राजस्थान / जनाना अस्पताल में आधी रात पालना गृह में छोड़ गए एक दिन की बच्ची, हालत नाजुक



नवजात बच्ची जिसे छोड़ा गया। नवजात बच्ची जिसे छोड़ा गया।
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नवजात बच्ची जिसे छोड़ा गया।नवजात बच्ची जिसे छोड़ा गया।

  • बुधवार रात 11.35 बजे नवजात को छोड़ा, माता-पिता का पता नहीं चला
  • घर पर डिलीवरी संभव, क्योंकि नाल पर बांधा गया है धागा

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2019, 10:16 AM IST

सीकर। राजकीय जनाना अस्पताल में स्थित पालना गृह में बुधवार आधी रात को एक नवजात मिली। जनाना हॉस्पिटल के पालना गृह में बच्चा रखने की यह चौथी घटना है। बुधवार रात 11.35 बजे पालने का अचानक अलार्म बजा। एफबीएनसी स्टाफ मौके पर पहुंचा।

 

नवजात को लेकर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. इंद्रा राठौड़ काको सूचना दी। नवजात को एफबीएनसी में भर्ती किया है। जनाना हॉस्पिटल प्रभारी डा. बीएल राड़ ने बताया कि बुधवार रात 11.35 बजे पालने का अलार्म बजा। एफबीएनसी का नर्सिंग स्टाफ सुभाष दूत पालने के पास पहुंचा। वहां पालने में नवजात बच्ची मिली। बच्ची को पालने से लेकर एफबीएनसी में भर्ती किया। चाइल्ड स्पेशलिस्ट डा. इंदिरा राठौड़ को सूचना भिजवाई।

 

इसके बाद नवजात का इलाज शुरू किया। डा. बीएल राड़ ने बताया कि बच्ची का वजन एक किलो 800 ग्राम है। संभवतया महिला की घर पर ही डिलीवरी हुई है। क्योंकि बच्ची की नाल पर धागा बंधा हुआ है। बच्ची के स्वास्थ्य परीक्षण से लगता है उसका जन्म एक दिन पूर्व हुआ है। नवजात के स्वास्थ्य को लेकर 24 घंटे महत्वपूर्ण है। हॉस्पिटल प्रबंधन ने गुरुवार को पालने में मिली नवजात की जानकारी बाल कल्याण समिति को दी। बाल कल्याण गृह के स्टाफ ने जानकारी ली। 

 

नवजात को पांच बार पाउडर का दूध पिलाया गया 
 

नवजात बच्ची को एफबीएनसी का स्टाफ दूध पिला रहा है। गुरुवार को दिन में पांच बार पाउडर से बना दूध नवजात बच्ची को दिया गया। जनाना हॉस्पिटल प्रभारी ने नवजात बच्ची के स्वास्थ्य को लेकर स्टाफ की विशेष ड्यूटी लगाई है। 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। 

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