसान हो जाता है। लेकिन, दीर्घावधि में अपनी बदलती प्राथमिकताओं और मुद्रास्फीति को देखते हुए बचत, रिटायरमेंट अथवा बच्चे की शिक्षा जैसे लक्ष्यों के लिए कम पड़ सकती है, क्योंकि उसके लिए बचत का पैसा बढ़ना जरूरी है।

रणनीति बहुत आसान है : एक, वित्तीय कुशन बनाकर खुद को अनपेक्षित लागत और अल्पकालिक जरूरतों के खिलाफ संरक्षित कीजिए। इससे जहां आपका पैसा ऐसी जगह सुरक्षित है, जहां आप कभी भी पहुंच सकते हैं और वहां मामूली ब्याज भी मिल रहा है। एक बार यह वित्तीय सुरक्षा हो जाए तो फिर भविष्य के लिए निवेश करना शुरू करें। याद रहे, कोई भी पैसा जो आप बाजार में निवेश करते हैं, वह वहां कम से कम तीन साल तक रहे। इस तरह कोई भी निर्णय लेने के पहले ये सारी बातें और विकल्प को ध्यान में रखें।

 
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