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सरकार की पोल खोल आंदोलन के तहत किसानों का प्रदर्शन अधिकारी नहीं मिले तो ऑफिस के आगे चिपकाए ज्ञापन

राष्ट्रीय आह्वान पर राजस्थान किसान सभा ने भाजपा शासन सरकार की पोल खोल, हल्ला बोल कार्यक्रम के तहत गुरुवार को उपखंड...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 06:45 AM IST
सरकार की पोल खोल आंदोलन के तहत किसानों का प्रदर्शन अधिकारी नहीं मिले तो ऑफिस के आगे चिपकाए ज्ञापन
राष्ट्रीय आह्वान पर राजस्थान किसान सभा ने भाजपा शासन सरकार की पोल खोल, हल्ला बोल कार्यक्रम के तहत गुरुवार को उपखंड मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया तथा सरकार विरोधी नारे लगाते हुए तीन-अलग-अलग ज्ञापन अधिकारियों की अनुपस्थिति में ऑफिस के आगे चिपकाए। उपखंड मुख्यालय के आगे किसानों ने शाम पांच बजे तक धरना दिया तथा शुक्रवार सुबह 10 बजे से फिर से धरना देंगे। इससे पूर्व गुरुवार सुबह किसान मजदूर भवन में एकत्रित हुए तथा वहां बैठक कर जुलूस के रूप में उपखंड कार्यालय पहुंचे। इस दौरान राज्य व केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना शुरू किया, जो शाम पांच बजे तक चला। धरने को राजस्थान किसान सभा प्रदेशाध्यक्ष हीरालाल कलवाणिया, खेमसिंह चौहान, रामकरण चौधरी, रामनारायण रूलाणिया, कालूराम नाई, तुलछाराम खाती, मनफूल भांमू, सरिता जाट, रामचंद्र भांमू, शंकरलाल मेघवाल, मोहनलाल भाकर, तेजपाल गोदारा, बनवारीलाल शर्मा, हनुमानप्रसाद भुवाल आदि ने संबोधित किया। वक्ताओं ने राज्य व केंद्र सरकार की किसान व आमजन विरोधी नीतियों पर तीखे प्रहार किए तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जुमलाबाज बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने जो घोषणाएं चुनाव के समय की थी, वह आज तक पूरी नहीं हुई। जनता लगातार बढ़ती महंगाई से परेशान है। धरने के बाद किसान ज्ञापन देने पहुंचे, मगर राजस्व शिविर के कारण अधिकारी कार्यालय में उपस्थित नहीं थे। किसानों ने अपने तीन अलग-अलग ज्ञापन एसडीएम कार्यालय के बाहर चिपका दिए तथा घोषणा की, कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा, या फिर प्रशासन संतोषजनक जबाब नहीं मिलेगा, उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

चस्पा किए गए ज्ञापनों में यह है मांगें : किसान सभा तहसील कमेटी की ओर से एसडीएम कार्यालय के आगे प्रधानमंत्री व कलेक्टर के नाम चस्पा किए गए ज्ञापनों में विभिन्न मांगों का उल्लेख किया गया है। ज्ञापन में रतनगढ़ में कृषि मंडी व बेसहारा पशुओं के लिए केटल कैंप खोलने, किसानों का कर्जा बट्‌टा खाते में डालने, बेरोजगारों को रोजगार देने या फिर 25 लाख रुपए बिना ब्याज रोजगार के लिए ऋण दिए जाने, वृद्धा, विधवा व विकलांगों को 10 हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन देने, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई दरें वापस लेने तथा राज्य सरकार का टैक्स 50 प्रतिशत कम करने, वंचित लोगों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ने तथा 35 किलो गेहूं प्रतिमाह दो रुपए किलो की दर से देने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, अकाल से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा देने, खेती के लिए अलग से बजट जारी करने, तहसील के हर गांव को नहर से जोड़ने, गांव हंसासर में चल रही अवैध शराब की दुकान बंद करने व थानाधिकारी द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार की जांच करवाने की मांग की गई।

रतनगढ़. उपखंड मुख्यालय पर धरने को संबोधित करते किसान नेता कलवाणिया।

जल्द ही बीमा क्लेम नहीं मिला तो आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे किसान

सादुलपुर | मिनी सचिवालय के सामने बकाया बीमा क्लेम की मांग को लेकर दिया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को 60 वें दिन जारी रहा। अखिल भारतीय किसान सभा तहसील कमेटी की ओर से दिए जा रहे धरने पर गुरुवार को मोहरसिंह, हरफूल कुल्हरिया, होशियार सिंह, सुभाष धानक, हरिराम, बनवारीलाल मूंड, बनवारी जाखड़, कर्ण सिंह, प्रतापसिंह, मनीराम ढाका, बनवारीलाल सुणिया, ओमप्रकाश शर्मा, चंद्रपाल राहड़, सोहन राहड़, उम्मेदसिंह, रेशमा आदि बैठे तथा किसान विरोधी भाजपा सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए। उपाध्यक्ष भगतसिंह ने बताया कि जल्द ही बीमा क्लेम नहीं दिया गया तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि 22 मई को घोषित ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में किसानों से जनसंपर्क किया जा रहा है।

सादुलपुर. बीमा क्लेम को लेकर धरने पर बैठे किसान।

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