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सुमित्रा के पति सरहद पर, वे 15 अगस्त और 26 जनवरी को बच्चों को बांटती हैं जरूरत की चीजें

सुमित्रा व मुकेश की शादी साल 2002 में हुई। शादी के दो साल बाद मुकेश का चयन भारतीय सेना में हुआ था।

Dainik Bhaskar

Jan 26, 2018, 07:10 AM IST
special story on soldiers wife and family

सीकर. 17 जाट रेजिमेंट में तैनात मुकेश खीचड़ की पत्नी सुमित्रा। यह सिर्फ हाउस वाइफ नहीं है। एक आर्मी है, जो घर पर रहकर हर दिन कई चुनौतियों का सामना कर रही हैं। गोकुलपुरा के मुकेश अभी श्रीनगर में तैनात हैं। सुमित्रा पर पेरेंट्स, देवर और दो बेटियों की जिम्मेदारी हैं। सुमित्रा बताती हैं, गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस पर परिवार के लोग स्कूल व कच्ची बस्ती में बच्चों को जरूरत की चीजें बांटते हैं।

इस बार भी गणतंत्र दिवस को बच्चों के साथ ही सेलिब्रेट करेंगे। सुमित्रा व मुकेश की शादी साल 2002 में हुई। शादी के दो साल बाद मुकेश का चयन भारतीय सेना में हुआ था। घर पर चार-पांच महीने के बाद मिलने वाली छुट्टियां में परिवार के साथ समय गुजारते हैं। सुमित्रा कहती है कि देश सेवा से बढ़कर कोई भी धर्म नहीं है।

गणतंत्र दिवस हो या स्वतंत्रता दिवस दोनों ही दिनों पर मुकेश परिवार के साथ नहीं रहे हैं। मुकेश के पिता फुलचंद खीचड़ किसान हैं। वे बताते हैं कि सेना में परेड कैसे होती है, यह कभी देखी नहीं। बेटा परेड में कैसे भाग लेता है, यह अनुभव करने के लिए हर साल सीकर में होने वाली परेड को देखने के लिए आते हैं। इन दिनों देश में सेना को लेकर कई बातें होती है। इससे सुमित्रा बेहद दुखी हैं। कहती हैं कि बच्चों पर असर नहीं पड़े, इसलिए टीवी ही हटा दिया।

इतिहास : सुभाष चौक में मनाया गया था पहला गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस समारोह सीकर में पहली बार सुभाष चौक में मनाया गया था। पहले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में स्वतंत्रता सेनानी शामिल थे। लादूराम जोशी, राधाकिशन पुरोहित, मालीराम, वैद्य हरिप्रसाद, चंद्रबक्स, सोमनाथ त्रिहन, जयपुर स्टेट के मुरलीधर जोशी ने शिरकत की थी।

इतिहासकार महावीर पुरोहित ने बताया कि 1950 तक लोगों को पता नहीं था कि गणतंत्र का क्या मतलब है। क्योंकि उस समय राजा का हुकुम ही कानून था। गणतंत्र दिवस समारोह में आए लोगों के जरिए शहर को पता लगा कि हर व्यक्ति को समानता का हक मिला है। पहले गणतंत्र दिवस समारोह के बाद अगले साल 1951 में आयोजन हुआ।

1966 तक एसके स्कूल ग्राउंड में कार्यक्रम हुए। यहां पर स्कूल के छात्र पीटी परेड में शामिल होते थे। पुलिस बैंड वादन करती थी। कलेक्टर देवनंदन प्रसाद के समय गणतंत्र दिवस समारोह पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में शिफ्ट हो गया। 2002 के बाद से जिला स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित किए जाने लगे।

आज जिला स्टेडियम के मुख्य समारोह में 57 लोगों को किया जाएगा सम्मानित
जिला खेल स्टेडियम में सुबह नौ बजे मुख्य समारोह होगा। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 57 लोगों का सम्मान भी किया जाएगा। इस बार झंडा रोहण कलेक्टर नरेश ठकराल करेंगे। यहां लोगों को प्रवेश देने से पहले पुलिस जांच करेगी। तमाम सरकारी कार्यालयों में भी तिरंगा फहराया जाएगा।

इस बार गणतंत्र दिवस का उत्सवसैनिकों के परिवार के साथ मनाएं

इस गणतंत्र दिवस पर दैनिक भास्कर जिले के सभी लोगों से अपील करता है कि आप सैनिकों के घर जाएं और उनके परिवार के साथ गणतंत्र दिवस मनाएं। जब भी आपको सेना के किसी जवान के परिवार का कोई सदस्य मिले तो उसे पूरा सम्मान दें। खासतौर पर सैनिकों के परिवारों की पत्नियों, बहनों, माताओं और बेटियों का। गणतंत्र दिवस पर होने वाले कार्यक्रम में इन्हें जरूर आमंत्रित करें।

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