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फतेहपुर रोड पर रोडवेज बस-बाइक भिड़ंत के बाद हुआ उपद्रव, पढ़ें स्पेशल रिपोर्ट

फतेहपुर रोड पर गुरुवार शाम को बस बाइक की टक्कर से एक युवक की मौत के मामले में उपद्रवियों ने बस को फूंक दिया।

Dainik Bhaskar

Dec 30, 2017, 08:05 AM IST
roadways bus-bike collision on Fatehpur Road

सीकर. फतेहपुर रोड पर गुरुवार शाम को बस बाइक की टक्कर से एक युवक की मौत के मामले में उपद्रवियों ने बस को फूंक दिया। पथराव किया, पुलिस को पीटा। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। विवाद इतना ज्यादा बढ़ गया, इसकी वजह रही कि पुलिस समय पर नहीं पहुंची। घटनास्थल से पुलिस लाइन की दूरी करीब 3 किमी है। 3 किमी का सफर तय करने में आखिर पुलिस को आधा घंटा क्यों लग गया, इसी सवाल का जवाब जानने के लिए भास्कर ने पड़ताल की। एएसपी तेजपाल से बात की। उन्होंने माना कि पुलिस से मामले की गंभीरता समझने में चूक हो गई।

एएसपी डॉ. तेजपाल ने बताया कि सामान्य तौर पर हादसा होने के बाद पुलिसकर्मी मौके पर जाते हैं। साउथ चौकी से दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए थे। जिन्हें उपद्रवियों ने घेर लिया। फिर चौकी प्रभारी शिवराज सिंह मय चौकी जाप्ता मौके पर पहुंचे। जिन्होंने चालक सुरेश सैन को उपद्रवियों से बचाया। चौकी प्रभारी के सिर में चोट लग गई। बाद में कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि फतेहपुर रोड पर उपद्रवी अनहोनी को अंजाम दे सकते हैं। इसके बाद कोतवाली पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। अंदाजा नहीं था कि उपद्रवी बस जला सकते हैं, ऐसे में पुलिसकर्मी पूरी तरह से हथियारों से लैस नहीं थे और वे हालात पर नियंत्रण नहीं कर पाए।

- मामला चाहे सड़क दुर्घटना का हो या आगजनी, हत्या या दो समुदायों के बीच झगड़े का, सूचना मिलते ही आला अधिकारियों को मौके पर पहुंचना चाहिए। इससे फोर्स निचले अधिकारियों का मनोबल बढ़ता है। आमजन में भी विश्वास बढ़ता है। घटनाक्रम के 10 से 15 मिनट के भीतर ही पर्याप्त पुलिस जाब्ते को मौके पर पहुंचना चाहिए। हर थाने में रिजर्व में वर्दी में जाब्ता रखना चाहिए।

पुलिस जाब्ता देरी से घटनास्थल पर पहुंचा। ट्रैफिक जाम का हवाला दिया जा रहा है। दूसरे रास्तों से पुलिस टीमें क्यों नहीं गई?
- पुलिसजाब्ता देरी से नहीं पहुंचा। लगातार अधिकारी और जाप्ता मौके पर पहुंच रहा था। जाम में थोड़ा समय जरूर लग रहा था। लेकिन पुलिस दूसरे रास्तों से भी मौके पर गई। उपद्रवियों को चारों तरफ से घेरकर पकड़ा।

उपद्रवियोंने पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में बस को जला दिया। बचाव क्यों नहीं कर सके?
- उससमय माकूल पुलिस जाब्ता मौके पर मौजूद नहीं था। उपद्रवी पुलिस जाम में फंसे दूसरे वाहनों पर पथराव कर रहे थे। पुलिसकर्मी आमजन की सुरक्षा में लगे थे और उपद्रवियों का सामना कर रहे थे। इस दौरान उपद्रवियों ने बस को आग लगा दी।

