--Advertisement--

इस किले को कहा जाता है 'कुंवारा किला', बाबर और जहांगीर भी रुक चुके इसमें

किले के जिस कमरे में जहांगीर ठहरा था, उसे सलीम महल के नाम से जाना जाता है। इस किले में एक दिन बाबर ने भी बिताया था।

Dainik Bhaskar

Jan 06, 2018, 02:20 AM IST
alwar bala fort called kunwara quila

जयपुर/अलवर. राजस्थान का हर किला किसी न किसी रियासत की कहानी बताता है। इन्हीं में से एक है अलवर का बाला किला, जिस पर मुगलों, मराठों और जाटों का शासन रहा। इसे खास दुश्मन पर गोलियां बरसाने के लिए तैयार किया गया था। इस किले पर कभी युद्ध नहीं होने के कारण इसे कुंवारा किला भी कहते हैं। मौजूदा दौर में यह पर्यटन स्थल के रूप में विकसित है।

क्या है इसकी खासियत

- ये माना जाता है कि इस किले का निर्माण 1492 में हसन खान मेवाती ने शुरू करवाया था।
- 1775 में इस किले पर माहाराव राजा प्रताप सिंह का राज था, जिन्होंने अलवर की स्थापना की।
- पहाड़ पर बना ये किला उत्तर से दक्षिण दिशा में करीब 5 किलोमीटर तक फैला है। वहीं, पूर्व से पश्चिम में इसकी लंबाई 1.6 किलोमीटर की है।
- किले में आने जाने के लिए कुल 6 दरवाजे थे। जिनके नाम जय पोल, सूरज पोल, लक्ष्मण पोल, चांद पोल, किशन पोल और अंधेरी पोल थे।

एक दिन बाबर ने भी बिताया

- यह किला अपनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। अंदर से कई भागों में बंटा हुआ है। एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने के लिए कई तरफ से सीढ़ियां हैं।

- किले के जिस कमरे में जहांगीर ठहरा था, उसे सलीम महल के नाम से जाना जाता है। इस किले में एक दिन बाबर ने भी बिताया था।

खास बातें
- बाला किला से शहर का भव्य रूप नजर आता है। समुद्र तल से ऊंचाई 1960 फुट है। यह 8 किलोमीटर की परिधि में फैला हुआ है। दुश्मन पर गोलियां बरसाने के लिए खास तौर से इसे तैयार किया गया था।

- दुश्मन पर बंदूकें चलाने के लिए किले की दीवारों में करीब 500 छेद हैं, जिनमें से 10 फुट की बंदूक से भी गोली चलाई जा सकती थी।

- दुश्मनों पर नजर रखने के लिए 15 बड़े 51 छोटे बुर्ज और 3359 कंगूरे हैं। इस किले पर निकुंभ, खान जादा, मुगलों, मराठों, जाटों राजपूतों का शासन रहा।

किले में एक मंदिर

बाला किला क्षेत्र में कुंभ निकुंभों की कुलदेवी, करणी माता मंदिर, तोप वाले हनुमान जी, चक्रधारी हनुमान मंदिर, सीताराम मंदिर सहित अन्य मंदिर, जय आश्रम, सलीम सागर, सलीम बारादरी स्थित हैं। मंगलवार शनिवार को मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश निशुल्क है।

- सरिस्का क्षेत्र में आने के कारण वन विभाग की ओर से दुपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए रेट निर्धारित है, जबकि बाला किला में प्रवेश निशुल्क है।

कब और कैसे पहुंचें
- बाला किला शहर से 6 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर स्थित है। जयपोल, लक्ष्मण पोल, सूरजपोल, चांदपोल, अंधेरी द्वार और कृष्णा द्वार से बाला किला तक पहुंचा जा सकता है। किला पर्यटकों के लिए सुबह 10 से शाम 5 बजे तक खुला रहता है।

alwar bala fort called kunwara quila
alwar bala fort called kunwara quila
alwar bala fort called kunwara quila
alwar bala fort called kunwara quila
X
alwar bala fort called kunwara quila
alwar bala fort called kunwara quila
alwar bala fort called kunwara quila
alwar bala fort called kunwara quila
alwar bala fort called kunwara quila
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..