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सेंसर से जुड़ेंगे SBI एटीएम, छेड़छाड़ होते ही मैनेजर के पास पहुंच जाएगी सूचना

सेंसर से प्रबंधक और कैशियर को भी मिलेगी सूचना, ग्रामीण क्षेत्रों से होगी शुरुआत

Dainik Bhaskar

Dec 27, 2017, 04:40 AM IST
SBI ATMs to connect with Sensor to prevent robbery

सीकर. एटीएम में तोडफ़ोड़ कर रुपए निकालने की वारदात रोकने के लिए अब भारतीय स्टेट बैंक ने नई पहल की है। एसबीआई एटीएम को सेंसर से जोड़ने जा रही है। एटीएम के सेंसर से जुड़ने के बाद इनके साथ छेड़खानी करने वाले तत्काल पकड़े जाएंगे। पहले चरण में ग्रामीण इलाकों में लगे एसबीआई के एटीएम को सेंसर सिस्टम से जोड़ा जाएगा।


एटीएम पर सेंसर लगने के बाद उसकी कनेक्टिविटी संबंधित मुंबई हैड ऑफिस से होगी। इसी सेंसर से एटीएम की संबंधित बैंक शाखा के प्रबंधक और कैशियर के मोबाइल को जोड़ा जाएगा। ताकि एटीएम से छेड़छाड़ होते ही संबंधित शाखा प्रबंधक और कैशियर के मोबाइल पर तत्काल सूचना मिल सके।

एटीएम पर तोड़फोड की घटना के दौरान प्रबंधक और कैशियर के मोबाइल नंबर पर एक घंटी बजेगी। फिलहाल चेस ब्रांच ही सेंसर से जुड़ी हुई है। बैंक शाखा बंद होने के बाद यदि चेस में किसी तरह की छेड़छाड़ होती है तो सेंसर से इसकी सूचना शाखा प्रबंधक तक पहुंचाता है। इतना ही नहीं चेस में टाइमर फिक्स होता है।

टाइमर के चलते उसे खोलना नामुमकिन होता है। इसलिए चेस ब्रांचों में लूट की घटनाएं नहीं होती है। इसके अलावा बैंकों की ओर से लगाए जा रहे नए एटीएम में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं पुराने एटीएम बदले जा रहे हैं। उम्मीद है कि नए साल में सभी एटीएम अपडेट कर दिए जाए।

वारदात में लगते हैं 20 से 30 मिनट

एटीएम की वारदातों की जांच में सामने आया कि बदमाश महज 20 से 30 मिनट में एटीएम तोड़ने या उखाड़ने की घटना को अंजाम दे डालते हैं। सेंसर से सूचना बैंक प्रबंधक तक पहुंचने के बाद बदमाश वारदात को अंजाम नहीं दे पाएंगे।

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1. अक्टूबर 2015 : रानोली में लुटेरों ने एसबीआई के एटीएम को लूटने का प्रयास किया। मुख्‍य बाजार में लगे एसबीआई के एटीएम की मशीन को उखाड़ कर एक जीप में डालकर ले जाने का प्रयास किया। वहां से गुजर रहे एक ट्रैक्टर सवार ग्रामीणों और गश्ती चौकीदारों ने उन्‍हें देख लिया। जिसके चलते लुटेरे एटीएम को सड़क पर छोड़ फरार हो गए।

2. अक्टूबर 2017 : पाटन कस्बे में मुख्य बस स्टैंड पर लगी निजी कंपनी की एटीएम मशीन चोर उखाड़ ले गए। पुलिस के अनुसार, बदमाश एटीएम कक्ष में लगे कैमरों के तार काट कर एटीएम मशीन उखाड़ कर ले गए थे। इसके बाद सुनसान इलाके में बक्से में से नकदी निकाल कर मशीन फेंककर फरार हो गए।

3. दिसंबर 2015 : चिड़ावा के मंड्रेला रोड बाईपास चौराहे पर चार नकाबपोश लुटेरों ने गार्ड को बंधक बनाकर एटीएम मशीन लूटने का प्रयास किया। बदमाशों ने मशीन उखाड़कर केबिन से बाहर निकाल ली। इसी दौरान मंड्रेला रोड तिराहे की ओर से गाड़ियां आती देख लुटेरे मशीन को सड़क किनारे छोड़ अपनी कैंपर गाड़ी से फरार हो गए। इसमें 17 लाख 40 हजार रुपए थे।

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