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शादी के दूसरे दिन दुल्हन ने बुलाई पुलिस, कहा- मुझे अगवा कर जबरन की शादी

​आनंद चौधरी | Last Modified - Nov 26, 2017, 08:20 AM IST

हर महीने नई शादी, रातभर में जेवर-नकदी समेटकर हो जाती हैं गायब
  • शादी के दूसरे दिन दुल्हन ने बुलाई पुलिस, कहा- मुझे अगवा कर जबरन की शादी
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    पूरा परिवार शादी के जश्न में डूबा था तभी दुल्हन रमंथ ने बुला ली पुलिस।

    जयपुर/ सीकर.झुंझुनूं के रहने वाले सुरेन्द्र को शादी कराने वाले एक दलाल ने फंसाया था, एक लाख रुपए लेने के बाद उसने सुरेन्द्र की शादी पंजाब की पूजा से तय करवाई थी। शादी के अगले ही दिन पूजा ने सुरेन्द्र से कहा- हमारे यहां शादी के बाद अपने पुराने कपड़ों को नदी में डालने का रिवाज है। पुराने कपड़े घर में रहें तो शुभ नहीं होता। सुरेन्द्र पूजा की बातों में आ गया। दोनाें ने लुधियाना का टिकट करवाया। होटल में चेक इन किया। वहां से पूजा ऐसी गायब हुई कि उसका आज तक कोई सुराग नहीं मिल पाया। सुरेन्द्र कई दिनों तक यही सोचता रहा कि पूजा के साथ कोई अनहोनी तो नहीं हो गई। कई दिन वह उसी होटल में ठहरा रहा। आखिरकार थक-हारकर वह गांव लौट आया। पूजा 30 हजार रुपए के गहने और 60 हजार रुपए कैश लेकर भागी थी। हालांकि, सुरेन्द्र को गहने-पैसाें से ज्यादा परिवार की इज्जत जाने का अफसोस था। शादी के बाद पुलिस को फोन कर कही ये बात...


    - झुंझुनूं के ही रहने वाले बिजेंद्र की शादी पंजाब के मोगा की रमंथ के साथ 2 नवंबर को हुई। 3 नवंबर को पूरा परिवार शादी के जश्न में डूबा था, तभी उनके दरवाजे पर पुलिस की गाड़ी आकर रूकी।

    - पुलिस ने जब ये बताया कि आपने रमंथ का किडनैप किया है तो पूरा परिवार सकते में आ गया। रमंथ ने खुद पुलिस को इंफोर्म किया था कि उसे किडनैप कर जबरन शादी रचाई गई है।

    - रमंथ के साथ शादी के लिए बिजेंद्र के परिवार ने ढिगाल निवासी एक दलाल को एक लाख 70 हजार रुपए भी दिए। परिवार ने चार लाख रुपए से ज्यादा खर्च कर दिए। अब रमंथ और दलाल दोनों गायब हो गए हैं।

    दूल्हे के घर से सब कुछ समेटकर भाग गईं दुल्हनें

    - यह कहानी अकेले सुरेन्द्र या बिजेंद्र की नहीं है। शेखावाटी के कई गांवों में ऐसे सैकड़ों किस्से हैं। कई मामले तो सिर्फ घर की इज्जत जाने के डर से बाहर नहीं आ पाए। हालांकि, अब कुछ मामलों के सामने आने से बाहरी राज्यों से आई दुल्हनों और उनके दलालों का पूरा नेटवर्क सामने आ रहा है।

    - भास्कर की पड़ताल में यह सामने आया है कि शेखावाटी के तीन जिलों (झुंझुनूं, सीकर, चूरू) में करीब 10-12 हजार बाहरी राज्यों से लाई गई दुल्हनें हैं। इन्हीं जिलों में करीब दो हजार से ज्यादा ऐसी दुल्हनें भी हैं जो चंद रोज में ही दूल्हे के घर से सब कुछ समेटकर भाग गई।

    - दुल्हनें खरीद कर लाने का यह सिलसिला शेखावाटी में तीन दशक से भी लंबे समय से चल रहा है, लेकिन पहला केस 16 नवंबर को दर्ज हुआ है। मुकुंदगढ़ पुलिस थाने में महाराष्ट्र की खुशी, शुभांगी, पूनम और दलाल सलीम काजी के खिलाफ मुकदमा संख्या 200/17 दर्ज हुआ है। पुलिस चारों को गिरफ्तार कर जांच कर रही है। एक टीम जांच के लिए महाराष्ट्र भेजी गई है। पुलिस आरोपियों के बताए ठिकानों की तफ्तीश कर रही है।

    आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, सबसे पवित्र बंधन को दागदार बनाती असली कहानियां...

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    सुरेंद्र ने खुशी उर्फ वर्षा से मंदिर में रचाई थी शादी।

    इस बार भी पुलिस को बुलाया, लेकिन पहली बार फंस गईं लुटेरी दुल्हनें


    - सीकर जिले के कोलिंडा गांव के सगे भाई नेमीचंद और सुरेंद्र के लिए 15 नवंबर का दिन जिंदगी का सबसे ज्यादा खुशियों भरा था।

    - मुकुंदगढ़ निवासी दलाल सलीम काजी ने साढ़े तीन लाख रुपए लेकर नेमीचंद की शुभांगी उर्फ पूजा से तथा सुरेंद्र की खुशी उर्फ वर्षा से मंदिर में शादी करवा दी। शुभांगी ने पुलिस कंट्रोल रूम फोन कर अपहरण की सूचना दी।

