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प्याज 35 से 15 रुपए किलो, किसान मायूस : 16 के बजाय 9 रुपए ही मिल रहे

कारण 1 : दिल्ली और यूपी के मार्केट में मांग घटने से आ रही है बाजार भावों में मंदी, कारण 2 : मंडी में लगातार बढ़ रही है प्

Danik Bhaskar | Mar 10, 2018, 05:14 AM IST

सीकर. प्याज की नई फसल किसानों के चेहरों पर मायूसी लेकर आई है तो आम उपभोक्ता के लिए राहत। नई फसल की आवक के साथ ही खुदरा मार्केट में एक माह पहले तक 30 से 35 रुपए प्रतिकिलो बिकने वाला प्याज अब 12 से 15 रुपए प्रतिकिलो तक बिकने लगा है। थोक भावों की बात की जाए तो मंडी में फरवरी के पहले सप्ताह तक प्याज के थोक भाव 15 से 16 रुपए प्रतिकिलो तक रहे थे। मंडी में नए प्याज के भावों में 7 से 8 रुपए किलो तक की गिरावट आ गई है। थोक भाव 7 से 9 रुपए किलो तक बोले जाने लगे हैं।


इधर भावों में लगातार गिरावट को देखते हुए किसानों का धैर्य टूट रहा है। अच्छे भाव लेने के लिए कई किसान खेतों से कच्ची फसल की ही कटाई कर मंडी में बेच रहे है। कारोबारियों के अनुसार प्याज के थोक एवं खुदरा भावों में एक साथ भारी गिरावट की बड़ी वजह है मार्केट में मांग से ज्यादा आवक तथा दिल्ली एवं यूपी की मंडियों में प्याज की मांग बढ़ने के बजाय कम होना। कारोबारी आवक एवं खपत को देखते हुए फिलहाल प्याज के थोक बाजार में मंदी के ही आसार लग रहे हैं।

10 दिन में प्याज की आवक 2000 से 25000 कट्टे पहुंची

सीकर मंडी में प्याज कारोबार चरम पर पहुंच रहा है। मंडी में महज 10 दिन में ही आवक का आंकड़ा 2000 से 25000 कट्टे प्रतिदिन होने लगा है। कारोबारी जगदीश मैलासी के अनुसार आवक को देखते हुए मंडी में प्याज के थोक भावों में फिलहाल खास सुधार की संभावना नहीं है। सीकर मंडी में रसीदपुरा, मैलासी, खुड़ी, धोद, सहित आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में प्याज की आवक होने लगी है।

इस बार भी जिले के किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है प्याज की फसल
अगर भावों में गिरावट रही तो किसानों के लिए पिछले साल की तरह इस बार भी प्याज की फसल घाटे का सौदा साबित हो सकती है। क्योंकि 10 रुपए प्रतिकिलो से नीचे भाव रहने की स्थिति में किसान को लागत मूल्य ही वसूल होता है। किसान रामकरण व महेश कुमार का कहना है कि प्याज की उत्पादन लागत आठ रुपए प्रतिकिलो तक आ रही है। फिलहाल मंडी में किसानों का प्याज सात से 9 रुपए तक ही बिक रहा है। ऐसे में किसान के लिए प्याज फिलहाल नो लोस नो प्रोफिट की स्थिति में है।

कारोबारी बोले- मार्च के अंत तक सुधर सकते हैं भाव
कारोबारियों के अनुसार मार्च के अंतिम पखवाड़े तक प्याज के थोक भावों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। इसकी वजह है मंडी में दूसरे राज्यों के प्याज कारोबारी अभी नहीं पहुंचने लगे हैं। दूसरी वजह ये है कि फसल कटाई का दौर शुरू ही हुआ है। ऐसी स्थिति में प्याज में नमी आ रही है। ऐसे में लंबी दूरी तक परिवहन में भी परेशानी होती है।