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बास्केटबॉल ने इस गांव को दिलाई पहचान, खेल के दम पर 35 से ज्यादा को सरकारी नौकरी

6 खिलाड़ी जिनमें दो बेटियों ने लिया राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा

Dainik Bhaskar

Dec 18, 2017, 06:17 AM IST
दूजोद गांव के सरकारी स्कूल में बने बॉस्केटबॉल ग्राउण्ड पर अभ्यास करते खिलाड़ी। दूजोद गांव के सरकारी स्कूल में बने बॉस्केटबॉल ग्राउण्ड पर अभ्यास करते खिलाड़ी।

सीकर. बास्केटबॉल ने दूजोद को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। गांव से 70 खिलाड़ी निकल चुके हैं। इनमें 35 से ज्यादा खेल के दम पर ही सरकारी नौकरी तक पहुंचे। इनमें बीएसएफ में डीआईजी, सीआरपीएफ में तीन कमांडेंट, तीन डिप्टी कमांडेंट, कस्टम डिपार्टमेंट में सुपरिटेडेंट जैसे पदों पर पहुंचे। जैसे पदों पर रह चुके हैं। गांव के सेवानिवृत खिलाड़ी आज भी रात-दिन नए खिलाड़ी तैयार करने में जुटे हुए हैं। गांव में बने दो बास्केटबॉल ग्राउंड पर हर दिन 70 युवा प्रेक्टिस कर रहे हैं। नतीजा यह है कि पिछले एक साल में चार युवा खिलाड़ी नेशनल स्तर खेल चुके हैं। दो खिलाड़ियों ने गोल्ड व सिल्वर पदक पर कब्जा जमाया।


कस्टम डिपार्टमेंट में सुपरिटेडेंट उदयपुर में तैनात देवेंद्रसिंह शेखावत का कहना है कि गांव के बच्चों की रगों में बास्टकेटबॉल बसा हुआ है। जोरावरसिंह शेखावत मास्को ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वहीं मांगीलाल चौधरी, सुरेंद्रसिंह शेखावत, विक्रमसिंह शेखावत, मानसिंह शेखावत बास्केटबॉल के इंटरनेशनल खिलाड़ी रहे हैं। गांव से अब तक 70 से ज्यादा खिलाड़ी निकल चुके हैं।

इस खेल के बलबूते पर करीब आधा दर्जन खिलाड़ी हैंडबॉल में भी राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। गांव की लड़कियां भी बास्केटबॉल खेल में पीछे नहीं हैं। लड़कों के साथ नियमित प्रेक्टिस करती है। दुर्गा तेतरवाल व सुनीता दोनों नेशनल खेल चुकी है। दोनों सरकारी स्कूल में पीटीआई हैं।

गिरवरसिंह गिरवरसिंह

यूं हुई शुरुआत : 7 किमी दौड़ लगा बास्केटबॉल कोर्ट पर पहुंचते थे
गांव में बास्केटबॉल खेल के प्रणेता गिरवरसिंह शेखावत 1955 में दूजोद गांव से सात किलोमीटर दौड़ लगाकर एसके इंटर कॉलेज के बास्केटबॉल मैदान पर पहुंचते। 1959 व 1960 उन्होंने नेशनल स्तर पर बास्केटबॉल में हिस्सा लिया। इन्होंने जनसहयोग से खेल मैदान तैयार कराया।


खेल और सरकारी नौकरी का यूं रहा नाता

विक्रमसिंह शेखावत बास्केटबॉल एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के सचिव रहे हैं। जोरावरसिंह बीएसएफ में डीआईजी, भंवरसिंह, रघुवीरसिंह, सुरेंद्रसिंह सीआरपीएफ में कमांडेंट, सरदार सिंह शेखावत, जयपालसिंह डिप्टी कमांडेंट तक पहुंचे। सूर्यवीरसिंह ओएनजीसी में सीनियर मैनेजर, रविराजसिंह इंस्पेक्टर बने।

 
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दूजोद गांव के सरकारी स्कूल में बने बॉस्केटबॉल ग्राउण्ड पर अभ्यास करते खिलाड़ी।दूजोद गांव के सरकारी स्कूल में बने बॉस्केटबॉल ग्राउण्ड पर अभ्यास करते खिलाड़ी।
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