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सब्जियों की आवक का आंकड़ा 1500 से बढ़ 4000 क्विंटल पहुंचा, किसान मायूस

10 साल में पहली बार ज़ायद के सीजन में सब्जियों का उत्पादन का आंकड़ा तीन गुना तक बढ़ गया है। उपज ज्यादा होने से किसानों...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 07:05 AM IST
सब्जियों की आवक का आंकड़ा 1500 से बढ़ 4000 क्विंटल पहुंचा, किसान मायूस
10 साल में पहली बार ज़ायद के सीजन में सब्जियों का उत्पादन का आंकड़ा तीन गुना तक बढ़ गया है। उपज ज्यादा होने से किसानों को मंडी में खरीदार तक नहीं मिल रहे हैं। हाल ये है कि टमाटर, कद्दू, मिर्च, लौकी सहित कई सब्जियों के थोक भाव 2 से 5 रुपए किलो से ज्यादा नहीं है। इतने कम भाव होने के बावजूद मंडी आने वाले 10 से 15 फीसदी किसानों को खरीदार तक नहीं मिलने की वजह से हर रोज 150 से 200 क्विंटल सब्जी बिना बिके खुले प्लेटफार्म पर ही छोड़नी पड़ रही है।

सीकर कृषि उपज मंडी से हर दिन खरीदार नहीं होने की वजह से चार से पांच ट्रक सब्जी गोशालाओं में भिजवाई जा रही है। 50 से 70 क्विंटल से ज्यादा सब्जी गर्मी में सड़ने की वजह से फेंकनी पड़ रही है। कारोबारी राजेश कुमार, महेश सैनी व नरेश कुमार के अनुसार, सीकर कृषि उपज मंडी में थोक मार्केट में सब्जियों के ये हालात 10 साल में पहली बार हुए है। भावों में मंदी की स्थिति एक माह से लगातार बनी हुई है। एक माह पहले मार्च के अंतिम सप्ताह तक सब्जियों के थोक भाव 10 से 15 रुपए प्रतिकिलो तक रहे थे।

10 साल में पहली बार थोक मार्केट में ज्यादातर सब्जियों के भाव 1 से 8 रुपए किसानों को नहीं मिल रहे खरीदार, हर दिन सड़ रही है 100 क्विंटल सब्जियां

सीकर. फल सब्जी मंडी सीकर में एक दुकान पर बिना बिके रही करीब 5 क्विंटल से ज्यादा सब्जी किसानों द्वारा खुले प्लेटफार्म पर रखी हुई थी।

बड़ी राहत : मार्च में 20 रु. बिक रही सब्जी अब खुदरा में 5-10 रुपए | महज दो माह पहले मार्च के प्रथम सप्ताह तक खुदरा मार्केट में 20 से 40 रुपए प्रतिकिलो के भाव में बिकने वाले मिर्च, टमाटर, कद्दू व लोकी समेत कई सब्जी अब उपभोक्ता को मात्र 5 से 10 रुपए प्रतिकिलो तक आसानी से मिल रहे है। सब्जियों के खुदरा मार्केट में आई भारी गिरावट के बाद उपभोक्ता को दैनिक घरेलू बजट से भी बड़ी राहत मिली है।

आगे क्या: अगले महीने शादी सीजन में सुधार की उम्मीद

कारोबारियों की माने तो मई के अंतिम सप्ताह तक सब्जियों के थोक भावों में एक बार फिर तेजी आएगी। बड़ी वजह लोकल स्तर पर जायद की फसलें नष्ट हो रही है। वहीं मंदे भावों को देखते हुए बड़ी संख्या में किसानों को फसलों की सिंचाई करना ही बंद कर दिया है। ऐसे में एक साथ सब्जियों के उत्पादन में कमी आएगी। अगले माह में शादी का सीजन शुरू होने से सब्जियों की मांग रहेगी।

जानिए मार्केट में प्रमुख सब्जियों के औसत थोक व खुदरा भाव

सब्जी थोक खुदरा भाव

टमाटर 3 से 5 5-7

मिर्च 3 से 4 5 से 8

गोभी 10 से 15 20 से 30

करेला 5 से 8 10 से 15

लोकी 2 से 3 5 से 6

तुरई 3 से 5 8 से 10

कैरी 5 से 12 20 से 25

हरा धनिया 20 से 30 40 से 50

खराब होने के बाद फैंकी गई सब्जियां

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