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डॉक्टरों की हड़ताल: 69 साल के इतिहास में पहली बार हॉस्पिटल में सिर्फ 1 मरीज

इधर, सेवारत डॉक्टरों के समर्थन में आए निजी डॉक्टर, सुबह दो घंटे नहीं की मरीजों की जांच

Bhaskar News | Last Modified - Dec 22, 2017, 07:24 AM IST

डॉक्टरों की हड़ताल: 69 साल के इतिहास में पहली बार हॉस्पिटल में सिर्फ 1 मरीज

सीकर. सेवारत डॉक्टरों को निजी डॉक्टरों का समर्थन मिलना शुरू हो गया है। निजी डॉक्टरों ने गुरुवार को सुबह 9 से 11 बजे तक मरीज नहीं देखे। एसके अस्पताल में मीटिंग की। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सेवारत डॉक्टरों की मांग न माने जाने पर 25 दिसंबर से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया। निजी और सेवारत डॉक्टरों द्वारा इलाज न किए जाने से मरीज भटकते रहे। मरीज और उनके परिजन सिस्टम को कौसते रहे।


निजी चिकित्सक संघ के डॉ. पीसी गर्ग ने बताया कि गुरुवार को सुबह 9 से 11 बजे तक मरीज नहीं देखे। शुक्रवार को भी दो घंटे कार्य बहिष्कार रखा जाएगा। शनिवार को 3 घंटे का कार्य बहिष्कार होगा। फिर भी सरकार नहीं चेती तो 24 दिसंबर को 9 से 1 बजे तक मरीज नहीं देखे जाएंगे। 25 दिसंबर से निजी डॉक्टर हड़ताल पर चले जाएंगे।

निजी डॉक्टरों ने सेवारत डॉक्टरों के समर्थन में गुरुवार को एसके अस्पताल में मीटिंग की। सरकार के रवैए की आलोचना की। हर हाल में सेवारत डॉक्टरों की मांगे मनवाने तक संघर्ष का संकल्प लिया। निजी और सेवारत डॉक्टरों के एक साथ आने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई है। क्योंकि गुरुवार को सुबह 9 से 11 बजे तक सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों को इलाज नहीं मिला। वे दर्द से तड़पते रहे।

10 डाॅक्टरों को स्वास्थ्य विभाग देगा चार्जशीट
- सेवारत डॉक्टरों पर सरकार लगातार सख्ती बरत रही है। इसलिए वे भी ड्यूटी पर लौटने पर राजी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी समेत 10 डॉक्टरों को चार्जशीट दिए जाने के आदेश निकाले है।

- इसमें डॉ. अशोक गुर्जर, डॉ. केसी पंवार, डॉ. पृथ्वीराज, डॉ. वर्षा सक्सेना, डॉ. गणपत पुरी, डॉ. ओमप्रकाश सौलंकी, डॉ. कपूर थालौड़ और डॉ. विक्रमसिंह का नाम शामिल है। इन डॉक्टरों का स्वास्थ्य विभाग ने तबादला किया लेकिन इन्होने ज्वाइन नहीं किया।

एसके अस्पताल में 1 डॉक्टर ने ज्वाॅइन किया

- एसके अस्पताल में गुरुवार को डॉ. अशोक धनवाल ने उपस्थित दी। डॉ. धनवाल पितृत्व अवकाश पर चल रहे थे। उपस्थिति के बाद डॉ. धनवाल ने आधे दिन तक आउटडोर में मरीजों का चैकअप किया। इसके अलावा आउटडोर में संविदा और आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने मरीजों का चैकअप किया।

- एसके अस्पताल की शुरूआत 1948 में हुई। 69 साल के इतिहास में ऐसा पहला मौका आया जब महज 1 मरीज भर्ती रहा है। अस्पताल में बैड की क्षमता 300 है।

- प्रिंसीपल डॉ. गोवर्धन मीणा ने बताया कि सेवारत डॉक्टरों की हड़ताल के कारण एसके 1 और जनाना अस्पताल में 6 मरीज भर्ती है। गुरुवार का थ्रेसर से हाथ कटने पर एक युवक इलाज के लिए आया था। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जयपुर रेफर किया था। इमरजेंसी और आउटडोर में पहुंचने वाले मरीजों को इलाज दिए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

दूसरे प्रदेशों के डॉक्टर भी समर्थन में आए

सेवारत डॉक्टरों पर सरकार की सख्ती के चलते दूसरे प्रदेशों के डॉक्टरों भी अरिस्दा के साथ जुटे है। गुरुवार को हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु के डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।

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Web Title: doktron ki hड़taal: 69 saal ke itihaas mein pehli baar hospitl mein sirf 1 mrij
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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