चाइनीज उत्पादों के आयात पर रोक, भारतीय पिचकारियों की कीमत बढ़ी
कोरोसा वायरस के कारण इस बार चाइनीज पिचकारी, मैजिक बैलून आदि उत्पादों के आयात पर रोक थी। इसका असर बाजार में बढ़ी कीमतों के रूप में सामने आया है। पिछले साल तक 111 मैजिक बलून का पैकेट गत वर्ष तक 35 रुपए में बाजार में उपलब्ध था, लेकिन इस बार इसकी कीमत 70 से 80 रुपए तक हो चुकी है। बंदूक, प्रेशरगन, पंप आदि की कीमत 200 रुपए तक है। इस बार बाजार में पिचकारी टैंक की सप्लाई कम हुई है। जिनके पास टैंक मिल रहा हैं वह उसे दोगुने दामों तक में बेच रहे हैं। आयात पर रोक से पहले कुछ माल डिलीवर हो गया था। ऐसे में चाइनीज पिचकारी 100 रुपए से शुरू होकर एक हजार रुपए तक मिल रही है। सीकर में रंग बाजार करीब एक करोड़ तक का ही है। थोक व्यापारियों के पास माल आया,लेकिन जब तक दूसरी डिलीवरी की बात आई तो रोक लगने के कारण कस्टम क्लीयरेंस में फंस गया। सीकर में ज्यादातर इंपोर्ट जयपुर, दिल्ली से होता है। इसमें केवल पिचकारियां है। जो चाइना से आता है। रंगों का बाजार ज्यादातर भारत का ही है। क्योंकि गुलाल राजस्थान में ही तैयार होता है। इसके अलावा मुर्गा छाप माल की सप्लाई यूपी के हाथरस से होती है। गुलाल के बाजार पर इसका कोई असर नहीं है। बाजार में रौनक एक दिन पहले की बनी। क्योंकि दो दिन पहले हुई बारिश और ओलों के कारण सर्दी बढ़ गई। इसके अलावा कोरोना से बचाव की जानकारी स्कूलों में बच्चों को दी जा रही है। इसके चलते भी बजार पर इसका असर दिखाई दे रहा है।
गुलाल व उसके भाव
हर्बल 100 ग्राम 80 रूपए
ऑर्गेनिक 70 ग्राम 100 रूपए
गिलीटर 50 ग्राम 50 रूपए