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चंदा कर जुटाए 7 लाख रुपए और पहाड़ काट बना दी आधा किमी सीमेंटेड सड़क

पंचायत और जनप्रतिनिधियों ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने की पहल, प्रत्येक घर से श्रमदान करने लोग जुटे

Danik Bhaskar | Jan 15, 2018, 07:30 AM IST

नीमकाथाना. जिले के आखिरी छोर का गांव नांगल का कंवर। 1721 में बसा था। यह गांव आपसी भाईचारा और सौहार्द के लिए जाना जाता है। भैरव मंदिर तक की सड़क के लिए ग्रामीणों ने कई बार ग्राम पंचायत से लेकर जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगाई। सभी ने अनदेखी की तो ग्रामीणों ने अपने स्तर पर सात लाख रुपए एकत्रित कर श्रमदान से करीब आधा किमी सीमेंटेड सड़क बना दी है।

इस भैरव मंदिर के प्रति लोगों में प्रगाढ़ आस्था है। करीब 70 फीसदी सड़क बनकर तैयार हो गई हैं। करीब 1200 लोगों की आबादी वाला कंवर का नांगल पहाड़ी तलहटी में बसा हुआ है। यहां पहाड़ी पर करीब 200 साल पुराना भैरव मंदिर हैंं। दूरदराज से भी लोग गठजोड़े के जात लगाने आते हैं।

ग्रामीण बताते हैं कि पहाड़ी के उबड़-खाबड़ रास्ते से लोगों को परेशानी होती थी। ऐसे में पिछली दीपावली पर चौपाल बुलाकर ग्रामीणों ने तय किया कि मंदिर तक सीसी रोड बनानी चाहिए। भामाशाहों ने आर्थिक सहयोग किया। हर घर से चंदे की राशि एकत्रित की गई। उसके बाद सीसी रोड निर्माण शुरू किया। निर्माण सामग्री खरीदी गई। शेष कार्य श्रमदान से हुआ। इसमें महिलाओं की भागीदारी सराहनीय रही। इससे पहले मंदिर आने जाने के लिए ग्रामीणों ने ही 96 सीढ़ियां बनवाई थी।

पहाड़ी को 20 दिन में काटा, फिर बनाई सड़क
पहाड़ी की सीसी रोड बनाने में पहाड़ी के बड़े पत्थर रोड़ा बने रहे। दर्जनों लोगों ने पहाड़ी को काटा। इसके लिए मशीनरी का सहारा भी लिया। 20 दिनों के प्रयासों से रास्ता समतल किया। बाद में सड़क निर्माण किया गया। श्रमदान से सड़क बनाने पर कंवर का नांगल के ग्रामीणों का सम्मान किया जाएगा। राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना व गौरव सेनानी संगठन सम्मान करेंगे। संगठन से जुड़े देवीसिंह ने बताया कि यहां कभी कोर्ट केस नहीं हुए। पाटन थानाधिकारी महेंद्र मीणा भी कहते हैं कि ऐसे ग्रामीणों का सम्मान होना चाहिए हैं, जो शांतिप्रिय हैं।