घटिया उर्वरकों की बिक्री राेकने के लिए कृषि विभाग अब अाॅनलाइन करेगा जांच
घटिया गुणवत्ता के उर्वरक बेचने वाले विक्रेताअाें की अब खैर नहीं हाेगी। प्रदेशभर में राज्य सरकार ने किसानाें काे अच्छी गुणवत्ता के उरवर्क उपलब्ध करवाने के लिए विक्रेताअाें की जांच के लिए लागू प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर बदलाव कर अाॅनलाइन कर दी है। याेजना के मुताबिक अब उरवर्क विक्रेताअाें की जांच के दाैरान कृषि विभाग के अधिकारी काउंटर पर पहुंचते ही संबंधित दुकान का फाेटाे अाॅनलाइन करेंगे। इसके बाद नमूने लेने की पूरी प्रक्रिया अाॅनलाइन की जाएगी। इसमें जांच करते हुए अधिकारियाें की फाेटा, नमूनाें की फाेटाे, नमूने पैकिंग करने की फाेटा व लैब में जांच की पूरी प्रक्रिया की फाेटाे अाॅनलाइन किया जाएगा। गुणनियंत्रण प्रदेशप्रभारी जगपाल सिंह के अनुसार फिलहाल उरवर्काें की अाॅनलाइन जांच प्रक्रिया ट्रायल के ताैर पर लागू की गई है। अप्रेल के प्रथम सप्ताह से इसे कार्यरूप में लाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि दैनिक भास्कर ने लगातार किसानाें काे वितरित किए जा रहे घटिया किस्म के उरवर्काें की शिकायत काे प्रमुखता से प्रकाशित कर उजागर किया है। इसके बाद कृषि विभाग की अाेर से जांच प्रक्रिया काे पूरी तरह से अाॅनलाइन लागू किया गया है।
टेंपरप्रूफ डिब्बाें में रखे जाएंगे उवर्रकों के सैंपल
सेम्पिंग के साथ ही संबंधित प्रतिष्ठान की जांच की रिपाेर्ट सबमिट हाेते ही जांच अधिकारी काे अाॅनलाइन अाेटीपी मिलेगी। जिससे संबंधित जांच अधिकारी के द्वारा नमूने काे सुरक्षित कर दिया जाएगा। नमूनाें काे टेंपरप्रूफ डिब्बाें में सुरक्षित किया जाएगा। ताकि नमूने में किसी भी तरह का फेरबदल नहीं किया जा सके।