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भाजपाइयों ने किसानों के नाम से बजट को सराहा कर्मचारी और कांग्रेसियों ने बताया जनविरोधी

केंद्र सरकार का बजट में पूरा फोकस किसानों पर रहा। किसानों के नाम पर कई घोषणाएं की गई। बड़ी घोषणाओं का किसानों को...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 07:20 AM IST

केंद्र सरकार का बजट में पूरा फोकस किसानों पर रहा। किसानों के नाम पर कई घोषणाएं की गई। बड़ी घोषणाओं का किसानों को छोटे स्तर पर फायदा मिलेगा। किसानों को लागत का डेढ़ गुना पैसे देने की घोषणा की गई है। लेकिन सरकार के स्तर पर फसल का लागत मूल्य ही वास्तविकता से बहुत कम है। बजट को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं मिली।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने जहां बजट को अच्छा बताते हुए किसान और महिलाओं को समर्पित बताया। जबकि कांग्रेसी नेताओं ने बजट को सिर्फ घोषणाओं का पिटारा करार दिया। कर्मचारी वर्ग ने भी बजट को निराशाजनक बताया। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया ने कहा कि बजट को किसान, मजदूर व मध्यम वर्ग के लोगों के खिलाफ बताया।

कांग्रेस नेता किशन सिंह चौहान ने बजट को सिर्फ घोषणाओं का पिटारा करार दिया। सीए सुनिल मोर ने कहा, आयकर स्लैब में कोई परिवर्तन नहीं किया गया। एजुकेशन सेस 4 फीसदी करने से आम कर दाता को नुकसान होगा। पंचायत समिति सदस्य कुलदीप रणवां ने बजट को लोक लुभावना बताया। मोदी सरकार ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। भाजपा मीडिया प्रभारी सीमा अग्रवाल का कहना है कि बजट में महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए कदम उठाए गए हैं। बसपा महासचिव मुकेश राड ने बजट को गरीब, किसान, व्यापारी व युवा वर्ग विरोधी बताया।

बजट को लेकर जनप्रतिनिधियों और विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने जाहिर की अपनी राय

सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने का कहना है कि किसानों की खुशहाली के लिए 11 लाख करोड़ रुपए का फंड तैयार किया गया है। आलू, टमाटर व प्याज जैसी फसल के लिए ग्रीन ऑपरेशन जैसी घोषणा की है। इससे किसानों को फायदा होगा।

नटवर बिंदल : बजट में तीन संसदीय क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज व टीबी मरीजों को 5 हजार रुपए की सहायता की अच्छी घोषणा की गई है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा का कहना है कि बजट में किसानों के साथ धोखा किया गया है। लागत मूल्य बढ़ाने की बजाय मूल्य तय करने के मापदंड में सुधार किया जाना चाहिए था।

भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष पवन मोदी का कहना है कि केंद्र सरकार के बजट में आम आदमी के विकास व रेल सुविधाओं में बढ़ोतरी पर फोकस रखा गया है।

शहर विधायक रतनलाल जलधारी बजट में किसान, महिला, स्टूडेंट सहित हर वर्ग का ख्याल रखा गया है। इससे विकास दर में सुधार होगा।

अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत जिलाध्यक्ष भंवरसिंह ने मोदी सरकार के आखिरी बजट को निराशाजनक बताया।

सीए लोकेश शर्मा ने बताया कि पिछले बजट की तुलना इस बार बहुत ज्यादा बदलाव नहीं किए गए। नियमों की पालना सख्ती से करवाने की व्यवस्था पर कदम उठाए गए हैं।

सेमिनार में सीए विद्यार्थियों को कर नियमों से जुड़ी जानकारी दी

भारतीय सीए संस्थान की शाखा में केंद्रीय बजट पर सेमीनार का आयोजन किया गया। शाखा के चेयरमैन सीए मनीष गिनोडिय़ा ने बताया कि केंद्रीय बजट का सीधा प्रसारण किया गया। इसमें कई सीए विद्यार्थियों उपस्थित थे। सीए राहुल मोर ने अप्रत्यक्ष कर, उत्पाद कर, कस्टम कर एवं जीएसटी के प्रावधानों की जानकारियां बताई। इस अवसर ई-वे बिल के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में सीए राजीव लोचन शर्मा, सीए महेंद्र जालान, सीए मुरारी लाल सहित कई सीए उपस्थित थे।

भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज सिंघानिया ने बताया कि आम बजट आम आदमी व किसान को समर्पित है। पिछले साल गांवों को तवज्जो दी थी। इस बार किसानों पर ध्यान दिया गया है।

राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ जिला प्रवक्ता जैनेंद्र मील ने बताया कि इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं कर कर्मचारियों को निराश किया है। इससे कर्मचारियों में आक्रोश है।

टीचर शालिनी माथुर ने बताया कि वेतनभोगी कर्मचारियों को बजट में इनकम टैक्स में रियायत को इंतजार था, लेकिन स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया।

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