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B.tech बेटे के लिए लड़की देखने गए थे, पसंद आई तो सगाई की जगह करवा दिए फेरे

रिंग सेरेमनी की रस्म में ही परिणय सूत्र में बंधे पूजा व अमित जांगिड़।

Dainik Bhaskar

Jan 24, 2018, 12:11 AM IST
शादियों में फिजूलखर्ची और दहे शादियों में फिजूलखर्ची और दहे

झुंझुनू/जयपुर. सामाजिक प्रथाओं में बदलाव करने में शिक्षित व्यक्तियों की पहल नया संदेश दे ही देती है। राजस्थान के बुहाना से रविवार को हरियाणा में बेटे के लिए लड़की देखने गए एक परिवार को लड़की ऐसी भायी कि रिंग सेरेमनी के तत्काल बाद दोनों के फेरे ही करवा दिए। यह परिवार दुल्हन को साथ ही लेकर लौटा।

- दरअसल, बुहाना के सुरेश जांगिड़ अपने परिवार के साथ हरियाणा के भिवानी जिले के बलाली गांव में बेटे अमित के लिए लड़की देखने गए। इस दौरान वे अमित भी उनके साथ गए थे।
- लड़की पसंद आने पर रिंग सेरेमनी की रस्म की तैयारी की जाने लगी तो सुरेश जांगिड़ के साथ गए समाजसेवी रामावतार जांगिड़ के कहने पर दोनों परिवार के लोग बिना दहेज और फिजूलखर्ची रोकने की प्रेरणा देते हुए मौके पर ही दोनों की शादी करने पर सहमत हो गए।
- बस फिर देखते ही देखते मंडप सजाया गया। पंडित बुलाया गया। मंगलसूत्र और आवश्यक सामान मंगवा कर अमित और पूजा की शादी बिना धूम धड़ाके कर दी गई।

न बाराती और न शमियाना
- लड़की पूजा के पिता जय भगवान जांगिड़ ने बताया कि उनके दो लड़कियां और एक लड़का है। बड़ी लड़की पूजा बीएससी तक पढ़ी है। उसकी शादी अमित के साथ करने की बात चली थी।
- उन्होंने बताया कि लड़के वाले देखने आए थे, लेकिन रिश्ता तय हो गया और चट मंगनी- पट ब्याह की तर्ज पर सादगीपूर्ण तरीके से शादी ही कर दी।

- खास बात यह रही कि न तो बाराती बुलाने पड़े और न ही कोई बड़े शामियाने लगाने पड़े। फिजूल खर्च भी नहीं हुई।
- इस अनूठी शादी के साक्षी पूर्व सरपंच चंद्रमणी, भागीरथ सिंह, रामौतार, सुनील जांगिड़ और ललित मौजूद रहे।

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शादियों में फिजूलखर्ची और दहेशादियों में फिजूलखर्ची और दहे
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