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विरोध / पहचान उजागर करने पर अस्पताल पीएमओ के पास पहुंचा एचआईवी पीड़ित, बोला- मैं जिंदा लाश हूं



  • शिकायत के बाद पीएमओ ने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई
Danik Bhaskar | Sep 17, 2018, 09:58 AM IST

सीकर. एसके हॉस्पिटल के एआरटी सेंटर में एचआईवी पीड़ित से दुर्व्यवहार का मामला गरमा गया है। आरोप है कि पीड़ित की शिकायत के बाद एआरटी सेंटर की डॉक्टर और काउंसलर के परिचित ग्रामीणों के साथ पीड़ित के घर पहुंचे। मामला वापस लेने का दबाव बनाया। ऐसा नहीं करने पर अंजाम भुगतने के लिए चेताया। 

 

आरोप है कि डॉक्टर और काउंसलर के परिचितों ने ग्रामीणों के सामने उसकी पहचान भी उजागर कर दी। पहचान उजागर होने के विरोध में एचआईवी पीड़ित शनिवार को काले कपड़ों में बापर्दा पीएमओ ऑफिस पहुंचा। पहचान उजागर करने के आरोप लगाए।

 

कलेक्टर से मांगी थी इच्छामृत्यु 

 

पीड़ित ने तख्ती लगा रही थी, जिसपर लिखा था- मैं जिंदा लाश, आप मेरा पंचनामा कराओ। पीएमओ डॉ. हरिसिंह ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पनलावा के पीड़ित ने पांच दिन पहले कलेक्टर से डॉक्टर और काउंसलर के खिलाफ शिकायत दी थी। साथ ही दोनों के दुर्व्यवहार से खफा होकर उसने इच्छा मृत्यु मांगी थी। शिकायत के बाद पीएमओ ने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई। कमेटी जांच में जुटी थी। आरोप है कि डॉक्टर और काउंसलर के परिचित पीड़ित के गांव पनलावा पहुंच गए। ग्रामीणों के सामने पहचान उजागर कर दी। 

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