सुजानगढ़ / 93 साल पुराने सोने के रथ पर निकाली शोभायात्रा, साल में सिर्फ दो बार नजर आता है



93-year-old gold chariot in Sujangarh
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93-year-old gold chariot in Sujangarh

  • जैन समाज के बुजुर्ग बताते हैं, देश में ऐसे तीन रथ कोलकाता, नागौर और अजमेर में भी हैं
  • रथ को भगवान महावीर जयंती व दशलक्षण पर्व के अनंत चतुर्दशी के दिन सजाया जाता है

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2019, 06:34 AM IST

सुजानगढ़. बेजोड़ कलाकृति से जुड़ी रथ की ये भव्य तस्वीर सुजानगढ़ की है। दिगंबर जैन समाज का 93 साल पुराने इस रथ पर सोने का वर्क किया हुआ है। इसे साल में दो बार ही शहर के लोगों को देखने का मौका मिलता है।

 

रथ को बस स्टैंड स्थित नसियां से भगवान महावीर जयंती व दशलक्षण पर्व के अनंत चतुर्दशी के दिन इसे पूरा जोड़कर सजाया जाता है। गुरुवार को अनंत चतुर्दशी पर शोभायात्रा निकाली गई। इस रथ को सुजानगढ़ के कारीगरों ने ही बनाया था। जैन समाज के बुजुर्ग बताते हैं कि एक बार बीकानेर के महाराजा गंगासिंह भी इस रथ की सवारी देखने आए थे। उन्होंने कहा था कि ये ऐसी चीज है कि यदि इन घोड़ों व रथ को इंग्लैंड के म्यूजियम में रख दिया जाए तो इसकी कीमत लगाना बेहद मुश्किल हो जाए।

 

दावा : देश में इस तरह का सुजानगढ़ में ये चौथा रथ
समाज के बुजुर्ग अशोक विनायक्या व अध्यक्ष विमल पाटनी ने बताया कि पूरे देश में हुबहू ऐसे चार रथ हैं। कोलकाता, नागौर, अजमेर के बाद चौथा रथ सुजानगढ़ में ही है। हालांकि, दिगंबर जैन समाज में स्वर्ण रथ कई जगह है, लेकिन ऐसी कलाकृति और भव्यता से जुड़े ये चार ही रथ है। रथ को जब शहर में घुमाया जाता है तो इसके साथ एक वेदी, 108 चांदी के कलशों से निर्मित दो झाड़, कई पताकाओं व एक सुंदर चांदी से बनी परियों का धूपदान भी होता है। रथ पर सारथी, कोषाध्यक्ष व भगवन को विराजमान करने वाले व दोनों तरफ भगवान के चंवर ढुलानेवाले बिराजते हैं।

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