• Home
  • Rajasthan
  • Sikar
  • खेती की जमीन के व्यावसायिक इस्तेमाल के मामलों में 22 लोगों को आखिरी नोटिस
--Advertisement--

खेती की जमीन के व्यावसायिक इस्तेमाल के मामलों में 22 लोगों को आखिरी नोटिस

यूआईटी की नजर शहर में कृषि भूमि का रुपांतरण करवाए बिना व्यावसायिक गतिविधि संचालित करने वाले लोगों पर है। यूआईटी...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 06:40 AM IST
यूआईटी की नजर शहर में कृषि भूमि का रुपांतरण करवाए बिना व्यावसायिक गतिविधि संचालित करने वाले लोगों पर है। यूआईटी ने चिन्हित किए गए 22 मामलों में आखिरी नोटिस जारी किया है। इनमें से कुछ मामलों में किसी तरह का नियमन संभव नहीं है। यूआईटी इस जमीन को कुर्क कर अपने नाम दर्ज करेगी। शहर में कृषि भूमि पर दुकान, कांप्लेक्स, कोचिंग संस्थान संचालित होने वाले और रास्ते के लिए आरक्षित जगह पर निर्माण करने के मामलों में यूआईटी ने कुछ समय पहले कार्रवाई शुरू की थी। नोटिस तामील होने के बाद सभी मामलों में सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में भूमि या मकान का नियमन नहीं करवाने वालों पर कुर्की कार्रवाई का हवाला दिया गया है। यूआईटी सचिव रामनिवास जाट ने बताया कि ज्यादातर मामले घोराणा, ढाणी सालमसिंह, रामूकाबास, गोकुलपुरा, झुंझुनूं बाइपास केे हैं। झुंझुनूं बाइपास की चौड़ाई 200 फीट तय है। 150 फीट का मुआवजा किसानों को दिया गया था। दोनों तरफ 25-25 फीट ग्रीन बेल्ट रखना तय किया गया था। यहां लोगों ने बिना अनुमति निर्माण कर दिया। ऐसे में लोगों को ग्रीन बेल्ट की जानकारी नहीं मिल पाई। अब यूआईटी इस जमीन को खाली करवा रही है।

आरक्षित होने के बाद दूसरे उपयोग में नहीं ले सकेंगे

बिना अनुमति गैर कृषि उपयोग में ली जा रही जमीन को प्रतिबंधित किया जाएगा। इसे मास्टर प्लान और जोन प्लान में चिन्हित कर आरक्षित किया जाएगा। एक बार आरक्षित होने के बाद इसे दूसरे किसी उपयोग में नहीं लिया जा सकेगा।

अवैध कॉलोनियों पर कसा जाएगा शिकंजा | यूआईटी ने बिना अनुमति कृषि भूमि काटी जा रही अवैध कॉलोनियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। पूर्व में यूआईटी द्वारा ऐसे मामलों में नोटिस जारी किया था। दैनिक भास्कर ने सांवली रोड स्थित मेडिकल कॉलेज के पास मारुति विहार कॉलोनी, बाइपास से सिंहासन जाने वाले रास्ते पर काटी गई अवैध कॉलोनियों का खुलासा किया।