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खुद पर लगे अभद्रता के आरोपों की कलेक्टर ने ही कर ली जांच, क्लीनचिट भी दे दी

रात्रि चौपाल का एक वीडियो वायरल हुआ था, इसमें कलेक्टर दिनेश यादव ग्रामीणों को धमकाते नजर आ रहे हैं।

Bhaskar News | Last Modified - Mar 15, 2018, 01:37 AM IST

खुद पर लगे अभद्रता के आरोपों की कलेक्टर ने ही कर ली जांच, क्लीनचिट भी दे दी

सीकर.राजस्थान के झुंझुनूं के मणकसास में रात्रि चौपाल में ग्रामीणों से अभद्रता मामले में घिरे झुंझुनूं कलेक्टर दिनेश यादव ने खुद पर लगे आरोपों की जांच खुद कर ली, क्लीनचिट भी दे दी। इससे पहले कलेक्टर ने तहसीलदार व एडीएम से जांच कराई। दोनों ने क्लीनचिट दी। परिवादी संतुष्ट नहीं हुआ तो जांच कलेक्टर ने ले ली और कुछ ग्रामीणों के शराब पीकर चौपाल में आने की बात कहते हुए शिकायत को खारिज कर दिया। बाद में कलेक्टर ने एडीएम की रिपोर्ट को ही हूबहू कॉपी-पेस्ट कर खुद को क्लीनचिट दे दी। मामला पिछले साल 25 अक्टूबर का है।

- दरअसल, रात्रि चौपाल का एक वीडियो वायरल हुआ था, इसमें कलेक्टर दिनेश यादव ग्रामीणों को धमकाते नजर आ रहे हैं।

- सामाजिक कार्यकर्ता यशवर्द्धन राठौड़ ने कलेक्टर के इस दुर्व्यवहार की शिकायत 5 जनवरी 2018 में मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल पर की थी। यहां से जांच रेवन्यू डिपार्टमेंट के ज्वाइंट सेक्रेटरी के पास पहुंची। उन्होंने कलेक्टर को जांच के निर्देश दिए थे। लेकिन कलेक्टर ने मामला खुद से जुड़ा होने के बावजूद जांच किसी और को देने के बजाय अपने नीचे के अफसर उदयपुरवाटी के तहसीलदार को 8 जनवरी को सौंप दी।

- तहसीलदार ने जांच में लिखा कि रात्रि चौपाल में कुछ लोग शराब पीकर अा गए थे। जिनकी अनर्गल वार्तालाप से रात्रि चौपाल का माहौल खराब हुआ। कलेक्टर ने इन शराबियों को बाहर करवाया। उन्होंने किसी के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया। इसके बाद शिकायत को खारिज कर दिया गया।

- परिवादी ने असंतुष्टि जाहिर की तो जांच 28 जनवरी को एसडीएम उदयपुरवाटी को सौंप दी गई। इन्होंने भी जांच में कलेक्टर को क्लीनचिट दी। इसके बाद खुद कलेक्टर ने तीन फरवरी को इस मामले की जांच करते हुए खुद को क्लीन चिट दे दी और सारा दोष ग्रामीणों को शराबी बताते हुए मढ़ दिया। तीन अफसरों ने अपनी-अपनी जांच सिर्फ सात दिन में पूरी कर ली।


कलेक्टर ने यह कहा था- ‘चुप कर, हर चीज का ठेका नहीं ले रखा’
- कलेक्टर दिनेश यादव की रात्रि चौपाल का वीडियो 3 मिनट 58 सैकंड का है। उन्होंने कहा था-लोग चाहते हैं कि सब कुछ सरकार ही कर दे और सरकार को टैक्स का एक रुपया एक्स्ट्रा देने को कोई तैयार नहीं है। ग्रामीण बोलने लगता है तो कलेक्टर कहते हैं.. अरे तू चुप कर। (पुलिसकर्मी ग्रामीण की गर्दन पकड़कर बाहर निकाल देती है।) कलेक्टर कहते हैं-सरकार के पास ऐसे कोई खजाने थोड़े लुट रहे हैं। ...अब सरकार से कोई पैसा नहीं आने वाला है। आपकी इच्छा है तो अपने पैसे से बनवा लों। नहीं बनवाने की इच्छा है तो जैसे जा रहे हो, जाते रहो।...अब कुछ नहीं होना। ...चुप करो। आपको बता दिया है, नया शौचालय सरकार की ओर से नहीं बनना है।


आपत्ति है तो संभागीय आयुक्त के पास जा सकते हैं : कलेक्टर
सरपंच और एक अन्य का विवाद था। एक शराबी चौपाल में आ गया था, जिसे समझाकर भेज दिया। कुछ लोगों ने वीडियो गलत तरीके से प्रस्तुत किया। मैंने किसी से अभद्रता नहीं की। किसी को जांच रिपोर्ट से आपत्ति है तो संभागीय आयुक्त के पास अपील कर सकता है।

ऐसे जांच कराना गलत : संभागीय आयुक्त
- संभागीय आयुक्त राजेश्वरसिंह ने कहा कि शौचालय की योजना सरकार की है। कलेक्टर ऐसे नहीं बोल सकते। सीएम हैल्पलाइन से पता करेंगे कि जांच छोटे अधिकारियों को कैसे भेज दी गई। इस मामले को गंभीरता से लेंगे।
- कलेक्टर यादव ने कहा- जांच पर आपत्ति है तो संभागीय आयुक्त के पास अपील करें।

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Web Title: khud par lgae abhdrtaa ke aaropon ki Collector ne hi kar li jaanch, klinchit bhi de di
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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