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दोस्त के साथ इस गैंगस्टर ने की थी हिस्ट्रीशीटर की हत्या, ये थी मर्डर की वजह

कोर्ट रूम में फायरिंग कर बदमाश अजय जैतपुरा की हत्या करने के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने दो को अरेस्ट किया।

Danik Bhaskar | Feb 09, 2018, 05:13 AM IST

चूरू ( राजस्थान). कोर्ट रूम में फायरिंग कर बदमाश अजय जैतपुरा की हत्या करने के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने दो को अरेस्ट किया। पुलिस ने अब स्वीकारा है कि अजय की हत्या में बदमाश संपत नेहरा का ही हाथ था। दैनिक भास्कर ने घटना वाले दिन ही इसका खुलासा किया था। अरेस्ट दो आरोपियों में से एक ने अजय की रैकी की थी। दूसरे ने जेल में बंद बंशी से मिलकर अजय की हत्या की प्लानिंग की। प्लान को संपत नेहरा और मिंटू मोडासिया सहित अन्य ने अंजाम दिया था। प्रदीप और बीकानेर जेल में बंद बंशीलाल ने बनाया था अजय की हत्या का प्लान

- डीएसपी सुरेशचंद्र ने बताया कि बैरासर बड़ा के और नवीन उर्फ कालू (28) और रतनपुरा के प्रदीप कुमार (23) को अरेस्ट किया। प्रदीप और बीकानेर जेल में बंद बंशीलाल ने अजय की हत्या का प्लान बनाया था, जिसे संपत नेहरा, मिंटू मोडासिया ने अंजाम दिया।

- प्रदीप को बहल से बींजावास से होते हुए बैरासर जाते समय अरेस्ट किया गया। प्रदीप से पूछताछ की गई, तो अजय जैतपुरा और उसके साथियों को मारने के लिए बनाए गए साजिश में अजय की लोकेशन मोबाइल पर देने के मामले में बैरासर के नवीन उर्फ कालू को बैरासर के बस स्टैंड से अरेस्ट किया गया।

क्यों हुई हत्या

- प्रदीप और बंशी चाचा-भतीजे हैं। तीन-चार साल पहले वह तथा बंशी बैरासर बस स्टैंड के पास शराब पी रहे थे। बंशी कई मुकदमों में फरार था, जिसमें पिलानी थाना में दर्ज हत्या का मामला भी था।

- उस दिन अजय जैतपुरा, प्रदीप स्वामी, सीताराम गोस्वामी और दो-तीन अन्य जन गाड़ी लेकर आए और बंशी को उठाकर स्कूल में खंभे से बांधकर मारपीट की। आरोपियों ने इस घटना का वीडियाे बनाया और राजगढ़ थाना में सूचना देने पर पुलिस बंशी को उठाकर ले गई।

- बंशी और प्रदीप इस अपमान से आहत थे। बदला लेने के लिए योजना बना रहे थे। प्रदीप ने बंशीलाल से बात की। दोनों चाचा-भतीजे हैं।अजय जैतपुरा ने बंशी के साथ झुंझुनूं जेल में भी मारपीट की थी।

- बंशी ढाणी केहर के अनिल की गैंग से जुड़ा हुआ था और उसका ड्राइवर भी रहा था। जेल में बंशी ने संपत नेहरा से भी बात की थी। अजय जैतपुरा ने प्रदीप के साथ भी राजगढ़ जेल में मारपीट की थी।

प्रदीप के बाद नवीन को पकड़ा

- प्रदीप को गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि वह घटना के दिन गांव में था। बंशी व मिंटू मोडासिया की तरफ से अजय जैतपुरा व उसके साथियों को मारने के लिए रचे गए षडयंत्र में दी गई।

- जिम्मेदारी के तहत वह अजय की लोकेशन बैरासर गांव के नवीन उर्फ कालू से लेकर मिंटू मोडासिया व बंशी को मोबाइल पर दे रहा था।पुलिस ने बैरासर बस स्टैंड से नवीन उर्फ कालू को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि कोर्ट में रैकी करने वाले आरोपी का भी पता चल सके।

प्रदीप ने संपत नेहरा से संपर्क कर योजना बनाई थी

- जेल में बंद बंशी ने प्रदीप को बताया कि अजय जैतपुरा जेल से छूटकर आ रहा है और उससे बदला लेना है। कोई मारने और वाला आदमी तैयार करो। उस औरक्त संपत नेहरा ने राजगढ़ में ज्वैलर्स के यहां डकैती की थी।

- प्रदीप ने संपत से मोबाइल पर संपर्क किया, तो संपत ने पूछा कि अनिल ढाणी केहर की गैंग को कौन चला रहा है। प्रदीप ने उसे मिंटू मोडासिया द्वारा गैंग चलाने और उसके मोबाइल नंबर दे दिए। संपत बाद में प्रदीप और मिंटू मोडासिया से संपर्क में रहा।

- प्रदीप ने पुलिस को बताया कि 16 जनऔररी को मिंटू मोडासिया ने कहा कि एक मोबाइल भेज रहा हूं, जो विदेश और वॉट्सऐप नंबर है। उससे ही तू कल अजय की कोर्ट में पेशी पर आने की सूचना दे देना, बाकी सारी तैयारी कर रखी है। अजय और उसके साथियों को कल मार देंगे।

आगे क्या : नेहरा और मोडासिया के पकड़े जाने पर ही हो सकेगा पूरे मामले का खुलासा
पुलिस का मानना है कि अजय जैतपुरा की हत्या के मामले का मुख्य सूत्रधार और अनिल की गैंग से जुड़े मिंटू मोडासिया और संपत नेहरा को पकड़े जाने के बाद ही उक्त मामले का पूरा खुलासा हो सकेगा। मामले में रुपए के लेन-देन की बात सामने नहीं आ रही है।

संदीप ने उगले राज

- डीवाईएसपी ने बताया कि उक्त मामले में इससे पूर्व गिरफ्तार संदीप उर्फ कालू से की गई पूछताछ के दौरान उसने बताया था कि घटना के समय मिंटू मोडासिया उनके साथ था। प्रदीप रतनपुरा के टेलीफोन बार-बार मिंटू के पास आ रहे थे। वह उनको अजय की लोकेशन बता रहा था।

- प्रदीप कुमार के बारे में पता किया, तो वह घटना के दिन से ही घर से फरार था। लोकेशन निकाली गई, तो वह जयपुर की मिली। पीछा किया तो पता चला कि वह चेन्नई चला गया है। पांच फरवरी को मुखबिर से सूचना मिली कि प्रदीप रात के समय फ्लाइट से दिल्ली आया है।

- गुरुवार को सूचना मिली कि प्रदीप बहल से बींजावास होते हुए बैरासर गांव में बंशी के घर की ओर आ रहा है। एसएचओ भगवान सहाय मीणा के निर्देशन में एसआई अमित कुमार, एचसी सज्जन कुमार, सिपाही चरणसिह, सवित कुमार, रोशन कुमार, प्रमोद कुमार, बलवानसिंह, अजय कुमार आदि की टीम ने नाकाबंदी की और प्रदीप को बैरासर के रास्ते पर पैदल आते हुए को पकड़ लिया।