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न सेहरे में दूल्हा और न ही दुल्हन जोड़े में, 17 मिनट में हो गई शादियां

एसके स्कूल के ग्राउंड पर हुआ सत्संग समागम कार्यक्रम, 17 मिनट का गुरुवाणी पाठ सुनकर परिणय सूत्र में बंधे जोड़े

Danik Bhaskar | Jan 08, 2018, 08:06 AM IST

सीकर. एसके स्कूल ग्राउंड में रविवार को कबीर भक्ति ट्रस्ट की ओर से सत्संग समागम हुआ। सत्संग समागम में तीन जोड़े शादी के बंधन में बंधे। शादियां भी अनोखे अंदाज में हुई। न बैंडबाजे, न ही बारातियों की भीड़। दूल्हा और दुल्हन भी सादे कपड़ों में थे। दहेज भी नहीं लिया गया। न मंगलगीत गाए न भात मायरे का कार्यक्रम हुआ। महज 17 मिनट में दूल्हा-दुल्हन ने ऑडियो पर गुरुवाणी का पाठ सुना और जीवन भर साथ निभाने संकल्प लेकर विवाह सूत्र में बंध गए।

- तीनों जोड़े सीकर, झुंझुनूं और पाली के थे। मदनी गांव के बोदू मेघवाल ने बसावा नवलगढ़ की कविता के साथ रहने का संकल्प लिया। मलसीसर झुंझुनूं के अशोक और बिलवा खेतड़ी की संगीता ने शादी की।

-इसके अलावा पाली के महेंद्र सोलंकी की शादी डाबड़ी दीनवा फतेहपुर की संतोष से हुई। तीनों के पिता की हिसार में मुलाकात हुई। समाज को संदेश देने के लिए सादगी से शादी करने का फैसला किया।

- रविवार को तीनों जोड़े एक साथ सत्संग समागम के मंच पर पहुंचे और 17 मिनट का गुरुवाणी का पाठ सुना और जीवन भर साथ निभाने संकल्प लिया।

महेंद्र कर रहा निजी कंपनी में नौकरी, बोदू सेकंड ईयर का स्टूडेंट

- बिना दहेज के शादी करने वाले तीनों जोड़े शिक्षित है। महेंद्र सोलंकी बीकॉम के बाद निजी कंपनी में नौकरी कर रहा है। उसकी पत्नी संतोष भी पढ़ी लिखी है।

- बोदू मेघवाल बीए सैकंड ईयर का स्टूडेंट है। उसकी पत्नी कविता फाइनल ईयर में पढ़ाई कर रही है। अशोक प्रतियोगिता परीक्षा की तैयार कर रहा है। संगीता 12 तक पढ़ी लिखी है।