--Advertisement--

9वीं में पढ़ने वाली छात्रा को घर के बाहर से अगवा किया था, पेट्रोल डालकर मारने की धमकी

नाबालिग का अपहरण कर सामूहिक ज्यादती की आरोप-3 दिन तक पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया

Danik Bhaskar | Dec 09, 2017, 06:40 AM IST

सीकर. सिहोट बड़ी गांव में नौवीं की छात्रा को उसका चचेरा भाई रामचंद्र, चचेरी बहन सुमन अपने एक साथी अर्जन के साथ घर के बाहर से बोलेरो में उठाकर ले गए और ज्यादती की। लड़की के पिता ने बालिका को शुक्रवार को जनाना अस्पताल में भर्ती करवाया। आरोप है कि आरोपी तीन दिसंबर को बालिका को ले गए। सामूहिक ज्यादती के बाद देर रात पीड़िता को उसके घर के सामने डाल गए।

- पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मामला दर्ज करने के बजाय उन्हें थाने के कई चक्कर लगवाए। बालिका की तबीयत खराब होने पर भी उसे मौके की तस्दीक के लिए लेकर घुमाते रहे। वहीं मुख्य आरोपी का फोन चालू होने के बावजूद वह गिरफ्त से दूर है। आरोपी चचेरा भाई व बहन छात्रा के परिवार को पेट्रोल डालकर मारने की धमकी दे रहा है।

- पुलिस के अनुसार, सिहोट बड़ी के छात्रा के पिता ने 6 दिसंबर को उसकी बेटी का अपहरण कर ले जाने और सामूहिक ज्यादती का मामला दर्ज करवाया।

- एफआईआर के अनुसार, आरोपी तीन दिसंबर को रात 11 बजे उसकी नाबालिग बेटी को बोलेरो गाड़ी में डालकर ले गए। आरोपी नाबालिग को फतेहसिंह की ढाणी में लेकर गए और बोलेरो में ही उसके साथ ज्यादती की। ज्यादती के बाद वे बच्ची को वापस घर के बाहर पटक गए। पिता का आरोप है कि आरोपी उसकी बच्ची से एक साल से ज्यादती कर रहे थे।

असंवेदनशीलता : बालिका को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया

- पीड़िता के पिता ने बताया कि लोसल थानाधिकारी अभयसिंह, स्टाफ और सीओ ग्रामीण अयूब खान पीड़ित बालिका का लोसल सीएचसी में मेडिकल करवाया।

- घटना की तस्दीक के लिए बालिका को कई जगह लेकर गई, लेकिन बच्ची को अस्पताल में भर्ती नहीं करवाया। बालिका दर्द से कराहती रही और पुलिस उसे फतेहसिंह की ढाणी, सिहोट बड़ी के कई मकानों, सरकारी स्कूल सहित आसपास की ढाणियों में मौका मुआयना के लिए लेकर गए।

- पीड़िता के पिता ने बताया कि पुलिस ने एक दिन को हमें जांच के बहाने घर पर ही रहने को कहा बच्ची कराहती रही लेकिन इलाज नहीं हो पाया। पीड़िता के पिता ने बताया कि उसके भाई पूरणमल के बेटे-बेटियां उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। वे समझौता करने व मामला वापस लेने के लिए हमारे ऊपर दबाव बना रहे हैं। इसी के चलते पुलिस और उन्होंने बच्ची का इलाज भी नहीं होने दिया। शुक्रवार को पीड़ित के परिवार के कुछ लोग जनाना अस्पताल में भी बोलेरो गाड़ी में भरकर आए और पीड़िता की मां व पिता से समझौते की बात की।

आरोपी धमकी देकर करता रहा बालिका का शोषण
- पीड़िता ने बताया कि 19 नवंबर 2016 को उसके ताऊ के घर पर जलवा पूजन था। आरोपी वहां आया था। तब ताऊ की लड़की सुमन व लड़के रामचंद्र के साथ मेरे से काफी बातें की थी। उसके बाद वह कई बार ताऊ केे घर पर आया और एक बार मुझे मोबाइल देकर गया। वह मेरे माता-पिता व भाई को जान से मारने की धमकी देकर गलत काम कर रहा था।

सीओ ग्रामीण बोले-7 दिसंबर को पीड़ित परिवार को धमकी देने वालों को बुलाकर डांट लगाई थी
- आरोपी का फोन चालू है और वह अपने आपको सरवड़ी का बता रहा है और नाम अलग-अलग बता रहा है। कई लोगों ने उससे फोन पर बात की कुछ को जोधपुर होना बताया तो कुछ को सीकर में। पीड़िता ने आरोपी के वाट्सएप नंबर पर डीपी में लगी फोटो को पहचान की और इसके द्वारा ही ज्यादती करने की बात कही।

- सीओ ग्रामीण मोहम्मद अयूब खान ने बताया कि पीड़ित परिवार ने छह दिसंबर को मामला दर्ज करवाया है और उसी दिन मैंने बच्ची का मेडिकल करवाकर बयान लिए। सात दिसंबर को घटनास्थल जाकर मौके का नक्शा तैयार करवाकर पीड़ित परिवार को धमकी देने वालों को बुलाकर डांट लगाई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मैंने टीम भेज रखी है। जल्द ही आरोपी पुलिस गिरफ्त में होंगे।

धमकी देने वालों को बुलाया था तो मामला दर्ज होने के बावजूद उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया
- सीओ ग्रामीण कह रहे हैं कि पीड़ित परिवार को धमकी देने वालों को बुलाकर डांट लगाई थी, लेकिन सवाल यह है कि इन्हें उसी दिन गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। अब उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम भेजने का मतलब क्या है? जबकि पुलिस खुद कह रही है कि छह दिसंबर को मामला दर्ज कर लिया था। इसी एफआईआर में धमकी देने वाले चचेरे भाई व बहन का नाम भी दर्ज है। ऐसे में इनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।

पुलिस के पास गया तो उन्होंने डरा धमकाकर भगा दिया : पिता

पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि वह तीन दिसंबर को देर रात लोसल थाने पहुंच गया था। पुलिस ने उसे डरा धमका कर वापस भगा दिया। चार दिसंबर को पुलिस ने रामचंद्र व सुमन को पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन गिरफ्तार करने के बजाय घर भेज दिया। पुलिस ने घर से बच्ची को अपहरण कर ले जाने, नाबालिग से सामूहिक ज्यादती करने पर पोक्सो एक्ट में दर्ज मामला दर्ज किया है। मामले की जांच सीओ ग्रामीण अयूब खान कर रहे हैं।