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सीएमएचओ चौधरी बोले-ट्रोमा के मेडिकल स्टाफ की हरकतें कान खड़े करने वाली, इन्होंने बेटियों के कातिल पैदा किए

ग्रामीण स्वास्थ्य समिति की बैठक में सीएमएचओ डॉ. अजय चौधरी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा-आठ दिन पहले भ्रूण लिंग...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 06:30 AM IST
ग्रामीण स्वास्थ्य समिति की बैठक में सीएमएचओ डॉ. अजय चौधरी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा-आठ दिन पहले भ्रूण लिंग के आरोप में पकड़े गए दो युवकों से पूछताछ में जो जानकारी मिली, उसे हम सबको फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। ट्रोमा के मेडिकल स्टाफ की हरकतें कान खड़े करने वाली है। मेडिकल स्टाफ ने बेटियों के कातिल पैदा कर दिए। अगर शिकंजा नहीं कसा गया तो सीकर बदनाम कर जाएंगे। क्योंकि-आरोपी ने ट्रोमा यूनिट में अवैध रूप से काम किया और मेडिकल स्टाफ की मदद से अपना जाल फैलाया। सीएमएचओ ने एसके अस्पताल की स्थिति को अलार्मिंग बता दिया। सीएमएचओ की चिंता इसलिए सामने आई कि कुछ दिनों पहले ही सीकर शहर में भ्रूण लिंग जांच गिरोह में दो युवक पकड़े गए थे। पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया था कि ट्रोमा सेंटर का स्टाफ भी उनसे मिला हुआ है। कलेक्टर नरेश ठकराल ने योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में आरसीएचओ डॉ. निर्मलसिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विशालसिंह आदि मौजूद थे।

स्वास्थ्य की कमजोर नब्ज को लेकर सवाल उठाए, लेकिन किसी पर भी कार्रवाई नहीं की

शर्मनाक : सीएमएचओ ने कहा-शर्म की बात है कि एसके अस्पताल में एंबुलेंस सिस्टम नहीं सुधर पाया। ट्रोमा स्टाफ लालच के फेर में मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा है। मीटिंग में एमसीएच विंग में डिलीवरी और टीकाकरण की लाइन लिस्टिंग न होने को गलत बताया। प्रभारी को पीसीटीएस सॉफ्टवेयर में एंट्री कराने को कहा।

हैरानी : सीएचसी-पीएचसी प्रभारियों को पाबंद किया गया कि वे 108 एंबुलेंसों का नियमित निरीक्षण करें, ताकि उनकी खामियों पर पेनल्टी लगाई जा सके। सीएमएचओ ने कहा-ज्यादातर एंबुलेंस में एसी बंद है। गर्मियों में बंद बॉडी की गाड़ी में मरीज के लिए सफर दुश्वार होता है।

असहमति : मीटिंग में डेपुटेशन निरस्त का फैसला हुआ। आदर्श पीएचसी का छोड़कर डेपुटेशन पर चल रहा स्टाफ अपने मूल स्थान पर जाएगा। इसमें जनाना अस्पताल का स्टाफ भी शामिल है। मीटिंग में डॉ. बीएल राड़ ने जनाना अस्पताल में डेपुटेशन पर मौजूद स्टाफ वहीं रखने की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने इस पर असहमति जताई। स्टाफ डेपुटेशन पर रहने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों का समय पर संचालन नहीं हो पाता।

बीपीएल काउंटरों का स्टाफ कार्यमुक्त : ग्रामीण स्वास्थ्य समिति की मीटिंग में बीपीएल काउंटरों पर कार्यरत स्टाफ को हटाने की स्वीकृति दी। सीएमएचओ ने प्रभारी को इन्हें कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए। कलेक्टर नरेश ठकराल ने मीटिंग में कहा कि सीएचसी-पीएचसी प्रभारी हर माह आरएमआरएस की मीटिंग कराएं।

बेबसी : जिला औषधि भंडार प्रभारी डॉ. अशोक महरिया ने कहा कि निरीक्षण में सामने आया कि जनाना अस्पताल में फर्श पर दवाइयां बिखरी रहती हैं। इस पर अस्पताल प्रभारी डॉ. बीएल राड़ ने कहा कि कई बार रैंक उपलब्ध कराने को लिखा, लेकिन अभी नहीं मिली। राड़ ने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी भी जरूरी है, लेकिन यह काम भी नहीं हुआ। गर्भवती महिलाओं के लिए एड्स जांच किट्स भी नहीं आए।

ग्रामीण स्वास्थ्य समिति की बैठक में मौजूद कलेक्टर और सीएमएचअाे।

चिंता : बैठक में एनएचएम संविदा कर्मचारियों की चल रही हड़ताल को लेकर भी स्वास्थ्य अधिकारियों ने चिंता जताई। विभिन्न योजनाओं में भुगतान न होने पर विकल्प तलाशने की बात कही। मीटिंग में काम नहीं करने वाले स्वास्थ्य मार्गदर्शकों की छुट्टी करने के निर्देश दिए। सीएमएचओ ने कहा जो स्वास्थ्य मार्गदर्शक अपने वेतन के बाद इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम हासिल नहीं करें, ऐसे स्वास्थ्य मार्गदर्शक की कोई जरूरत नहीं है।