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14 साल की गर्ल 1068 बच्चों के स्कूल में अकेली ब्लाइंड, कहती है- भेदभाव तो आंखें करती हैं

राजस्थान के सीकर की रहने वाली 14 साल की शालिनी चौधरी जन्म से ही दृष्टिहीन है।

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 06:43 AM IST
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सीकर. राजस्थान के सीकर की रहने वाली 14 साल की शालिनी चौधरी जन्म से ही दृष्टिहीन है। शालिनी के पढ़ने के लिए सीकर में कोई स्पेशल स्कूल नहीं था, लेकिन उसकी जिद थी कि कमी को कमजोरी नहीं बनने दूंगी। इसलिए अब शालिनी 1068 बच्चों के स्कूल में पढ़ने वाली एकलौती दृष्टिहीन छात्रा है। शालिनी के स्कूल में 90 प्रतिशत बच्चे लड़के हैं, लेकिन शालिनी इससे भी बेपरवाह है। वो कहती हैं कि- 'लड़का-लड़की का भेद तो आंखें करती हैं। मेरी आंखें ही नहीं हैं, तो मैंने कभी इस भेद को माना ही नहीं।'


13 साल की कैटेगरी में राजस्थान की पहली दृष्टिहीन चैंपियन
- शालिनी पैरा एथलीट की गोल्ड मेडलिस्ट है। 2016 में सातवीं पैरा एथलीट चैंपियनशिप में शालिनी ने 100 मी, 200 मी दौड़, शॉट फुट, रिले रेस में तीन गोल्ड मेडल और एक सिल्वर जीता।

- 2017 उदयपुर में हुई राजस्थान पैरा एथलीट चैंपियनशिप में भी गोल्ड जीता।

- शालिनी की मां सरोज ने बताया कि 13 की उम्र में शालिनी नेशनल में टी-11 कैटेगरी में 1,500 मी दौड़ में गोल्ड जीतने वाली राजस्थान की पहली दृष्टिहीन चैंपियन बनी।

- शालिनी अब पैरालिंपिक की तैयारी कर रही हैं।