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लक्की ने हवाले के 16 लाख में से बीजू को हिस्सा नहीं दिया तभी से दोनों में बढ़ा विवाद

रानोली में विजय उर्फ बीजू भार्गव पर हुई फायरिंग मामले के आरोपी शक्तिसिंह और उसके तीन अन्य साथियों का पुलिस को कोई...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 09:15 AM IST
Sikar - lakkki did not give a share of biju out of 16 lakhs of hawala since then the two raised controversy
रानोली में विजय उर्फ बीजू भार्गव पर हुई फायरिंग मामले के आरोपी शक्तिसिंह और उसके तीन अन्य साथियों का पुलिस को कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस ने रानोली, सुजावास सहित कई ठिकानों पर दबिश दी है। पुलिस ने जयपुर में भी कई जगह दबिश दी है। अभी चारों ही आरोपी फरार हैं। विजय उर्फ बीजू और लोकेंद्रसिंह शेखावत उर्फ लक्की में गहरी दोस्ती थी और दोनों विवादित जमीनों के काम साथ करते थे। दो साल पहले नोटबंदी के समय लक्की ने हवाले के 16 लाख रुपए कमाए थे। इसमें से बीजू को हिस्सा नहीं दिया था, तब से दोनों में विवाद गहरा गया। लक्की ने अलग गिरोह बना लिया।

गत एक साल से दोनों गिरोह में आपसी वर्चस्व को लेकर कई बार झगड़े हुए हैं। दोनों गिरोह में 20 से 27 साल तक के पढ़-लिखे युवा जुड़े हुए हैं। लक्की गिराेह ने रानोली में बीजू के कुछ लोगों के साथ मारपीट की थी। इसके बाद करीब चार-पांच माह पूर्व लक्की अकेला ही दादिया थानाक्षेत्र में गया था। बीजू गिरोह ने उसका पीछा कर उसके साथ मारपीट की। बीजू ने पत्थर तोड़ने वाले घण से लक्की के पैर तोड़ दिए और हाथों पर भी वार किए थे। लक्की अभी भी खड़ा नहीं हो पाता है। उक्त घटना के बाद लक्की के भाई शक्ति(21) ने उससे बदला लेने की ठान ली और जेल से छूटते ही उसे मारने की प्लानिंग बना ली। गिरोह के सदस्य कई माह से एक दूसरे को मारने और धमकाने को लेकर फेसबुक और अन्य सोश्यल साइट्स पर कमेंट कर रहे थे। दोनों गिरोह रानोली क्षेत्र के कई बड़े लोगों से जुड़े हुए हैं और उनके लिए काम करते हैं, वे इनको आर्थिक सहयोग करते हैं।

शक्ति ने कर रखी है पॉलीटेक्निक, हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र के खिलाफ 16 मामले

विजय उर्फ बीजू भार्गव ने करवाई एफआईआर में चार आरोपियों पर फायरिंग का आरोप लगाया है। फायरिंग के आरोपी लोकेंद्र उर्फ लक्की व छोटे भाई शक्ति के खिलाफ पूर्व में बीजू के भतीजे व एक अन्य लड़के के साथ मारपीट का मामला दर्ज है। लक्की के खिलाफ हवाले के 16 लाख रुपए का मामला दर्ज है। शक्ति ने पॉलीटेक्निक की हुई है। इसके खिलाफ धोखाधड़ी व मारपीट के दो मामले दर्ज है। तीसरा अारोपी आरोपी हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र उर्फ वीरु निवासी सुजावास के खिलाफ रानोली थाना में मारपीट, शराब तस्करी, चोरी सहित 13 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं विजेंद्रसिंह कोलाड़ा, उनियारा टोंक के खिलाफ रानोली में कोई मामला दर्ज नहीं है। वह ग्रेजुएट है और एसबीआई कार्ड में जनवरी-2018 में नौकरी शुरू की थी। वह गैंगस्टर आनंदपाल, लॉरेंस विश्नोई सहित कई अपराधियों के फोटो अपनी फेसबुक पर अपलोड कर रखा है। पुलिस उनियारा थाना व टोंक से उसकी पूरी जानकारी जुटा रही है।

