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नर्सिंग स्टूडेंट के ब्लड चढ़ाने के बाद युवती की तबीयत बिगड़ी

एसके अस्पताल के फीमेल मेडिकल वार्ड में भर्ती एनीमिक युवती को मंगलवार को नर्सिंग स्टूडेंट ने आधे घंटे में 1 यूनिट...

Danik Bhaskar | May 02, 2018, 06:30 AM IST
एसके अस्पताल के फीमेल मेडिकल वार्ड में भर्ती एनीमिक युवती को मंगलवार को नर्सिंग स्टूडेंट ने आधे घंटे में 1 यूनिट ब्लड चढ़ा दिया। रिएक्शन होने से युवती की तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टर ने वार्ड में पहुंचकर इलाज किया। नागौर की फरजाना (18) की तबीयत बिगड़ने पर सोमवार को फीमेल मेडिकल वार्ड में भर्ती किया। फरजाना एनीमिक है। डॉ. देवेंद्र दाधीच ने ब्लड चढ़ाने की जरूरत बताई। परिजनों ने मंगलवार सुबह ब्लड की व्यवस्था कर वार्ड में स्टाफ को दे दिया। नर्सिंग स्टूडेंट ने आधे में एक यूनिट ब्लड फरजाना को चढ़ा दिया। इससे फरजाना के शरीर पर फफोले आ गए। परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ को बताया। आरोप है स्टाफ ने मामले को दबाने की कोशिश की। परिजनों का कहना है कि आधे घंटे में ही 1 यूनिट ब्लड चढ़ाने से तबीयत बिगड़ गई। परिजन इसके बाद इलाज कर रहे डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टर ने फरजाना का इलाज शुरू किया। दो घंटे बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। तब जाकर परिजनों ने राहत की सांस ली। मामले में फिजिशियन डॉ. देवेंद्र दाधीच का कहना है कि मंगलवार को मेरी छुट्टी होने के कारण अस्पताल नहीं गया था। परिजनों ने हालत बिगड़ने की जानकारी दी थी। इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे डॉक्टर को इलाज के लिए भेजा था। बुधवार को पता किया जाएगा कि युवती की हालत क्यों बिगड़ी।

एसके अस्पताल

परिजनों का आरोप-एनीमिक युवती को आधे घंटे में ही 1 यूनिट ब्लड चढ़ाने से बिगड़ी तबीयत

एसके अस्पताल में भर्ती फरजाना।

जनाना हॉस्पिटल भवन के ऊपर बनी टंकी में लीकेज बढ़े, सीलन का खतरा

जनाना अस्पताल भवन के ऊपर बनी पानी की टंकी में लीकेज बढ़ गए हैं। इससे अस्पताल भवन में सीलन आने से खतरा बढ़ गया है। अस्पताल प्रभारी ने एनआरएचएम एक्सईएन को चिट्ठी लिखकर टंकी के लीकेज दुरूस्त करने को कहा है। जनाना अस्पताल प्रभारी डॉ. बीएल राड़ ने बताया कि भवन के ऊपर बनी टंकी में लीकेज होने से पानी का रिसाव बढ़ गया है। इससे नीचे बने वार्डों में सीलन का आने का खतरा हो गया। पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। मंगलवार को एनआरएचएम एक्सईएन को टंकी की मरम्मत कराने के लिए चिट्ठी लिखी है। अस्पताल निर्माण के दौरान ठेकेदार पर घटिया निर्माण सामग्री काम में लिए जाने के आरोप लगाए थे। अब लगातार खामियां सामने आने से समस्या बढ़ गई है।