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कार की टक्कर से मोपेड सवार की मौत, 20 फीट दूर मिली युवक की डेडबॉडी

100 किलोमीटर की तेज स्पीड में जा रही थी। इधर, सीताराम जाट सीकर से अपने गांव मोपेड लेकर आ रहा था।

Danik Bhaskar | Jan 30, 2018, 05:25 AM IST

सीकर। सोमवार रात को कुंडली स्टैंड पर कार की टक्कर से मोपेड सवार की मौत हो गई। हादसा रात करीब साढ़े नौ बजे हुआ। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक कार झुंझुनूं से सीकर की तरफ करीब 100 किलोमीटर की तेज स्पीड में जा रही थी। इधर, सीताराम जाट सीकर से अपने गांव मोपेड लेकर आ रहा था। कुडली स्टैंड पर तेज रफ्तार कार ने सामने से मोपेड पर आ रहे सीताराम को टक्कर मारी। कार की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सीताराम मोपेड से उछलकर करीब 20 फीट दूर जाकर गिरा। वहीं, उसकी मोपेड करीब 15 फीट दूर जाकर एक पेड़ से जाकर टकराकर रूकी। पुलिस के देर से पहुंचने पर गांव वालों ने लगाया जाम...

- गांववालो ने पुलिस व एंबुलेंस को हादसे की सूचना दी। देर तक पुलिस व एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची तो गुस्साए ग्रामीणों ने शव को सड़क के बीच रख दिया और प्रदर्शन करने बैठ गए।

- करीब आधा घंटा बाद उद्योगनगर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस को देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए।

- ग्रामीणों ने हाथों में पत्थर उठा लिए। अनहोनी की आशंका को देखकर घटनास्थल से वापस लौट आई। बाद में उद्योगनगर व सदर थाने का अतिरिक्त जाब्ता मौके पर पहुंचा।

- पुलिसकर्मियों ने विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को मौके से खदेड़ा और शव को एंबुलेंस में डालकर एसके अस्पताल भिजवाया।

- रात करीब 11 बजे वापस यातायात संचालित हुआ। इससे पहले हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों के प्रदर्शन के कारण करीब एक घंटे तक हाइवे पर दोनों तरफ करीब डेढ़ किलोमीटर तक रास्ता जाम रहा। इस वजह से वाहन चालकों व बस सवार यात्रियाें को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।


कार की नंबर प्लेट मिली, चालक की तलाश जारी
- हादसे के बाद चालक कार को मौके से भगा ले गया। बगिया होटल के समीप कार की नंबर प्लेट गिर गई। जो ग्रामीणों ने पीछा कर उठा ली, लेकिन कार चालक नहीं पकड़ सके।

- पुलिस को कार की नंबर प्लेट मिल गई है। जिसके आधार पर कार चालक की तलाश की जा रही है।

- वहीं, मृतक सीताराम जाट का शव एसके अस्पताल स्थित मोर्चरी में रखवा दिया गया है। जिसका मंगलवार को पोस्टमार्टम होगा।

ग्रामीण बोले: घायल सीताराम को समय पर इलाज नहीं मिला
ग्रामीण प्रकाश भामूं, सुनील जाट व प्रकाश जाट आदि ने बताया कि उन्होंने हादसे की जानकारी पुलिस व एंबुलेंस को तत्काल दे दी थी। लेकिन दोनों आधा घंटा देरी से मौके पर पहुंचे। तब तक सीताराम तड़पता रहा और उपचार के अभाव में दम तोड़ दिया।

इन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने जब पुलिस का विरोध किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया।


पुलिस बोली-ग्रामीणों को घायल को अस्पताल ले जाना चाहिए था
-मामले में उद्योगनगर सीआई राममनोहर का कहना है कि रात करीब सवा दस बजे पुलिस को दुर्घटना की सूचना मिली। पुलिस तत्काल मौके पर आ गई थी।

- ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस आधा घंटा देरी से पहुंची। हालांकि-हमें सूचना मिलते ही पुलिस आ गई थी। लेकिन ग्रामीणों को भी मानवीयता समझनी चाहिए।

- हादसे के बाद अगर घायल तड़प रहा था। उसे इलाज की जरूरत थी तो ग्रामीणों काे घायल को तत्काल अस्पताल ले जाना चाहिए था।