वीरेंद्र उर्फ़ वीरु

भास्कर संवाददाता | सीकर

रानोली में विजय उर्फ बीजू भार्गव पर हुई फायरिंग मामले के आरोपी शक्तिसिंह और उसके तीन अन्य साथियों का पुलिस को कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस ने रानोली, सुजावास सहित कई ठिकानों पर दबिश दी है। पुलिस ने जयपुर में भी कई जगह दबिश दी है। अभी चारों ही आरोपी फरार हैं। विजय उर्फ बीजू और लोकेंद्रसिंह शेखावत उर्फ लक्की में गहरी दोस्ती थी और दोनों विवादित जमीनों के काम साथ करते थे। दो साल पहले नोटबंदी के समय लक्की ने हवाले के 16 लाख रुपए कमाए थे। इसमें से बीजू को हिस्सा नहीं दिया था, तब से दोनों में विवाद गहरा गया। लक्की ने अलग गिरोह बना लिया।

गत एक साल से दोनों गिरोह में आपसी वर्चस्व को लेकर कई बार झगड़े हुए हैं। दोनों गिरोह में 20 से 27 साल तक के पढ़-लिखे युवा जुड़े हुए हैं। लक्की गिराेह ने रानोली में बीजू के कुछ लोगों के साथ मारपीट की थी। इसके बाद करीब चार-पांच माह पूर्व लक्की अकेला ही दादिया थानाक्षेत्र में गया था। बीजू गिरोह ने उसका पीछा कर उसके साथ मारपीट की। बीजू ने पत्थर तोड़ने वाले घण से लक्की के पैर तोड़ दिए और हाथों पर भी वार किए थे। लक्की अभी भी खड़ा नहीं हो पाता है। उक्त घटना के बाद लक्की के भाई शक्ति(21) ने उससे बदला लेने की ठान ली और जेल से छूटते ही उसे मारने की प्लानिंग बना ली। गिरोह के सदस्य कई माह से एक दूसरे को मारने और धमकाने को लेकर फेसबुक और अन्य सोश्यल साइट्स पर कमेंट कर रहे थे। दोनों गिरोह रानोली क्षेत्र के कई बड़े लोगों से जुड़े हुए हैं और उनके लिए काम करते हैं, वे इनको आर्थिक सहयोग करते हैं।

विवादित जमीन को खरीदने और कब्जा छुड़वाने का काम करता है बीजू गिरोह

बीजू और उसके गिरोह का रानोली और आसपास के इलाकों में जमीनों की खरीद-फरोख्त और कब्जे करने का काम करता। विवादित जमीन काे खरीदने और कब्जे छुड़वाने के काम भी यह गिरोह करता है। बीजू और लक्की में अनबन होने के बाद से दोनों गिरोह एक-दूसरे पर हमला करने के साथ ही एक दूसरे के काम में भी दखल दे रहे हैं।

रानोली थाना क्षेत्र में बदमाश हो रहे सक्रिय

रानोली व पलसाना क्षेत्र में कुछ सालों में हत्या, फायरिंग, लूट और शराब तस्करी की वारदातें बढ़ी है। बस के साइड नहीं देने पर गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई ने फायरिंग की थी। सुभाष बराल गैंग ने शूटर बुलाकर गत वर्ष जुराठड़ा सरपंच सरदार राव की हत्या करवाई थी। जुलाई-2018 में हेड कांस्टेबल सांवतराम पर बदमाशों ने फायरिंग की थी जिसके आरोपी पकड़े गए। बुटोली पर शराब के ठेके पर एक युवक ने फायरिंग की थी।

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