--Advertisement--

ऐसी है इस क्रिकेटर की फैमिली, बहन हैं डबल MA तो भाई कर रहा CA की पढ़ाई

कुलवंत इस आईपीएल में रॉयल चैलेंजर बैंगलुरू की ओर से खेलेगा।

Danik Bhaskar | Jan 28, 2018, 03:12 AM IST
कुलवंत के पिता शंकर सिंह की गांव में किराने की छोटी सी दुकान है। कुलवंत के पिता शंकर सिंह की गांव में किराने की छोटी सी दुकान है।

मंडावा ( राजस्थान). क्रिकेटर कुलवंत खेजरोलिया इस आईपीएल में रॉयल चैलेंजर बैंगलुरू की ओर से खेलेंगे। कुलवंत को आईपीएल 2018 के लिए रॉयल चैलेंजर बैंगलुरू ने 85 लाख रुपए में खरीदा है। कुलवंत 6 अप्रैल से शुरू होने वाले मैचों में रॉयल चैलेंजर की तरफ से पहला मैच 8 अप्रैल को सनराइज हैदराबाद के साथ होने वाले मैच में खेलेंगे। बता दें कि कुलवंत खेजरोलिया झुंझुनूं के चूड़ी अजीतगढ़ गांव के रहने वाले हैं। इनके पिता शंकर सिंह की छोटी सी किराने की दुकान हैं। यहां लोग कुलवंत को छोटू कहकर बुलाते हैं। मां हाउस वाइफ तो बहन हैं डबल एमए...

- कुलवंत की मां सरोज हाउस वाइफ है, जबकि दादा शिव प्रसाद और पिता गौरी शंकर की एक छोटी सी किराने की दुकान है जिससे परिवार का गुजारा चलता है।

- मां सरोज ने इस सफलता के लिए कहा कि मैं स्वयं पढ़ी लिखी नहीं होने के बाद भी तीनों संतानों को पढ़ाया और उनकी रूचि अनुसार काम करने में किसी प्रकार की कमी उनको खलने नहीं दी। जिसके चलते बड़ा बेटा हेमंत राजस्थान रोडवेज में जॉब करते हैं। वही साथ में सीए की पढ़ाई जारी रखे हुए है। वहीं बहन खुशबू कंवर डबल एमए बीएड है।

स्पोर्ट्स में फ्यूचर बनाने के लिए पिता से की गई थी रिक्वेस्ट

- कुलवंत के बड़े भाई हेमंत का कहना था कि छोटे को फ्यूचर के लिए फ्री छोड़ने की अपने पिता गौरी शंकर से रिक्वेस्ट की गई थी।

- घर की स्थिति अधिक अच्छी नहीं होने के बाद भी फाइनेंसियल हेल्प के बाद कुलवंत को दिल्ली ट्रेनिंग के लिए भेजा गया जिसका नतीजा सफलता के रूप में घरवालों को मिला।

- बहन खुशबू कंवर ने भी इस सफलता के पीछे उसकी कड़ी मेहनत व आत्म विश्वास व उसके जुनून को बताया।

बाएं हाथ के गेंदबाज हैं कुलवंत,140 की स्पीड से फेंक सकते हैं गेंद

- कुलवंत बाएं हाथ के पेश बॉलर के रूप में जाने जाते हैं।

- उनका कहना है वह 140 किलोमीटर की स्पीड में सक्षम है। एक ओवर की सभी गेंदे यार्कर फेंक सकता है।

- वह इंडियन टीम के सभी खिलाड़ियों व गौतम गंभीर तथा आशीष नेहरा से काफी प्रभावित है। उनका सिलेक्शन 2017 में रणजी ट्रॉफी के लिए भी हुआ था।

- यह सफलता मेरे कोच संजय भारद्वाज की और मां सरोज व पिता गौरीशंकर बड़ा भाई हेमंत व बहन खुशबू कंवर के मार्गदशन व प्रेरणा के द्वारा मिली थी।

- बचपन से ही खेल के लिए जुनून को लेकर अपने लाइफ को संवारने की कोशिश आखिरकार सफलता की ओर बढ़ते चले गए।

पोता बिगड़ ना जाए दादा को सताती थी चिंता

- गांव के खेलकूद चैंपियनशिप में जब भी कुलवंत बाहर खेलने जाता था।

- दादा शिव प्रसाद को हर समय यह चिंता सताती थी कि मेरा पोता गलत रास्ते पर चलकर बिगड़ ना जाएं। जिसके लिए शाम ढलते ही पोते को लाने जहां भी खेलने जाता वहां चले जाते थे।

- खेल में मिली इस सफलता के बाद दादा इस खुशी से गदगद होकर फूले नहीं समा रहे है।

घरवालों में खुशी का माहौल

कुलवंत को मिले मौके पर घरवालों और गांव में खुशी का माहौल है।

- कुलवंत गांव के गलियों में खेल कर डिस्ट्रिक्ट लेवल टूर्नामेंट खेलने के बाद आईपीएल तक छलांग लगाने में सक्सेस हुए।

कुलवंत की बड़ी बहन डबल एमए बीएड है। कुलवंत की बड़ी बहन डबल एमए बीएड है।
कुलवंत राजस्थान के चूड़ी अजीतगढ़ गांव के रहने वाले है। कुलवंत राजस्थान के चूड़ी अजीतगढ़ गांव के रहने वाले है।
कुलवंत की मां हाउसवाइफ हैं। कुलवंत की मां हाउसवाइफ हैं।
आईपीएल मैच से पहले कुलवंत गोवा के एक होटल में वेटर का काम करते थे। आईपीएल मैच से पहले कुलवंत गोवा के एक होटल में वेटर का काम करते थे।
कुलवंत के एक एक भाई और एक बहन है। कुलवंत के बड़े भाई हेमंत सिंह रोडवेज में नौकरी करते हैं। कुलवंत के एक एक भाई और एक बहन है। कुलवंत के बड़े भाई हेमंत सिंह रोडवेज में नौकरी करते हैं।
अपने दोस्त के साथ कुलवंत। अपने दोस्त के साथ कुलवंत।
कुलवंत सिंह उर्फ छोटू का क्रिकेट के छोटे फॉर्मेट आईपीएल के लिए सिलेक्शन हुआ था। कुलवंत सिंह उर्फ छोटू का क्रिकेट के छोटे फॉर्मेट आईपीएल के लिए सिलेक्शन हुआ था।
कुलवंत गांव के जोहड़े में खेल कर जिला स्तरीय टूर्नामेंट खेलने के बाद आईपीएल तक छलांग लगाने में सफल हुए। कुलवंत गांव के जोहड़े में खेल कर जिला स्तरीय टूर्नामेंट खेलने के बाद आईपीएल तक छलांग लगाने में सफल हुए।