    - पुलिस मौके पर पहुंची तो परिवार ने सारा घटनाक्रम बताया। इसके बाद पुलिस ने दोनों बहनों और दलाल से पूछताछ की तो सारी सच्चाई सामने आ गई।

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    लुटेरी दुल्हन शबाना उर्फ रिया उर्फ शबनम।

    दूल्हे ने दस लाख रु. खर्चे, दुल्हन नहीं मिली, उल्टा नाबालिग से शादी का केस


    - झुंझुनूं जिले के हेजमपुरा गांव के विनोद ने महाराष्ट्र की शबाना उर्फ शबनम उर्फ रिया से शादी तो घर बसाने के लिए की थी, लेकिन इस शादी से उसका पूरा घर ही उजड़ गया।

    - शादी के दूसरे ही दिन शबाना गहने और कपड़े लेकर फरार हो गई। महाराष्ट्र से वापस लेने गया तो नााबलिग से शादी के केस में फंसा दिया।

    - एक रात की इस दुल्हन के जाल में फंसा विनोद का परिवार अब तक दस लाख रुपए से ज्यादा खर्च कर चुका है। ढाई लाख रुपए तो दलाल हरकेश ही ले गया। विनोद का परिवार अब उस घड़ी को कोस रहा है, जिस वक्त उन्होंने शादी कराने का फैसला लिया था।

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    हरियाणा के सुनील की दुल्हन धौली उर्फ सोनू उर्फ ममता।

    हर बार नया नाम, दो लाख रु दलाल ने लिए, शादी होते ही घर से भाग गई


    - धौली, सोनू, ममता ये तीन नहीं बल्कि एक ही महिला के नाम हैं। हर बार शादी से पहले वह एक नया नाम रख लेती है। झुंझुनूं जिले के भड़ौंदा खुर्द गांव के अजय से जब उसने शादी रचाई तो वह सोनू बन गई। हरियाणा के सुनील से शादी रचाई तो धौली बन गई।

    - आजकल वह ममता नाम से जानी जाती है। अजय से शादी रचाने के लिए उसने अपना पता हनुमानगढ़ जंक्शन के वार्ड नंबर छह का दिया तो सुनील से शादी के लिए गुराणा गांव की धौली बन गई।

    - अजय कुमार के परिवार ने दलाल बजरंग को जब दो लाख रुपए दिए तब जाकर उसकी सोनू से शादी हुई। शादी के तुरंत बाद वह अजय को छोड़कर भाग गई। जब उसका सच सामने आया तो पूरा परिवार चौंक गया।

    - धौली जैसी कई दुल्हनें हैं जो शेखावाटी में इसी तरह से अलग-अलग नामों से कई शादियां कर चुकी हैं। हर बार उनका नाम और पता बदल जाता है।

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    शपथ पत्र पर झुंझुनूं के अजय की पत्नी बन गई धौली उर्फ सोनू उर्फ ममता।।

    4 पॉइंट्स में गिरोह के काम करने का पूरा तरीका

    1. पहले शिकार तलाशते हैं
    {शेखावाटी में शादी के नाम पर एक बड़ा नेटवर्क चल रहा है। तीनों जिलों में 500 से ज्यादा ऐसे दलाल हैं जो दूसरे राज्यों से लड़कियां लाकर शादी कराने का काम करते हैं। बेरोजगारों को शादी के लिए यहां लड़कियां नहीं मिलती, ये दलाल इसी का फायदा उठाते हैं।

    2. फिर दाम तय करते हैं
    {दलाल दो लाख से पांच लाख रुपए में शादी के लिए लड़की दिलाने का झांसा देते हैं। बेरोजगार युवकों के माता-पिता इस झांसे में आ जाते हैं। दलाल लड़कियों के प्रपोजल फोटो दिखाते हैं। नकली आधार कार्ड या ऐसे ही फेक आईडी से भरोसा जमा लेते हैं।

    3. मंदिर या शपथ पत्र पर रचा लेते हैं शादी
    {शादी करके चंद दिनों में ही दुल्हनों के वापस भाग जाने के जितने भी मामले सामने आए हैं उनमें दलालों की ओर से दिए गए आधार और राशन कार्ड के एड्रेस फर्जी मिले हैं। लड़के के परिजनों से लेन-देन का सौदा तय हो जाने पर लड़कियों की फोटो और फर्जी आधार या राशन कार्ड दिखाकर शादी कार्यक्रम तय किया जाता है। पैसे लेने के बाद किसी मंदिर या नोटेरी शपथ पत्र के आधार पर शादी कर ली जाती है।

    4. फिर डराते हैं, फंसाकर खुद गायब हो जाते हैं
    दूल्हे के घर पहुंचने के बाद दुल्हन या तो परिवार से नजरें बचाकर भागने में कामयाब हो जाती है। परिवार निगरानी रखता है तो नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग पुलिस को अपहरण की सूचना देते हैं। पुलिस घर में पहुंचती है तो लड़कियां रोने-चिल्लाने लगती हैं कि उनकी जबरन शादी कराई जा रही है। कई मामलों में लड़कियां शादी के एक-दो दिन बाद ही पीहर जाने या मनौती पूरी करने के बहाने घर से निकलकर गायब हो जाती हैं। परिवार इज्जत को देखते हुए चुप रह जाते हैं। केस तक दर्ज नहीं करवा पाते। इसी का फायदा उठाते हुए गिरोह से जुड़े दलाल लड़कियों की दोबारा किसी और जगह फिर से शादी करवा देते हैं। धोखे की फिर वही चेन शुरू हो जाती हैं।

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    नेमीचंद की शुभांगी उर्फ पूजा से हुई थी शादी।
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Web Title: True Stories Of Fraud Brides
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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