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10 हजार से ज्यादा महिलाओं पर 3 बेटियों के बाद भी बेटे के लिए दबाव, हर चौथी बेटी बालिका वधु

इसके मुताबिक, राजस्थान उन राज्यों की सूची में शुमार हो गया है, जहां महिलाएं सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं।

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2017, 08:03 AM IST
report related to health and violence of women in Sikar

सीकर. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की नई रिपोर्ट बेहद चौंकाने वाली है। इसके मुताबिक, राजस्थान उन राज्यों की सूची में शुमार हो गया है, जहां महिलाएं सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। जेंडर वल्नरेबिलिटी इंडेक्स (जीवीआई) यानि लिंगभेद सूचकांक के जरिए गरीबी, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों तथा महिला सुरक्षा संरक्षण जैसे मानकों का अध्ययन किया गया है। इसमें 0 से 1 के बीच अंक दिए गए हैं। जो राज्य एक अंक के जितना करीब हैं वे उतने ही बेहतर माने गए हैं। इंडेक्स में राष्ट्रीय औसत 0.5314 रहा। इसमें राजस्थान का प्रदर्शन 0.497121 अंकों के साथ राष्ट्रीय औसत से भी नीचे रहा है। दैनिक भास्कर ने जीवीआई, स्वास्थ्य मंत्रालय और पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर सीकर का विश्लेषण किया। इसमें पता चलता है कि सीकर में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं है। बच्चियों के साथ ज्यादती की वारदात लगातार बढ़ रही है। पिछले साल नाबालिग बच्चियों से ज्यादती के 55 मामले दर्ज हुए। वहीं 24.2 फीसदी लड़कियां आज भी 18 वर्ष की उम्र से पहले ही ब्याह दी जाती हैं। हैरानी यह भी है कि 3.7 फीसदी लड़कियां 15 से 18 साल की उम्र में ही मां भी बन जाती है। तमाम कोशिशों के बाद भी बेटों का मोह खत्म नहीं हो रहा। सीकर में हर साल तीन बेटियां होने के बाद भी ढाई से तीन हजार महिलाएं गर्भधारण करती हैं। यह सबकुछ बेटे की चाहत के लिए हो रहा है।

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