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डॉक्टरों की हड़ताल में 2 मरीजों की जान गई, अफसरों ने भेजी ऐसी रिपोर्ट

निदेशालय को भेजी गई रिपोर्ट पर उठने लगे हैं सवाल

Danik Bhaskar | Nov 26, 2017, 07:45 AM IST

सीकर। सेवारत डॉक्टरों की हड़ताल में स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की मौतों के संबंध में स्वास्थ्य निदेशालय भेजी गई रिपोर्ट पर सवाल खड़े होने लगे है। क्योंकि स्वास्थ्य अफसरों ने निदेशालय भेजी गई रिपोर्ट 7 दिन में एक भी मरीज की मौत नहीं होने का हवाला दिया है। जबकि हड़ताल के दौरान एसके अस्पताल सहित जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर दो मौतें हुई थी। सेवारत डॉक्टरों की हड़ताल पर 16 नवंबर को हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप किया।

- डॉक्टर्स की हड़ताल को गंभीर मानते हुए कहा था कि स्वास्थ्य केंद्रों पर मरने वाले मरीजों के परिजनों को मुआवजा राशि देनी चाहिए। न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने यह अंतरिम आदेश कुसुम सांघी की याचिका पर दिया था।

- सेवारत डॉक्टरों की जिले में 6 से 12 नवंबर तक हड़ताल चली। सरकार से समझौता होने के बाद डॉक्टर 13 नवंबर को ड्यूटी पर लौटे थे। हड़ताल के चलते 7 नवंबर को एसके अस्पताल की ट्रोमा यूनिट में झुंझुनूं के इंद्रपुरा गांव की विमला पत्नी ओमप्रकाश इलाज के लिए पहुंची। वह हादसे में घायल हो गई। इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। इसके अलावा चूरू साड़ियावास के पांचूदेवी पत्नी श्यामलाल को डिलीवरी नहीं कराई जा सकी।

- परिजन 85 किलोमीटर दौड़ लगाते रहे। तीन स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर नहीं मिले। इससे बच्चे की गर्भ में मौत हो गई। पांचूदेवी को ब्लीडिंग होने लगी। शहर के निजी अस्पताल में इलाज करा जान बचाई थी। डॉक्टरों की हड़ताल का मामला हाईकोर्ट में गया। 16 नवंबर को हाईकोर्ट ने आदेश जारी किए।

- डॉक्टरों की जिम्मेदारी तय की, कहा था कि स्वास्थ्य केंद्रों पर मरने वाले मरीजों के परिजनों को मुआवजा राशि देनी चाहिए। हाईकोर्ट का हस्तक्षेप हुआ तो स्वास्थ्य निदेशालय ने पीएमओ-सीएमएचओ से मौतों के संबंध में जानकारी मांगी।

- पीएमओ-सीएमएचओ ने हड़ताल के चलते एक भी मरीज की मौत होने की रिपोर्ट भिजवाई है। मामले में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. सीपी ओला का कहना है कि हड़ताल के चलते किसी मरीज की मौत नहीं हुई थी। एसके अस्पताल में महिला मृत पहुंची होगी इसलिए अस्पताल में मौत नहीं होने का जिक्र है। निदेशालय को रिपोर्ट भिजवा दी है।


हड़ताल के दौरान इनकी हुई थी मौत

- सात नवंबर को झुंझुनूं के इंद्रापुरा की विमला पत्नी ओमप्रकाश जीणमाता दर्शन कर पति के साथ सीकर रही थी। सोभासरिया इंजीनियरिंग कॉलेज के पास दूसरी बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी। इससे विमला घायल हो गई। विमला पर एसके अस्पताल की ट्रोमा यूनिट पहुंचाया। वहां इलाज नहीं मिला और विमला की मौत हो गई। दूसरे दिन पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपा।
- चूरू के साड़ियावास गांव की पांचूदेवी को 9 नवंबर को प्रसव पीड़ा हुई। सालासर स्वास्थ्य केंद्र और नेछवा सीएचसी में डॉक्टर नहीं मिले। दोपहर बाद जनाना अस्पताल लाए। यहां भी डॉक्टर नहीं मिले। इस दौरान गर्भ में बच्चे की मौत हो गई। ब्लीडिंग के चलते पांचू की हालत बिगड़ने लगी। मेडिकल प्रिंसीपल की मदद से उसे शहर निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां पांचूदेवी का इलाज कर जान बचाई।