• Hindi News
  • Rajasthan
  • Sikar
  • Sikar News rajasthan news 16 students created models on the old theme so not a single award was won in the sikar science fair

16 छात्रों ने पुरानी थीम पर बनाए मॉडल, इसलिए सीकर विज्ञान मेले में जीत नहीं पाया एक भी अवार्ड

Sikar News - राज्य स्तरीय विज्ञान मेला का समापन मंगलवार को हुआ। चार दिन तक हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं में से किसी में भी सीकर के...

Dec 04, 2019, 12:21 PM IST
Sikar News - rajasthan news 16 students created models on the old theme so not a single award was won in the sikar science fair
राज्य स्तरीय विज्ञान मेला का समापन मंगलवार को हुआ। चार दिन तक हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं में से किसी में भी सीकर के शिक्षक व विद्यार्थी जगह नहीं बना सके। मॉडल प्रदर्शनी, क्विज व सेमिनार की 14 विभिन्न वर्ग व विषयों की प्रतियोगिताएं हुई थी।

सीकर से 16 स्टूडेंट्स ने माॅडल अाैर एक शिक्षक ने सेमिनार में हिस्सा लिया था। प्रतियोगिताएं जूनियर व सीनियर वर्ग के लिए हुई। हैरानी यह है कि डूंगरपुर, बांसवाड़ा, धौलपुर व जालौर जैसे छोटे जिलों के स्टूडेंट्स ने कमाल दिखाते हुए विभिन्न विषयों की मॉडल प्रदर्शनी में पहला स्थान बनाने में कामयाबी हासिल कर ली।

दैनिक भास्कर ने निर्णायक मंडल व विशेषज्ञों से बातचीत कर समझने की कोशिश की कि इस प्रतियोगिता में सीकर जिला क्यों पीछे रह गया। इसे एक उदाहरण से इस तरह समझें। धागे से गणितीय प्रमेय को समझाना था, लेकिन सीकर की एक लकड़ी के बोर्ड पर ही कीलंे लगाकर साधारण मॉडल बना दिया। प्रजेंटेशन में स्टूडेंट्स इसे समझा भी नहीं पाए। प्रतियोगिता के दौरान हर वर्ग में सीकर के साथ ऐसे ही हुआ। इसके कारण यह दूसरे जिलों से पिछड़ गया।

थीम आधारित मॉडल के कारण बाहरी छात्रों को मिले अधिक अंक : डिप्टी डायरेक्टर

मेले के निर्णायक मंडल सदस्य अपने विषय के विशेषज्ञ और कई वर्षों के अनुभवी हैं। एक ही प्रतिभागी को तीन निर्णायक सदस्य अलग-अलग जांच कर अंक प्रदान करते हैं। मॉडल अनुसार ही बताने, अच्छी प्रजेंटेशन देने, थीम पर आधारित मॉडल, समाज उपयोगी होने पर ही अधिक अंक मिलते हैं। प्रतियोगिता के दौरान इस पैमाने पर जो अभ्यर्थी सफल उतरे उन्हें ही अधिक अंक मिले, इसलिए वे विजेता बने। - एलके अमेटा, डिप्टी डायरेक्टर, एसआईईआरटी, उदयपुर

सीकर. प्रदेशभर के युवा वैज्ञानिकों ने दिखाया हुनर, निर्णायक युवा वैज्ञानिकों के बनाए मॉडल्स की जांच करते हुए।

सीकर ने 12 मॉडल प्रस्तुत किए, लेकिन इनमें से 10 मॉडल पुरानी थीम पर डिस्प्ले किए गए

1. मॉडल में वैज्ञानिक सोच का होना या नहीं, विज्ञान की तरफ रुचि बढ़ाने वाला है या नहीं, बच्चे का प्रस्तुतिकरण का स्तर, भविष्य में मॉडल कामयाब है या नहीं, देखा जाता है।

सीकर में क्या : सीकर से 12 मॉडल प्रस्तुत किए गए। इनमें से 10 पुरानी थीम पर थे। स्टूडेंट्स इनकी तैयारी भी नहीं करके आए थे। इसलिए वे विशेषज्ञों को इनके बारे में बता नहीं सके।

क्यों छोटे जिले सीकर को उसके ही घर में हरा पाए?

