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कोर्ट ने 1 महीने में नियुक्ति के आदेश दिए, लेकिन RPSC ने कैंडिडेट्स को अपात्र घोषित कर दिया

ऐसे में इन पर प्रोबेशन पीरियड लागू नहीं होता, लेकिन आयोग इस वर्ग से चयनित अभ्यर्थियों को अपात्र घोषित कर रहा है।

Danik Bhaskar | Dec 09, 2017, 06:54 AM IST

सीकर. आरपीएससी जूनियर अकाउंटेंट परीक्षा 2013 में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के मामले में मनमर्जी कर रहा है। चयनित अभ्यर्थियों का आरोप है कि हाईकोर्ट ने न्यायिक कर्मचारियों को नियुक्ति की तारीख से ही मंत्रालयिक कर्मचारी माने जाने के आदेश दिए थे। ऐसे में इन पर प्रोबेशन पीरियड लागू नहीं होता, लेकिन आयोग इस वर्ग से चयनित अभ्यर्थियों को अपात्र घोषित कर रहा है।

रितेश पारीक सहित अन्य की याचिका पर कोर्ट ने 30 नवंबर 2017 को प्रोबेशन में कार्यरत कर्मचारियों को मंत्रालयिक कर्मचारी की श्रेणी में मानते हुए एक महीने में नियुक्ति के आदेश दिए थे। आदेश में कहा गया कि अधीनस्थ न्यायालय के कनिष्ठ लिपिक नियुक्ति की तारीख से ही मंत्रालयिक कर्मचारी की श्रेणी में माना जाए।

इसके बावजूद आयोग द्वारा आकाश टांक, बसंत शर्मा, गौरव सैनी को अपात्र घोषित किए जाने का पत्र जारी किया गया है। रितेश पारीक ने बताया कि आयोग की इस मनमानी के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की जाएगी।