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अपने ही विधि सलाहकार को अवैध निर्माण से जुड़ी फाइलें नहीं दे रही नगर परिषद्

शहर में बिना नगर परिषद् की अनुमति के पूर्व में कई व्यवसायिक कॉम्पलेक्स का निर्माण हो चुका है तथा वर्तमान में भी...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 07:20 AM IST
शहर में बिना नगर परिषद् की अनुमति के पूर्व में कई व्यवसायिक कॉम्पलेक्स का निर्माण हो चुका है तथा वर्तमान में भी निर्माण जारी है। मगर इन पर कार्रवाई के लिए ना तो नगर परिषद् खुद कोई ठोस कदम उठा पा रहा है और ना ही इनकी कानूनी लड़ाई के लिए अपने विधि सलाहकार को इनसे जुड़ी फाइलें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। नगरपरिषद के विधि सलाहकार एडवोकेट हेमंत शर्मा ने बिना स्वीकृति के बने व्यवसायिक कॉम्पलेक्स से संबंधित पत्रावलियों की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करवाने के लिए आयुक्त को भी पत्र लिखा है। पत्र में बताया गया कि स्टेशन रोड स्थित कॉम्पलेक्स से संबंधित पत्रावलियों के प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए पूर्व में 16 व 20 अप्रैल को आयुक्त को पत्र लिखा गया था। आयुक्त ने संबंधित लिपिक को दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए पाबंद भी किया। मघराज डूडी आयुक्त नगरपरिषद, सुजानगढ़ ने कहा कि विधि सलाहकार की ओर से न्यायालय में लंबित प्रकरणों के संबंध में पत्रावलियों की प्रमाणित प्रतिलिपी मांगी गई थी, जो जल्द उपलब्ध करवा दी जाएगी।

2009 के 43 मामलों में आज तक नहीं हुई कार्रवाई

नगर परिषद् में चार जुलाई 2009 को भू उपयोग परिवर्तन की बैठक में 43 प्रकरणों पर शास्ती आरोपित कर नियमन का निर्णय लिया गया, मगर इनको आज तक नोटिस तक जारी नहीं किया गया। इसी प्रकार चार मई 2015 को 10 अवैध निर्माण के प्रकरणों को चिन्हित किया गया, लेकिन इनमें भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। नगर परिषद् की ओर से अवैध निर्माण के 12 प्रकरणों का कोर्ट में इस्तगासा जरूर दायर किया गया, जो अब तक विचाराधीन है, मगर अवैध कॉम्पलैक्सों का निर्माण कब का पूरा हो चुका है। इसी प्रकार 12म ई 2016 को हुई परिषद की कार्यसमिति की बैठक में आठ पत्रावलियों में भवन निर्माण स्वीकृति शास्ती आरोपित कर जारी करने का निर्णय किया गया, मगर इनमें भी अब तक नोटिस जारी नहीं किए गए। शहर में मुख्य बाजार, नया बाजार, भोजलाई चौराहा, स्टेशन रोड, लाडनूं रोड व बस स्टैंड आदि स्थानों पर अवैध निर्माण हो रहे है।