• Home
  • Rajasthan
  • Sikar
  • साले की हत्या के आरोपी जीजा को कोर्ट ने दोषी माना, सजा पर फैसला 5 को
--Advertisement--

साले की हत्या के आरोपी जीजा को कोर्ट ने दोषी माना, सजा पर फैसला 5 को

लीगल रिपोर्टर. जयपुर | एडीजे कोर्ट -17 ने प्रोपर्टी हड़पने के लिए अपने साले की 26 दिसम्बर, 2013 की रात को नृशंस हत्या कर शरीर...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:25 AM IST
लीगल रिपोर्टर. जयपुर | एडीजे कोर्ट -17 ने प्रोपर्टी हड़पने के लिए अपने साले की 26 दिसम्बर, 2013 की रात को नृशंस हत्या कर शरीर के टुकड़े कर उन्हें अलग-अलग जगह डालने और शव को क्षत-विक्षत कर बोरे में बंद कर सुशीलपुरा पुलिया के नीचे डालकर साक्ष्य नष्ट करने के आरोपी जीजा भवानी सिंह शेखावत को हत्या के अपराध में दोषी करार दिया है। कोर्ट अभियुक्त को 5 मार्च को सजा सुनाएगी। इस मामले में पुलिस ने भवानी के साथ एक नाबालिग को भी 29 दिसम्बर, 2013 को गिरफ्तार किया था। लेकिन नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड में पुलिस ने चालान पेश किया और यह मुकदमा जीआरपी थाने में दर्ज हुआ था। मामले के अनुसार, 27 दिसंबर 2013 को कटेवा नगर निवासी नीरज सिंह का श्याम नगर में नरमुंड मिला था। बाद में 29 दिसंबर को शव के टुकड़े और बाकी का शरीर मिला। जांच में पता चला कि नीरज की हत्या उसके जीजा भवानी व अन्य नाबालिग ने कुल्हाड़ी, हथोड़ी व चाकू से वार कर की थी। कोर्ट में साक्ष्यों से यह साबित हुआ कि आरोपी डक्टिंग का काम करता था और वह नीरज को मुंबई से काम करवाने लाया था।

लीगल रिपोर्टर. जयपुर | एडीजे कोर्ट -17 ने प्रोपर्टी हड़पने के लिए अपने साले की 26 दिसम्बर, 2013 की रात को नृशंस हत्या कर शरीर के टुकड़े कर उन्हें अलग-अलग जगह डालने और शव को क्षत-विक्षत कर बोरे में बंद कर सुशीलपुरा पुलिया के नीचे डालकर साक्ष्य नष्ट करने के आरोपी जीजा भवानी सिंह शेखावत को हत्या के अपराध में दोषी करार दिया है। कोर्ट अभियुक्त को 5 मार्च को सजा सुनाएगी। इस मामले में पुलिस ने भवानी के साथ एक नाबालिग को भी 29 दिसम्बर, 2013 को गिरफ्तार किया था। लेकिन नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड में पुलिस ने चालान पेश किया और यह मुकदमा जीआरपी थाने में दर्ज हुआ था। मामले के अनुसार, 27 दिसंबर 2013 को कटेवा नगर निवासी नीरज सिंह का श्याम नगर में नरमुंड मिला था। बाद में 29 दिसंबर को शव के टुकड़े और बाकी का शरीर मिला। जांच में पता चला कि नीरज की हत्या उसके जीजा भवानी व अन्य नाबालिग ने कुल्हाड़ी, हथोड़ी व चाकू से वार कर की थी। कोर्ट में साक्ष्यों से यह साबित हुआ कि आरोपी डक्टिंग का काम करता था और वह नीरज को मुंबई से काम करवाने लाया था।