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दिल्ली से खरीदकर लाता था महिलाआें को, कुंवारे लडकों को 3 लाख में बेचता था

जिले में शादी के लिए रुपए लेकर महिलाओं के बेचने के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

Danik Bhaskar | Jan 28, 2018, 04:43 AM IST

चुरू। जिले में शादी के लिए रुपए लेकर महिलाओं के बेचने के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। दिल्ली से जुड़े गिरोह का सरगना बुहाना का राजकुमार दिल्ली सहित अन्य राज्यों से महिलाओं को बहलाकर, या खरीदकर झुंझुनूं व चूरू जिले में बेचने का काम कर रहा था। पुलिस ने आरोपी व उसके मामा और तीन खरीददारों को गिरफ्तार किया है। झुंझुनूं व चूरू में बेची गई तीन महिलाओं को भी दस्तायब किया।

एसपी ने शनिवार को पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 25 जनवरी को सूचना मिली कि भालेरी थाना क्षेत्र के छाजूसर गांव में बेची गई झारखंड की एक महिला के मौका पाकर घर से निकलने और चूरू में घूमने की जानकारी मिली थी। इस पर महिला थाने के एसएचओ राजकुमार राजौरा ने महिला को दस्तयाब कर पूछताछ की, तो उसने मानव तस्करी गिरोह द्वारा बेचे जाने की पुष्टि की।

गैंग का सरगना बुहाना (झुंझुनूं) निवासी राजकुमार पुत्र बंशीधर मेघवाल है। आरोपी राजकुमार अपने मामा कलाखरी, सिंघाना निवासी झाबर पुत्र गणपतराम मेघवाल के साथ दिल्ली के मानव तस्कर गिरोह से मिलकर निर्धन, बेबस और लाचार महिलाओं को खरीदकर बेचने का काम करता है। पुलिस ने सूचना के आधार पर छाजूसर, झुंझुनूं जिले के गांव जाखोद, बुहाना, सिंघाना, पिलानी व सूरजगढ़ आदि स्थानों पर दबिश देकर दोनों दलालों सहित तीन खरीददारों को गिरफ्तार किया। झुंझुनूं जिले के गांव जाखोद व बोदन से दो महिलाओं को भी बरामद किया। छाजूसर में बेची गई महिला झारखंड की है, वहीं जाखोद से बरामद महिला पठानकोट और बोदन में मिली महिला पटना की है। मामले में तीनों महिलाओं को खरीदकर शादी करने वाले छाजूसर के 26 वर्षीय शेरसिंह राजपूत, झुंझुनूं जिले के गांव जाखोद के 26 वर्षीय सिंटू और बोदन निवासी विजयसिंह उर्फ सतपाल को गिरफ्तार किया।

बेबस और निर्धन महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर चला रहा था नेटवर्क
महिलाओं की खरीद-फरोख्त के मामले में गिरफ्तार आरोपी राजकुमार बेबस और निर्धन महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर नेटवर्क चला रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी करीब तीन साल से यह नेटवर्क चला रहा था। आरोपी निर्धन, बेबस और लाचार महिलाओं को बहलाकर, अपहरण कर या फिर खरीद कर लाता था। फिर अपने गिरोह से जुड़े लोगों के लिए शादी के लिए लड़की तलाशने वालों से संपर्क करता और उनको बेच देता। रुपए भी पार्टी की हैसियत देखकर तय करता था। पुलिस द्वारा दस्तायब की गई तीन महिलाओं में से आरोपी ने एक का अपहरण किया था और दो को उसने खरीदा था। तीनों ही महिलाओं को उसने डेढ से दो लाख रुपए के बीच बेचा था। अभी तक सामने आया है कि आरोपी के तार दिल्ली सहित कई राज्यों से जुड़े हुए हैं।

दर्द : अपनों ने ही धकेला इस नर्क में, एक महिला से पहले धंधा करवाया, दो बच्चों की मां का अपहरण कर लेकर आया था
पुलिस को मिली तीनों महिलाएं अपनों के ही जरिए इस नर्क में धकेली गई। जाखोद की महिला तो इस नारकीय जीवन से इतना अाजीज आ गई कि आत्महत्या करने जा रही थी। उसने बताया कि वह पठानकोट की है। बचपन में उसके माता पिता की मौत हो गई। उसको लेकर उसके भाई-भाभी में अक्सर झगड़ा होता था। भाभी उसे घर में रखना नहीं चाहती थी। इसके बाद उसके भाई ने 13 साल की उम्र में करनाल की रानी नाम की महिला को बेच दिया। वहां पर उससे जबरन वेश्यावृति करवाई गई। करीब दो साल पहले रानी ने उसे बुहाना के राजकुमार को डेढ़ लाख रुपए में बेच दिया।

राजकुमार ने जाखोद के सिंटू स्वामी को दो लाख रुपए में बेच दिया। सिंटू ने उसके साथ शादी कर ली और अपने दोस्तों के साथ भी संबंध बनाने का दबाब बनाने लगा। मना करने पर मारपीट की। इसी तरह बोदन में मिली पाटन की महिला ने बताया कि उसकी सौतेली मां उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करती थी और अक्सर मारपीट करती रहती थी। इसलिए वह अपनी सहेली के पास चली गई। सहेली की मौसी ने उसे राजकुमार को बेच दिया।

राजकुमार ने उसे विजयकुमार को दो लाख रुपए में बेच दिया। छाजूसर में बेची गई झारखंड की महिला ने बताया कि उसकी शादी को 10 साल हो गए और उसके बच्चे भी हैं। अक्टूबर, 2017 में राजकुमार गाड़ी लेकर आया और उसको बेहोश कर उसका अपहरण कर बुहाना ले अाया। उसे छाजूसर के शेरसिंह को बेच दिया। बुधवार को शेरसिंह उसे लेकर सरदारशहर आया था, जहां से वह चकमा देकर भाग निकली और चूरू पहुंच गई।

बड़े स्तर पर चल रहा है महिलाओं की खरीद-फरोख्त का अनैतिक कारोबार : चूरू के सीमावर्ती जिले झुंझुनूं में भी बड़े स्तर पर महिलाओं की खरीद-फरोख्त का कारोबार चल रहा है। कई मामले पुलिस के सामने भी आए है। चूरू पुलिस द्वारा पकड़े गए दोनों दलाल व दो खरीदार भी झुंझुनूं जिले के ही निवासी है। इससे पहले चूरू में इस तरह के सामने आए मामलों में भी कुछ के तार झुंझुनूं जिले से जुड़े हुए पाए गए थे। हालांकि उन पर आगे किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने के कारण उनका खुलासा नहीं हो पाया।

पुलिस जाखोद नहीं पहुंचती तो आत्महत्या कर लेती पीड़िता
डीएसपी हुकुमसिंह ने बताया कि जाखोद में दबिश देकर पठानकोट की महिला को दस्तयाब किया, तो उसने बताया कि वह आज आत्महत्या करने की तैयारी में थी, इसके लिए उसने कीटनाशक भी खरीद लिया था। पुलिस नहीं जाती तो वह आत्महत्या कर लेती।