सर्वाधिक 8 अवार्ड गनोड़ा स्कूल बांसवाड़ा को, निदेशक बोले-हम बच्चों को विज्ञान पढ़ाते नहीं बल्कि सिखाते हैं

छोटे-छोटे जिले जीत पाए। इसकी वजह तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने इसके हर पक्ष को जाना। दिव्यांगों के लिए बोलने वाली छड़ी बनाने वाली धौलपुर जिले की धानी दूबे ने कहा कि शिक्षक समस्याओं के समाधान में मदद को तैयार रहते हैं। बांसवाड़ा की विजेता शुभम ने भी शिक्षकों और स्कूल के वातावरण को जीत के लिए प्रेरित करने का श्रेय दिया है। अलवर के रामावि उमरैण की शिक्षिका विजय लक्ष्मी ने शिक्षक सेमिनार में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वह मानती है कि विषय पर शोध करने, प्रैक्टिस और रोजाना की गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक गतिविधियों से ही जीत मिलती है। विज्ञान मेले में सभी वर्गों में गनोड़ा स्कूल बांसवाड़ा के 8 विद्यार्थियों को अवार्ड मिले। इस कामयाबी पर स्कूल निदेशक दिग्विजय सिंह ने कहा कि बच्चों को स्कूल में विज्ञान पढ़ाते नहीं, बल्कि सिखाते हैं।

क्यों अपने ही मैदान में जीत नहीं सका सीकर?

सीकर के स्टूडेंट्स के मॉडल करंट टॉपिक्स पर नहीं थे : सहायक निदेशक

संयुक्त निदेशक व सीडीईओ सुरेंद्र सिंह गौड़ का कहना है कि सीकर के विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में अच्छा करने का प्रयास किया। प्रैक्टिस की कमी रही है। सभी स्कूलों के प्रिंसिपल को पाबंद करेंगे जिससे भविष्य में समय से ही प्रैक्टिस पर ध्यान दिया जाए। इसी तरह सहायक निदेशक ओम पनगड़िया का कहना है कि सीकर के विद्यार्थियों के मॉडल करंट टॉपिक्स पर नहीं रहे। निर्णायक मंडल के पैमाने के अनुसार नहीं थे। दैनिक भास्कर ने 48 बार राज्यस्तरीय, 10 बार राष्ट्रीय विज्ञान मेले में शामिल हो चुके सरदारशहर के शिक्षक बजरंगलाल सोनी से भी बात की। उनका कहना है कि सीकर में नंबरों की दौड़ हो रही है, लेकिन विज्ञान में कुछ नया सिखाने की कोशिश कोई नहीं कर रहा। इसी वजह से मॉडल निर्णायक मंडलों को पसंद नहीं आए।

2. क्विज प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की पहले लिखित परीक्षा होती है, उत्तीर्ण होने वालों को तीन समूह में विभाजित किया जाता है। फिर मौखिक क्विज में बायोलॉजी, फिजिक्स, मैथ्म, कैमिस्ट्री के प्रश्न पूछे जाते हैं। इन सभी चरणों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विजेता बनते हैं।

सीकर में क्या : स्टूडेंट विज्ञान से जुड़े सवालों के जवाब नहीं दे सका। इसलिए उसका नंबर कटते गए।

3. सेमिनार प्रतियोगिता में भी प्रजेंटेशन का स्तर संबंधित होना, विषय पर प्रजेंटेशन का कंटेंट और उसे प्रजेंट करने के लिए विभिन्न शैक्षिक श्रव्य दृश्य सामग्री का उपयोग है या नहीं। इन सभी चरणों के स्तर पर अंक प्रदान किए जाते हैं।

सीकर में क्या : सीकर का स्टूडेंट्स टॉपिक पर पूरी जानकारी के साथ नहीं आया और वे इसे निर्णायक मंडल के सामने सही तरीके से बोल भी नहीं पाया।

विभिन्न प्रतियोगिता में प्रथम

जूनियर वर्ग


सीनियर वर्ग


Sikar News - rajasthan news 16 students created models on the old theme so not a single award was won in the sikar science fair
X
Sikar News - rajasthan news 16 students created models on the old theme so not a single award was won in the sikar science fair
Sikar News - rajasthan news 16 students created models on the old theme so not a single award was won in the sikar science fair
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना