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पुलिस ने गिरफ्तारियां शुरू की तो तय तारीख से दो दिन पहले हड़ताल पर चले गए डॉक्टर

पहले 18 से जाना था हड़ताल पर, पुलिस ने गिरफ्तारियां शुरू कर दी शनिवार शाम से हड़ताल पर चले गए

Danik Bhaskar | Dec 17, 2017, 06:44 AM IST

सीकर. सेवारत डॉक्टर शनिवार शाम को हड़ताल पर चले गए। सेवारत डॉक्टरों पहले 18 दिसंबर से हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस द्वारा धरपकड़ शुरू किए जाने से सकपकाए डॉक्टर शनिवार शाम से हड़ताल पर चले गए।


अरिस्दा पदाधिकारियों ने प्रदेश में फिर भी सेवारत डॉक्टराें के हड़ताल पर जाने के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। मरीजों को होने वाली परेशानी के लिए स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ को जिम्मेदार बताया है।

अरिस्दा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मणसिंह ओला ने कहा सरकार का दमन नहीं सहेंगे। उन्होने कहा इस बार चींटियां हाथी के सूंड और कानों में घुसेंगी। इधर सेवारत डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने के कारण वैकल्पिक इंतजाम किए है। प्रोबेशन पीरियड पर चल रहे डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई। आयुर्वेद डॉक्टरों को भी इमरजेंसी कॉल किए है।


मोबाइल स्विच ऑफ, शहर छोड़ा

डॉक्टरों ने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिए। अधिकतर डॉक्टरों ने शहर छोड़ दिया है। एसके अस्पताल के डॉक्टरों ने शनिवार शाम को लिखित में हड़ताल पर जाने की जानकारी पीएमओ को दी है।


भर्ती मरीजों को जयपुर रैफर किया

एसके अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर गंभीर मरीजों को जयपुर रेफर कर दिया। डॉक्टर दोपहर बाद अस्पताल के वार्डो में पहुंचे। गंभीर मरीजों को जयपुर रेफर कर दिया और बाकी को डिस्चार्ज कर दिया। इसके अलावा कई मरीज खुद ही अस्पताल छोड़ गए। शनिवार को अस्पताल से 29 मरीज जयपुर रेफर हुए। 17 मरीज खुद अस्पताल छोड़ गए। हड़ताल के कारण जनाना अस्पताल में भर्ती नवजात बच्चों को जयपुर रैफर कर दिया। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं को जिनकी सिजेरियन डिलीवरी होने वाली थी उन्हें भी रैफर कर दिया।