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बेटे की मौत के बाद ससुर ने बहू को बेटी माना, शादी कराई

सीकर शहर के दो नंबर डिस्पेंसरी के पास रहने वाले ओमप्रकाश माथुर ने रैवासा में कराई बहू की शादी।

Danik Bhaskar | Dec 04, 2017, 08:22 AM IST

रैवासा(सीकर)। रैवासा धाम में रविवार को सामाजिक बदलाव की कहानी सामने आई। सीकर निवासी ओमप्रकाश माथुर ने बेटे की मौत के आठ साल बाद बहू कजली को बेटी मानकर उसकी शादी कराई। शादी में किसी से भी कोई गिफ्ट नहीं लिया गया। पूरा खर्च ससुर ओमप्रकाश ने उठाया।

- ओमप्रकाश माथुर परिवार सहित सीकर के दो नंबर डिस्पेंसरी के पास रहते हैं। माथुर के बड़े बेटे अरविंद ने बताया कि साल 2006 में छोटे भाई पंकज की दिल्ली निवासी कजली सक्सेना से शादी हुई। शादी के बाद पंकज की तबीयत खराब रहने लगी।

- तीन साल बाद 2009 में उसकी मौत हो गई। तभी से ससुर ने कजली को बेटी मान लिया। कजली की शादी कोछोर स्कूल में पढ़ाने वाले आसाम निवासी दिनेश मोदी से तय की। सीकर में दोनो की सगाई की रस्म पूरी की गई। 3 दिसंबर को रैवासा धाम में शादी कराई गई।

पीहर से मिले सामान के साथ घर से भी दिए उपहार
- शादी में पीहर से मिले सामान के साथ ओमप्रकाश माथुर ने अपनी ओर से भी दहेज दिया। गहने और जरूरी अन्य सामान भेंट कर कजली को बेटी की तरह विदा किया। फेरों में कजली के बड़े भाई विकास और भाभी ज्योति बैठे। वहीं लड़के की ओर से उसकी बहिन, बहनोई आदि शरीक हुए। पिता की तबीयत खराब होने के कारण वे नहीं पहुंच पाए।