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चार साल पहले लापता हुए मलेशियाई प्लेन को खोजने का अभियान रोका गया; दो बार 1 लाख वर्ग किमी इलाके में चला सर्च ऑपरेशन

दुनिया के सबसे बड़े सर्च अभियान में 1360 करोड़ रुपए खर्च हुए, 30 देशों के एक्सपर्ट जुटे।

Bhaskar News Network | Last Modified - May 30, 2018, 12:07 PM IST

  • चार साल पहले लापता हुए मलेशियाई प्लेन को खोजने का अभियान रोका गया; दो बार 1 लाख वर्ग किमी इलाके में चला सर्च ऑपरेशन
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    8 मार्च 2014 में कुआलालंपुर से बीजिंग जाते हुए लापता हुए मलेशिया एयरलाइंस के एमएच 370 में 239 यात्री सवार थे। - फाइल



    कुलालालंपुर. चार साल से चली आ रही मलेशियाई प्लेन एमएच-370 की खोज रोक दी गई है। अमेरिकी कंपनी ओशियन इनफिनिटी ने 90 दिन में इसके मलबे को ढूंढने का टॉस्क लिया था। पर नाकाम रही। कंपनी ने पनडुब्बी की मदद से हिंद महासागर के 80 हजार वर्ग किमी इलाके में 6 हजार मीटर गहराई तक खोज की। मलेशिया से समझौते के तहत कंपनी इस ऑपरेशन के लिए एक भी पैसा नहीं लेगी। अगर कंपनी सफल रहती तो उसे 475 करोड़ रुपए मिलते। इससे पहले 2017 में ऑस्ट्रेलिया, चीन और मलेशिया ने भी अभियान को रोक दिया था। 1 लाख 20 हजार वर्ग किमी इलाके में सर्च अभियान चलाया था। इस पर 1360 करोड़ रुपए खर्च हुए थे।

    अब तक क्या मिला

    - 29 जुलाई 2015 को फ्रांस के रियूनियन द्वीप पर छह फीट का टुकड़ा मिला था। 5 अगस्त को मलेशिया ने पुष्टि की थी कि यह टुकड़ा एमएच-30 का ही है। इसके अलावा हिंद महासागर और अफ्रीका सागर में एमएच-30 प्लेन के संभावित 20 से ज्यादा टुकड़े मिले हैं।

    क्या हुआ 8 मार्च 2014 को

    - 8 मार्च 2014 को एमएच-370 ने कुआलालंपुर से बीजिंग के लिए उड़ान भरी। एक घंटे के भीतर संपर्क टूट गया। पायलट की तरफ से कोई भी संदेश नहीं भेजा गया। दक्षिण चीन सागर में प्लेन की खोज की गई। हालांकि जांच में एक साल बाद पता चला कि प्लेन दक्षिण की और मुड़ गया था। इसके बाद हिंद महासागर में सर्च अभियान शुरू किया।

    क्यों है सबसे रहस्यमय हादसा

    - प्लेन निश्चित मार्ग से कम ऊंचाई पर था। जांच में पता चला कि प्लेन दक्षिण में समुद्र की तरफ मुड़ गया। सभी संचार उपग्रह बंद कर दिए गए थे।

    - प्लेन से किसी तरह का इमरजेंसी मैसेज नहीं भेजा गया। संभावित मार्ग पर पांच सैन्य राडार पड़ते हैं। पर किसी को प्लेन नहीं दिखा। इनमें 2-2 रडार भारत और इंडोनेशिया व 1 थाईलैंड का था।

    15 देशों के 239 लोग थे प्लेन में, चीन के 152

    देशयात्रियों की संख्या
    ऑस्ट्रेलिया6
    कनाडा2
    चीन152
    फ्रांस4
    हॉन्ग कॉन्ग1
    भारत5
    इंडोनेशिया7
    ईरान2
    मलेशिया50
    नीदरलैंड1
    रुस1
    ताइवान1



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    MH 370 प्लेन हिंद महासागर में किसी अनजान जगह हादसे का शिकार हुआ था। - फाइल
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