Hindi News »Rajasthan »Sikar» Police Not Registering Case For Usury

पुलिस ने सूदखोरी का केस दर्ज नहीं किया, कोर्ट ने दुबारा जांच के आदेश दिए

कोर्ट का फैसला : पुलिस ने मामले में चेक की बगैर एफएसएल जांच कराए लगा दी थी एफआर

Bhaskar News | Last Modified - Dec 22, 2017, 07:07 AM IST

पुलिस ने सूदखोरी का केस दर्ज नहीं किया, कोर्ट ने दुबारा जांच के आदेश दिए

सीकर. कोतवाली पुलिस ने एक मामले में सूदखोरी का केस दर्ज नहीं किया। पीड़ित ने इस्तगासे से एफआईआर कराई तो पुलिस ने 28 दिन में पुलिस ने मामले में एफआर लगा दी। जिसके बाद पीड़ित ने अधिवक्ता के जरिए न्यायालय में अपील की। जिसमें बताया कि पुलिस ने आरोपी पक्ष की ओर से कूटरचना नहीं किए जाने का हवाला दिया। 20 दिसंबर को कोतवाली पुलिस ने मुकदमे में एफआर लगा दी। जिसमें यह नहीं बताया गया कि खाली चेक किसने भरे। चेक की एफएसएल जांच के बारे में रिपोर्ट नहीं दी गई।


पीड़ित ने आपत्ति जाहिर करते हुए करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन पेश किया। जिस पर कोर्ट ने एफआर को अस्वीकार कर दिया और चेक में लिखी गई राशि की एफएसएल जांच सहित प्रकरण की उच्च अधिकारी से जांच के कराने आदेश दिए।


एडवोकेट अंगद तिवाड़ी ने बताया कि पीड़ित विशाल खंडेलवाल ने आरोपी संजय कुमार जोशी व उसकी पत्नी आरती के खिलाफ 18 नवंबर को इस्तगासे के जरिए कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। पीड़ित ने साल 2012 में पिता की तबीयत खराब होने पर संजय जोशी से रुपए उधार लिए थे। संजय ने एवज में हस्ताक्षरशुदा खाली चेक लिए।

पीड़ित विशाल ने उधार लिए रुपए अगस्त, 2016 में चुका दिए। लेकिन संजय ने उसे चेक वापस लौटाए। अक्टूबर, 2016 में जरूरत पड़ने पर विशाल ने संजय से फिर 12 लाख रुपए उधार लिए। दूसरे व्यक्ति से रुपए दिलाने का हवाला देकर संजय ने सिक्योरिटी बतौर विशाल से तीन चेक लिए। विशाल ने दिसंबर, 2016 में हिसाब पूरा कर दिया। इसी दौरान संजय की पत्नी आरती ने पारिवारिक जरूरत बताते हुए विशाल से एक लाख रुपए उधार लिए। कुछ समय बाद विशाल ने एक लाख रुपए व सिक्योरिटी बतौर दिए गए चेक वापस मांगे तो संजय बहाने बनाने लगा।

इसके बाद संजय व उसकी पत्नी आरती ने अलग-अलग चेक में 71 लाख रुपए की राशि भरकर बैंक में लगाकर अनादरित करवा दिए। इसके बाद संजय ने वकील के जरिए चार नोटिस भी दिलवाए। जिसके बाद पीड़ित विशाल ने कोर्ट इस्तगासे के जरिए मुकदमा दर्ज करवाया।

कोर्ट ने लक्ष्मणगढ़ एसएचओ को दो बार गाड़ी छोड़ने के आदेश दिए, फिर भी नहीं छोड़ी, एसपी के जरिए किया तलब

जिला एवं सेशन न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करना लक्ष्मणगढ़ एसएचओ मुकेश कानूनगो को भारी पड़ गया है। आदेशों की अवमानना करने पर कोर्ट ने एसपी राठौड़ विनीत कुमार को नोटिस भिजवा दिया है। जिसमें बताया गया है कि एसएचओ मुकेश कानूनगो ने कोर्ट के आदेशों की पालना नहीं की है। जिन्हें नोटिस तामील कराकर शुक्रवार सुबह न्यायालय में पेश किया जाए।

मामले के अनुसार अगस्त, 2017 में रोरू छोटी गांव में फौजी सुमेर सिंह की हत्या हुई थी। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त बोलेरो गाड़ी को जब्त कर लिया था। अपराधियों ने वारदात में जिस बोलेरो कैंपर को काम लिया था। गाड़ी मालिक विक्रम सिंह ने वकील के जरिए कोर्ट में गाड़ी छोड़ने के लिए आवेदन किया। जो वारदात में शामिल नहीं था। 19 दिसंबर को डीजे अभय चतुर्वेदी ने लक्ष्मणगढ़ एसएचओ को गाड़ी छोड़ने के लिए आदेश दिए।

गाड़ी मालिक विक्रम सिंह जब पुलिस थाने में पहुंचा तो एसएचओ ने गाड़ी छोड़ने से मना कर दिया। गुरुवार को कोर्ट ने एसएचओ को दुबारा गाड़ी छोड़ने के लिए आदेश दिए। एसएचओ ने दोपहर डेढ़ बजे तक गाड़ी छोड़ने के लिए कहा। प्रार्थी सुपुरदार विक्रम सिंह वापस थाने में पहुंचा। जहां उसे गाड़ी देने से फिर मना कर दिया गया। इधर, विक्रम सिंह के वकील ने न्यायालय ने आदेशों की अवमानना करने का आवेदन पेश किया। जिसे न्यायालय ने गंभीरता से लिया। फिर जिला एवं सत्र न्यायालय ने लक्ष्मणगढ़ थाना अधिकारी मुकेश कानूनगो के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई के लिए नोटिस जारी कर तलब कर लिया।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Sikar News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: police ne sudkhori ka kes drj nahi kiyaa, kort ne dubaaraa jaanch ke aadesh die
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Sikar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×