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गुफा बनाते समय धंसी मिट्टी, एक साथ ही दुनिया से विदा हो गए 4 मासूम भाई

यहां रविवार दोपहर वन विभाग की जमीन में मिट्‌टी धंसने से चार बच्चों की मौत हो गई।

Dainik Bhaskar

Jan 29, 2018, 02:50 AM IST
देव गैस गोदाम के पास फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की जमीन में यह हादसा हुआ। इस पर बच्चों ने शोर मचाकर पड़ोसियों व परिवार के लोगों को बुलाया। देव गैस गोदाम के पास फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की जमीन में यह हादसा हुआ। इस पर बच्चों ने शोर मचाकर पड़ोसियों व परिवार के लोगों को बुलाया।

सीकर. यहां रविवार दोपहर फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की जमीन में मिट्‌टी धंसने से चार बच्चों की मौत हो गई। चारों रिश्ते में भाई थे, इनमें दो सगे भाई थे। पुलिस के मुताबिक छह बच्चे करीब एक बजे मिट्टी खोदकर गुफा बना रहे थे। दो बच्चे माहिर और महेंद्र खाना खाने चले गए। जब दोनों वापस लौटे तो देखा कि संजय, अभिषेक, राहुल और महेश मिट्टी के नीचे दबे हुए थे। उनमें किसी का पैर तो किसी का हाथ मिट्टी के बाहर दिख रहा था। ये देख दोनों बच्चे घबरा गए और शोर मचाया। 5 फीट उपर से ढही मिट्टी में दबे बच्चे....

- शोर सुनकर घरवाले और पड़ोसी मौके पर अाए। लोगों ने मिट्टी हटाकर चारों मासूमों को बाहर निकाला। चारों को एसके हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।

- जानकारी मिलने पर कलेक्टर नरेश ठकराल व एएसपी डॉ. तेजपाल, तहसीलदार जगदेव शर्मा ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया।

- नरसीलाल ने रिपोर्ट दी है कि उनके पोते संजय, अभिषेक, राहुल व महेश फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की जमीन में खेल रहे थे।

- इस दौरान करीब पांच फीट ऊपर से मिट्टी ढहने से नीचे दब गए। जिससे चारों बच्चों की मौत हो गई। घरवालों ने हादसे के लिए फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को जिम्मेदार ठहराया।

- उनका कहना था कि अफसरों को पहले ही चेता दिया था कि फॉरेस्ट लैंड रिहायशी एरिया के पास है, इसलिए दीवार बनाई जाए लेकिन अफसरों ने दीवार के बजाय फैंसिंग करा दी। फैंसिंग टूटी हुई थी, इस वजह से वहां पहुंच गए।

हादसे में बचे दोनों बच्चों ने बताई आपबीती

- महेंद्र और माहिर ने बताया कि वे दोनों और संजय, अभिषेक, राहुल, महेश मिट्‌टी की गुफा बना रहे थे।

- वे वहां से घर आ गए। खाना खाने के बाद महेंद्र की चाची ने उन्हें बच्चों को देखने को कहा।

- महेंद्र और माहिर वहां गए तो चारों बच्चे मिट्टी के नीचे दबे थे। इस पर बच्चों ने शोर मचाकर पड़ोसियों व परिवार के लोगों को बुलाया।

पड़ताल में झूठ आया सामने

उपवन संरक्षक बोले- वनकर्मी ड्यूटी पर था, घटना के बाद पहुंच गया था, वनकर्मी ने बताया-मुझे तो 3 घंटे बाद मालूम चला
- संरक्षक राजेंद्र हुड्डा का कहना था कि फॉरेस्ट वर्कर मुकेश कुमार ड्यूटी कर रहा था। घटना के बाद वह मौके पर पहुंचा। मिट्टी में दबे बच्चों को लोगों की मदद से बाहर निकलवाया।

- भास्कर ने मुकेश से जानकारी ली तो मुकेश ने बताया कि उसने सुबह 8 बजे घटनास्थल की लोकेशन पर राउण्ड किया था।

- उसके बाद वह स्मृति वन में चला गया और वापस नहीं आया। शाम करीब पांच बजे हादसे का पता चला।

- वहीं, उपवन संरक्षक राजेंद्र हुड्डा का कहना है कि उन्होंने फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के चारों तरफ सात फीट ऊंची कंटीले तारों की फेंसिंग करा रखी है,जिसे किसी ने तोड़ दिया।

