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बेटे की पढ़ाई के लिए जुटाए थे 20 लाख रु., ब्रेन हेमरेज से बेटे की मौत के बाद उसी पैसे से बनाया गायत्री चेतना केंद्र

निशुल्क कंप्यूटर, योग, ध्यान का अनूठा गायत्री चेतना केंद्र खोल दिया। सोमवार को इस केंद्र का शुभारंभ होगा।

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 07:35 AM IST

श्रीमाधोपुर(सीकर). यह कहानी है कि जालपाली के रहने वाली 65 वर्षीय शंकरलाल वर्मा की। जिन्होंने डीजे साउंड की दुकान चलाते हुए इकलौते बेटे की पढाई के लिए बचत कर एक-एक पैसा जोड़ा, लेकिन पांच साल पहले इकलौते बेटे 13 वर्षीय गौतम की ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई। इस हादसे के बाद भी शंकरलाल टूटे नहीं। बचाए गए 20 लाख रुपए से महिलाओं और बच्चों के लिए निशुल्क कंप्यूटर, योग, ध्यान का अनूठा गायत्री चेतना केंद्र खोल दिया। सोमवार को इस केंद्र का शुभारंभ होगा।


शंकरलाल बताते हैं कि गांव के हर बच्चे में गौतम ही नजर आता है। यही वजह है कि उन्होंने गौतम का भविष्य संवारने के लिए बचाई गई पूंजी गांव के बच्चों पर खर्च करने का फैसला किया। ताकि बच्चों को अतिरिक्त क्लास, पुस्तकालय, कंप्यूटर शिक्षा, नियमित ध्यान, योग एवं व्यायामशाला की सुविधा एक ही छत के नीचे मिल सके। बड़े भाई जगदीशप्रसाद के सामाजिक कार्यों से प्रभावित होकर वर्मा ने जालपाली में रींगस रोड स्थित 50 लाख रुपए कीमत के 697 वर्गगज प्लॉट पर 20 लाख रूपए खर्च कर बिल्डिंग बनवाई। वर्मा के करीब 30 सालों से गायत्री परिवार से जुड़े होने के कारण इस भवन को गायत्री चेतना केन्द्र नाम दिया गया है। बकौल शंकरलाल वर्मा, परिवार में पत्नी मीरा देवी एवं पांच बेटियां है। बेटियों की शादी कर चुके हैं।

चेतना केंद्र पर पढ़ाएगी शिक्षक बेटियां

इस अनूठे भवन में शाम को रोजाना जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएगी। कम्प्यूटर लैब के जरिए बेसिक कम्प्यूटर कोर्स करवाया जाएगा। वर्मा की दो बेटियां सुनिता वर्मा व प्रज्ञा वर्मा सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। ये दोनों स्कूल के बाद यहां सेवा देंगी। चेतना केंद्र पर जरूरतमंद महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि वे खुद का रोजगार शुरू कर सके। इसके अलावा बुजुर्ग लोगों के लिए सत्संग एवं पुस्तकालय की व्यवस्था भी इस गायत्री चेतना केन्द्र पर होगी।