आरोप है कि पुलिस ने घर में घुसकर तोड़फोड़ की और गिरफ्तार किया।
- आरोपगलत हैं। पुलिस ने उन्हीं लोगों को पकड़ा है जो सड़क पर उपद्रव कर रहे थे। तो घरों में घुसकर तोड़फोड़ की आैर ही गिरफ्तार किया।


शहर में पहले भी दो पक्षों में विवाद हुआ था। पुलिस प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटना होने पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए तैयारियां का दावा किया था?
दोपक्षों का विवाद एक अलग मामला है। यह एक हादसा है, जिसमें भी बस चालक की गलती नहीं है। आशंका नहीं थी कि विवाद इतना बढ़ जाएगा। ऐसे में तैयारियां अमल में नहीं ला सके। पुलिसकर्मी राजेश लोगों की भीड़ के बीच फंस गए।

शाम 6:10 बजे

- एएसपीडॉ. तेजपाल मौके पर पहुंचे। इससे पहले 6:05 बजे उपद्रवियों ने बस को आग के हवाले कर दिया। सदर, उद्योगनगर पुलिस लाइन का जाप्ता भी मौके पर पहुंच गया। एएसपी के निर्देश पर स्थित नियंत्रण के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। उपद्रवी ज्यादा आक्रोशित हो गए और पुलिस पर चारों तरफ से पथराव शुरू कर दिया।

यहरही चूक

- एएसपीडॉ. तेजपाल घटनास्थल पर पांच मिनट देरी से पहुंचे। तब तक उपद्रवियों ने बस को अाग के हवाले कर दिया था। फिर एएसपी ने भीड़ को नियंत्रण में करने के लिए आंसू गैस छोड़ने लाठी चार्ज करने के निर्देश दिए।

शाम 6:20 बजे

- कोबराटीम, रानोली थाना, महिला थाना, सीओ कार्यालय, एसपी कार्यालय सभी चौकियों का पूरा जाप्ता मौके पर पहुंच गया। मौके पर करीब 200 पुलिसकर्मियों का जाप्ता मौजूद रहा। उपद्रवियों को नियंत्रण करने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे।

यह रही चूक

- घटनास्थलपर हजारों लोगों की भीड़ पुलिस दूसरे वाहनों पर पथराव कर रही थी। ऐसे में जाप्ते में महज 200 पुलिसकर्मी थे। जो हर तरफ से मुकाबला करने की स्थिति में नहीं थे। भीड़ ने पुलिस पर चारों तरफ से पथराव जारी रखा।
शाम 5:30 बजे

- हादसे के बाद उपद्रवियों ने रोडवेज को घेर लिया। चालक ने बस के गेट लॉक कर लिया। शाम 5:35 बजे साउथ पुलिस चौकी को सूचना मिली। 5.40 बजे चौकी कांस्टेबल रतन कुमार राजेश जाट मौके पर आए। इन्होंने समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने दोनों कांस्टेबल को घेर कर अभद्रता मारपीट की।

शाम 6:00 बजे:

- कोतवाल महावीर सिंह, सीओ सीटी गिरधारी लाल शर्मा मय जाप्ता मौके पर पहुंचे। घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल पहुंचाया। इधर, उपद्रवियों ने पुलिस दूसरे वाहनों पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने हल्का बल प्रयाेग किया।

यह रही चूक:

- कोतवालसीअो सिटी पूरे जाप्ते के साथ आए। लेकिन पूरी पुलिस टीम हथियारों से लैस नहीं थी। सिर्फ डंडों के सहारे उपद्रवियों से मुकाबला कर रहे थे। 6:30 से 8:30 बजे: इनदो घंटे में पुलिस उपद्रवी आमने सामने रहे। पुलिसकर्मी उपद्रवियों पर आंसू गैस के गोले दागते रहे और लाठीचार्ज कर पकड़ते रहे। रात करीब साढ़े आठ बजे स्थित नियंत्रण में आई। पुलिसकर्मियों ने उपद्रवियों को पकड़ना शुरू कर दिया

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