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14 की उम्र में स्कूल की अकेली ब्लाइंड स्टूडेंट, चार गोल्ड मेडल जीत चुकी

पैरा एथलेटिक्स में भी चार गोल्ड मेडल जीत चुकी, अब पैरालिंपिक की तैयारी

Dainik Bhaskar

Jan 22, 2018, 03:35 AM IST
blind student shalini choudhary won gold medal in para athletics

सीकर. 14 साल की शालिनी चौधरी जन्म से ही दृष्टिहीन है। शालिनी के पढ़ने के लिए सीकर में कोई स्पेशल स्कूल नहीं है, लेकिन उसकी जिद थी कि कमी को कमजोरी नहीं बनने दूंगी। इसलिए अब शालिनी 1068 बच्चों के स्कूल में पढ़ने वाली इकलौती दृष्टिहीन छात्रा है। शालिनी के स्कूल में 90 प्रतिशत बच्चे लड़के हैं, लेकिन शालिनी इससे भी बेपरवाह है। वो कहती हैं कि ‘लड़का-लड़की का भेद तो आंखें करती हैं। मेरी आंखें ही नहीं हैं, तो मैंने कभी इस भेद को माना ही नहीं।’

13 साल की कैटेगरी में राजस्थान की पहली दृष्टिहीन चैंपियन

- शालिनी पैरा एथलेटिक्स की गोल्ड मेडलिस्ट है। 2016 में 7वीं पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मी, 200 मी दौड़, शॉट फुट, रिले रेस में 3 गोल्ड व एक सिल्वर मेडल जीता। 2017 में राजस्थान पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड जीता।

- मां सरोज कहती हैं-13 की उम्र में शालिनी नेशनल में टी-11 कैटेगरी में 1500 मी. दौड़ में गोल्ड जीत राजस्थान की पहली दृष्टिहीन चैंपियन बनी। अब पैरालिंपिक की तैयारी कर रही हैं।

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