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दो गुटों में बंटे डॉक्टर, आज ड्यूटी पर नहीं आएंगे डॉक्टर

अगर आज डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं आए तो निजी अस्पतालों के डॉक्टरों की सेवाएं ली जाएगी।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 06, 2017, 08:27 AM IST

दो गुटों में बंटे डॉक्टर, आज ड्यूटी पर नहीं आएंगे डॉक्टर
सीकर।सेवारत डॉक्टरों के सोमवार को ड्यूटी बहिष्कार को लेकर रात 1 बजे तक असमंजस की स्थिति रही। तय नहीं हो पाया कि डॉक्टर सोमवार को ड्यूटी करेंगे या नहीं। अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. राकेश हीरावत ने बयान दिया कि सरकार से अधिकतर मांगों पर सहमति बन गई है।
- सोमवार से हम नियमित रूप से काम पर लौटेंगे। वहीं अरिस्दा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी का कहना है कि आंदोलन जारी है। सोमवार को डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं आएंगे।इससे पहले, रेसमा के तहत कार्रवाई की आशंका को लेकर कई सेवारत डॉक्टरों ने रविवार शाम ही फोन स्विचऑफ कर लिया।
- कई डॉक्टर भूमिगत हो गए। डॉक्टरों ने ड्यूटी नहीं करने के फैसले सेसरकारी अस्पतालों में मरीजों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। एनएचएम एमडी ने भामाशाह योजना से जुड़े अस्पताल संचालकों से मरीजों के इलाज के लिए अपील की है।
तीन महीने पहले मांगें बता दी, फिर भी समय मांग रही सरकार
- अरिस्दा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मणसिंह ओला ने बताया कि रविवार को सरकार से वार्ता हुई लेकिन कोई फैसला नहीं हो पाया। सरकार मांगों के संबंध में समय चाह रही है। जबकि हम तीन माह पहले ही सरकार के समक्ष मांग रख चुके हैं। सोमवार से ड्यूटी पर नहीं पहुंचने का फैसला किया है।
देर रात वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए निर्देश, कंट्रोल रूम बनाया
- डॉक्टरों के ड्यूटी पर नहीं पहुंचने के फैसले से निपटने के लिए सरकार ने देर रात वीसी के जरिए कलेक्टरों को दिशा निर्देश दिए। मरीजों को परेशानी हो, इसके वैकल्पिक इंतजाम करने को कहा। निजी डॉक्टरों से सहयोग लेने के निर्देश दिए। प्रमुख शासन सचिव ने स्थिति से निपटने के लिए जयपुर में कंट्रोल रूम बनाया है।
- कंट्रोल रूम में आरएएस अफसरों की तैनाती की है। वे जिलों से पहुंचने वाली जानकारी को सरकार तक पहुंचाएंगे। जिला स्तर पर संचालित कंट्रोल रूम को अलर्ट पर रखा है। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. गोवर्धन मीणा का कहना है कि सोमवार से डॉक्टरों के ड्यूटी पर नहीं पहुंचने के फैसले को देखते हुए सरकार को चिट्ठी लिखी है। मेडिकल कॉलेज से 13 एसके और 18 जनाना अस्पताल के डॉक्टर मांगे हैं। इंटरर्नशिप स्टूडेंट को पाबंद किया है। मरीजों के इलाज के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
सेवारत डॉक्टर बोले- वेतन बढ़ाना नहीं, बेहतर प्रबंधन हमारी मांग
सरकारकी हठधर्मिता काे लेकर सेवारत डॉक्टर सोशल मीडिया पर भी कैंपेन चला रहे है। इसके लिए उन्होने पंपलेट छपवाए है। पंपलेट के जरिए आमजन से सहयोग मांगा है। सेवारत डॉक्टरों का कहना है हम वेतन बढ़ाने की मांग नहीं कर रहे है। अस्पतालों के बेहतर प्रबंधन की जरूरत है। सरकार जान बूझकर अस्पतालों के ढांचें को बिगाड़ना चाहती है।
हर दिन 17 हजार मरीज पहुंचते हैं सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर
जिलेमें एक जिला अस्पताल और दो सब डिवीजनल अस्पताल है। इसके अलावा 30 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 99 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। इन पर हर रोज 17 हजार रोजना चैकअप के लिए पहुंचते है। सोमवार को ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों को इलाज नहीं मिलेगा। डॉक्टरों के ड्यूटी पर नहीं पहुंचने के कारण मरीजाें का इलाज रामभरोसे रहेगा।
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