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डाॅक्टर, इंजीनियर व सीए बनने की चाहत में संगीत व चित्रकला विषय से दूर हो रहे युवा

भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर वर्तमान समय में डाॅक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, सीए बनाने की चाह में युवा वर्ग संगीत और...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 09:16 AM IST
Sriganganagar - youth moving away from music and painting topics in the desire to become a doctor engineer and ca
भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर

वर्तमान समय में डाॅक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, सीए बनाने की चाह में युवा वर्ग संगीत और चित्रकला विषय से दूर हो रहा है। स्थिति ऐसी बन चुकी है कि हर क्रमोन्नत होने वाला सरकारी स्कूल विज्ञान और कला वर्ग में भूगोल जैसे विषय पर फोकस कर रहा है। इसके विपरीत जिलेभर में निजी स्कूलों में इन दिनों विषय के अध्ययन की सुविधा नहीं है। इस कारण इन विषयों को लेकर अभी तक बच्चों में बेहतर भविष्य का रुझान नहीं बन सका है। जानकारी के अनुसार जिले की 2 सरकारी स्कूलों में संगीत विषय उपलब्ध है। इसमें एक पुरानी आबादी स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल नंबर 4 व दूसरा मटका चौक स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में संगीत शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। आज के समय में संगीत में बच्चों को बेहतर भविष्य और अपने हुनर के लिए कई रियलिटी शो और टैलेंट हंट कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इसमें संगीत को अहमियत मिलती है। यहां पर विजेता को करोड़ों का इनाम और अच्छा भविष्य का लाभ मिलता है। अच्छे कॅरिअर के बावजूद अब कोई भी स्कूल स्तर पर संगीत में रुचि नहीं ले रहा है। ऐसी स्थिति चित्रकला विषय की है।

विशेषज्ञों की राय: चित्रकला विषय में मिल सकता है प्लेसमेंट, मल्टीनेशनल कंपनी को होती है जरूरत

जिला समान परीक्षा के सह संयोजक भूपेश शर्मा बताते हैं कि चित्रकला विषय को सरल समझकर युवा कक्षा बारहवीं तक में प्रवेश लेते हैं। इसके बाद कॉलेज शिक्षा में चित्रकला नहीं लेते हैं। वे यही सबसे बड़ी गलती करते हैं। दिल्ली, मुंबई, गुजरात, जयपुर आदि जगहों पर चित्रकला विषय में स्नातक तक अध्ययन कराने के बाद यूनिवर्सिटी प्लेसमेंट किया जाता है। जहां से ग्रेजुएशन के बाद कई मल्टीनेशनल कंपनी को जरूरत रहती है। उन्होंने बताया कि आज के इस समय में हर कंपनी के प्रोडक्ट का लेवल, लोगो और डिजाइन बनाने के लिए विज्ञापन एजेंसी और आर्टिस्ट से संपर्क करती है। इसमें अच्छी सैलरी, रॉयल्टी और एकमुश्त पैसा मिलता है। इसी प्रकार ग्रेजुएशन के बाद बीएड करके शिक्षक बनने का मौका होता है। पूरे राज्य में चित्रकला के करीब 60 प्रतिशत से अधिक रिक्तियां हैं। इसके साथ ही चित्रकला को लेकर भारत सरकार व कई कंपनियों की ओर से प्रदर्शनी लगाई जाती है। इसमें अच्छा खासा मुनाफा होता है। बड़े शहरों में चित्रकला को लेकर कई प्राइवेट स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में मौका होता है।

सरकारी स्कूलों में अन्य जिलों से आए शिक्षक सिखा रहे चित्रकला: जिले में 5 सरकारी स्कूलों में चित्रकला विषय संचालित किया जा रहा है। इसके बावजूद बच्चों का इसमें रुझान नहीं बन रहा है। इस कारण जिलेभर के सरकारी स्कूलों में संचालित इन विषयों में कोई शिक्षक भी नहीं मिल रहे हैं, जिससे अन्य जिले से शिक्षक यहां की स्कूलों में ड्यूटी कर रहे हैं। इसके अलावा जिलेभर की सरकारी स्कूलों में पद रिक्त चल रहे है।

फैक्ट फाइल

सरकारी स्कूल में विषय - स्वीकृत पद - रिक्त पद

चित्रकला 5 1

संगीत 2 2

आत्मनिर्भर और तनावमुक्त जिंदगी देने का विषय है संगीत

एडीईओ माध्यमिक अशोक वधवा के अनुसार संगीत विषय कक्षा में स्नातक होने के बाद आप के पास आत्मनिर्भर होने का बेहतरीन मौका होता है। आप संगीत के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में भविष्य बना सकते है, जिसमें पूरे राजस्थान में पद रिक्त चल रहे हैं। इसके अलावा रेडियो जॉकी, दूरदर्शन, टीवी शो और स्टूडियो में अच्छा कॅरिअर होता है। यहां पर संगीत को लेकर विभिन्न पदों पर भर्ती होती है। भारतीय संगीत को लेकर विदेशों में भी अच्छा स्कोप है। वहां पर विभिन्न पदों में अच्छी मांग होती है।

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