चारों को एसके हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। चारों को एसके हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।
महेंद्र व माहिर वहां गए तो चारों बच्चे मिट्टी के नीचे दबे थे। महेंद्र व माहिर वहां गए तो चारों बच्चे मिट्टी के नीचे दबे थे।
चारों रिश्ते में भाई थे, इनमें दो सगे भाई थे। चारों रिश्ते में भाई थे, इनमें दो सगे भाई थे।
घरवालों का कहना है कि विभाग ने दीवार नहीं बनवाई, इसलिए बच्चे वहां तक पहुंच गए घरवालों का कहना है कि विभाग ने दीवार नहीं बनवाई, इसलिए बच्चे वहां तक पहुंच गए
करीब पांच फीट ऊपर से मिट्टी ढहने से नीचे दब गए। जिससे चारों बच्चों की मौत हो गई। करीब पांच फीट ऊपर से मिट्टी ढहने से नीचे दब गए। जिससे चारों बच्चों की मौत हो गई।
हादसे में जान गंवाने वाले महेश कुमार की उम्र 8 साल साल थी। हादसे में जान गंवाने वाले महेश कुमार की उम्र 8 साल साल थी।
हमेशा साथ रहते थे चार भाई। - (फाइल फोटो) हमेशा साथ रहते थे चार भाई। - (फाइल फोटो)
अभिषेक (10 साल) (फाइल फोटो) अभिषेक (10 साल) (फाइल फोटो)
वन भूमि के चारों तरफ सात फीट ऊंची कंटीले तारों की फेंसिंग करा रखी है,जिसे किसी ने तोड़ दिया। वन भूमि के चारों तरफ सात फीट ऊंची कंटीले तारों की फेंसिंग करा रखी है,जिसे किसी ने तोड़ दिया।
राहुल (11 साल) फाइल फोटो राहुल (11 साल) फाइल फोटो
महेंद्र व माहिर वहां गए तो चारों बच्चे मिट्टी के नीचे दबे थे। महेंद्र व माहिर वहां गए तो चारों बच्चे मिट्टी के नीचे दबे थे।
वन भूमि आबादी क्षेत्र के पास है, इसलिए दीवार बनाई जाए लेकिन अफसरों ने दीवार के बजाय फैंसिंग करा दी। वन भूमि आबादी क्षेत्र के पास है, इसलिए दीवार बनाई जाए लेकिन अफसरों ने दीवार के बजाय फैंसिंग करा दी।
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देव गैस गोदाम के पास फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की जमीन में यह हादसा हुआ। इस पर बच्चों ने शोर मचाकर पड़ोसियों व परिवार के लोगों को बुलाया।देव गैस गोदाम के पास फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की जमीन में यह हादसा हुआ। इस पर बच्चों ने शोर मचाकर पड़ोसियों व परिवार के लोगों को बुलाया।
चारों को एसके हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।चारों को एसके हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।
महेंद्र व माहिर वहां गए तो चारों बच्चे मिट्टी के नीचे दबे थे।महेंद्र व माहिर वहां गए तो चारों बच्चे मिट्टी के नीचे दबे थे।
चारों रिश्ते में भाई थे, इनमें दो सगे भाई थे।चारों रिश्ते में भाई थे, इनमें दो सगे भाई थे।
घरवालों का कहना है कि विभाग ने दीवार नहीं बनवाई, इसलिए बच्चे वहां तक पहुंच गएघरवालों का कहना है कि विभाग ने दीवार नहीं बनवाई, इसलिए बच्चे वहां तक पहुंच गए
करीब पांच फीट ऊपर से मिट्टी ढहने से नीचे दब गए। जिससे चारों बच्चों की मौत हो गई।करीब पांच फीट ऊपर से मिट्टी ढहने से नीचे दब गए। जिससे चारों बच्चों की मौत हो गई।
हादसे में जान गंवाने वाले महेश कुमार की उम्र 8 साल साल थी।हादसे में जान गंवाने वाले महेश कुमार की उम्र 8 साल साल थी।
हमेशा साथ रहते थे चार भाई। - (फाइल फोटो)हमेशा साथ रहते थे चार भाई। - (फाइल फोटो)
अभिषेक (10 साल) (फाइल फोटो)अभिषेक (10 साल) (फाइल फोटो)
वन भूमि के चारों तरफ सात फीट ऊंची कंटीले तारों की फेंसिंग करा रखी है,जिसे किसी ने तोड़ दिया।वन भूमि के चारों तरफ सात फीट ऊंची कंटीले तारों की फेंसिंग करा रखी है,जिसे किसी ने तोड़ दिया।
राहुल (11 साल) फाइल फोटोराहुल (11 साल) फाइल फोटो
महेंद्र व माहिर वहां गए तो चारों बच्चे मिट्टी के नीचे दबे थे।महेंद्र व माहिर वहां गए तो चारों बच्चे मिट्टी के नीचे दबे थे।
वन भूमि आबादी क्षेत्र के पास है, इसलिए दीवार बनाई जाए लेकिन अफसरों ने दीवार के बजाय फैंसिंग करा दी।वन भूमि आबादी क्षेत्र के पास है, इसलिए दीवार बनाई जाए लेकिन अफसरों ने दीवार के बजाय फैंसिंग करा दी।
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