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साए की तरह साथ में रहती थी 2 सहेलियां, ट्रैक पर ऐसे मिली दोनों की लाशें

साये की तरह एक-दूसरे के साथ चलने वाली वीणा, प्रवीणा ने जिंदगी के कई लम्हे साथ गुजारे और अंतिम सांस भी साथ ली।

Danik Bhaskar | Dec 03, 2017, 01:41 AM IST

जालोर. साये की तरह एक-दूसरे के साथ चलने वाली वीणा, प्रवीणा ने जिंदगी के कई लम्हे साथ गुजारे और अंतिम सांस भी साथ ली। रायथल गांव से मायलावास कंप्यूटर क्लासेज के लिए रही दोनों छात्राओं की शनिवार को इंजन की चपेट में आने से मौत हो गई। साथी सहेली ने बताया कि वीणा और प्रवीणा की दोस्ती का अटूट रिश्ता इतना गहरा था कि क्लास में पढ़ने वाली अन्य लड़कियां भी उनकी दोस्ती की कायल थी।

- क्लास में हरदम दोनों सहेलियों के चेहरे खुशी से खिले रहते थे, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। साथ रहने के बाद दुनिया से विदा भी साथ हुई… इतना कहते ही सहेली की आंखों में आशु आ गए ।

- हादसे की जानकारी पर मौके पर बड़ी संख्या में लोग इक्कठे हो गए। घरवालों को हादसे की जानकारी मिली तो उनके रो-रोकर बुरे हाल हो गए। यह हादसा मोकलसर रेलवे स्टेशन के गोगाजी चौराहा पर स्थित पुलिया के पास का है।

- शनिवार सुबह करीब 11.45 बजे रायथल (जालोर) की रहने वाली वीणा (19) बेटी कानदास प्रवीणा (19) पुत्री बगदाराम दर्जी गांव से कंप्यूटर क्लासेज के लिए बस से मायलावास आई।

- यहां से कंप्यूटर क्लासेज जाने के लिए रेलवे पटरी क्रॉस कर रही थी। इस दरम्यान ट्रैक पार करते समय जालोर की ओर से इंजन की चपेट से आने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

- जानकारी मिलने पर मोकलसर चौकी प्रभारी वीरेंद्रसिंह पूनिया, हरजीराम सारण, डॉ. केशरसिंह राठौड़ मौके पर पहुंचे और परिजनों को सूचित किया।

- स्टेशन मास्टर श्रवण कुमार ने समदड़ी जीआरपी चौकी में सूचना दी, व्यस्तता के चलते वहां से कोई स्टाफ नहीं पहुंचा। इस पर जालोर से भरतसिंह सहित पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।पाेस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द किया।


कंप्यूटर क्लासेज में कर रही थी कोचिंग
- मृतक छात्राएं एक कंप्यूटर सेंटर पर कोर्स कर रही थी। पूजा मेवाड़ा ने बताया कि दोनों सहेलियां हमेशा साथ ही रहती थी और वे पढा़ई में भी होशियार थी।

- रोजाना रायथल से मायलावास बस से अपडाउन करती थी। हमेशा साथ रहने वाली दोनों सहेलियों की मौत से हर किसी की आंखें नम थी।